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वार्डबंदी के लिए अगस्त में होगा सर्वे, बिगडे़ंगे कइयों के समीकरण
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:42 AM IST
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राजेश सैनी
हिसार।
एक बार फिर से नई वार्डबंदी के लिए नगर निगम ने सर्वे कंपनी को आमंत्रित किया है। नगर निगम ने इसको लेकर टेंडर लगा दिया है। सात अगस्त को यह टेंडर ओपन हो जाएगा। इसके बाद जिस कंपनी को सर्वे का काम अलॉट होगा, वह वार्डबंदी संबंधित सर्वे का काम शुरू कर देगी।
नई वार्डबंदी के साथ ही लोकल स्तर पर राजनीति कर रहे लोगों के समीकरण बिगड़ेंगे। क्योंकि नई वार्डबंदी में एक वार्ड से दूसरे वार्डों के एरिया जुड़ने और टूटने के पूरे आसार हैं। कुछ बड़े वार्ड भी हैं, उनके एरिया को कम किया जा सकता है। छोटे वार्डों में कुछ एरिया जोड़ा जा सकता है। अगर वार्डों की संख्या बढे़गी तो सभी वार्डों में से एरिया और वोटर बंटेंगे। वोटर बंटने के साथ ही चुनावी मैदान में उतरने वाले लोगों के समीकरण बिगड़ने तय हैं।
डोर टू डोर होगा एससी, बीसी, जनरल कैटेगरी का सर्वे
सर्वे करने वाली कंपनी डोर टू डोर सर्वे करेगी। किस वार्ड में वर्तमान में एससी, बीसी, जनरल कैटेगरी के वोट हैं, इसको लेकर आंकड़ा एकत्रित करेगी। इसके आधार पर वार्डबंदी की जाएगी। यह फैसला डीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इसमें पूर्व पार्षद मौजूदा पार्षद शामिल होंगे। शहर में वार्डबंदी इनकी देखरेख में होगी। यह कमेटी पांच सदस्यीय या इससे ज्यादा की हो सकती है। कमेटी सदस्यों में हर कैटेगरी से एक-एक पार्षद या प्रतिनिधि ले लिया जाता है।
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यूं होगा सर्वे, वार्डबंदी
सर्वे करने वाली कंपनी शहर में गली मोहल्लों में जाकर डोर टू डोर आंकड़ा एकत्रित करेगी। मोहल्लों में छोटे-छोटे ब्लॉक बना लिए जाएंगे। इनके मैप तैयार कर लिए जाएंगे। आबादी और वोटरों का जो आंकड़ा आएगा, उसे सभी ब्लॉकों का टोटल कर विभाजित कर दिया जाएगा। लगभग बराबर-बराबर वोटर सभी वार्डों में बंट जाएंगे। यह सर्वे होने के बाद गठित कमेटी की देखरेख में यह सब होगा। वार्ड फाइनल करने से पहले आपत्तियां भी मांगी जाएंगी। वार्डबंदी फाइनल होने के बाद ड्रॉ निकाला जाएगा। इसमें कौन सा वार्ड आरक्षित होगा, कौन सा वार्ड महिला आरक्षित या जरनल होगा, यह तय होगा।
उठाया जाएगा 2011 का सेंसेक्स
इस बार वार्डबंदी में वर्ष 2011 के सेंसेक्स को उठाया जाएगा, जिसके अनुसार नगर निगम एरिया में जनसंख्या लगभग 3 लाख 78 हजार के आसपास है। इससे पहले वर्ष 2012 के सर्वे में वर्ष 2001 का सेंसेक्स उठाया गया थ। इसी को कोर्ट में आधार बनाया गया था।
राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट
वार्डबंदी के सर्वे की सूचना पर राजनीतिक दलों में लोकल स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई। राजनीतिक दल मान रहे हैं कि इस बार वार्ड 20 से बढ़कर 23 या 24 हो सकते हैं। मगर नियम इसके विपरीत हैं। मगर जो भी हो पार्षद बनने की चाह रखने वालों के लिए वार्डबंदी और निकाय चुनाव का बड़ा महत्व है। साथ ही राजनीतिक पार्टियों में हलचल होनी तय है। लोकल राजनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ता है।
2012 में हुई थी निकायों की वार्डबंदी
इससे पहले प्रदेश की कई नगर निकायों में वर्ष 2012 में वार्डबंदी हुई थी। 2010 तक हिसार नगर परिषद में 31 वार्ड थे। वर्ष 2010 में हिसार को नगर निकाय बना दिया गया। निकाय बनने के बाद जब 2012 में हुई इस वार्डबंदी को कोर्ट में चैलेंज किया गया था। वर्ष 2013 के नगर निकायों के चुनाव के समय कोर्ट ने फैसला दे दिया कि इस बार चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगली बार चुनाव से पहले नए सिरे से वार्डबंदी करवाई जाएगी।
वार्डबंदी संबंधित सर्वे को लेकर टेंडर साइट पर अपलोड कर दिया गया है। यह टेंडर सात अगस्त को खुलेगा। जिस भी कंपनी को अलॉट होगा, इसके बाद सर्वे का काम शुरू हो जाएगा।
- अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम
- निगम ने सर्वे के लिए आमंत्रित की कंपनी, बढ़ सकते हैं वार्ड
- राजनीतिक पार्टियों में हलचल, सबसे अधिक बीजेपी वाले एक्टिव
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हिसार।
एक बार फिर से नई वार्डबंदी के लिए नगर निगम ने सर्वे कंपनी को आमंत्रित किया है। नगर निगम ने इसको लेकर टेंडर लगा दिया है। सात अगस्त को यह टेंडर ओपन हो जाएगा। इसके बाद जिस कंपनी को सर्वे का काम अलॉट होगा, वह वार्डबंदी संबंधित सर्वे का काम शुरू कर देगी।
नई वार्डबंदी के साथ ही लोकल स्तर पर राजनीति कर रहे लोगों के समीकरण बिगड़ेंगे। क्योंकि नई वार्डबंदी में एक वार्ड से दूसरे वार्डों के एरिया जुड़ने और टूटने के पूरे आसार हैं। कुछ बड़े वार्ड भी हैं, उनके एरिया को कम किया जा सकता है। छोटे वार्डों में कुछ एरिया जोड़ा जा सकता है। अगर वार्डों की संख्या बढे़गी तो सभी वार्डों में से एरिया और वोटर बंटेंगे। वोटर बंटने के साथ ही चुनावी मैदान में उतरने वाले लोगों के समीकरण बिगड़ने तय हैं।
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डोर टू डोर होगा एससी, बीसी, जनरल कैटेगरी का सर्वे
सर्वे करने वाली कंपनी डोर टू डोर सर्वे करेगी। किस वार्ड में वर्तमान में एससी, बीसी, जनरल कैटेगरी के वोट हैं, इसको लेकर आंकड़ा एकत्रित करेगी। इसके आधार पर वार्डबंदी की जाएगी। यह फैसला डीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इसमें पूर्व पार्षद मौजूदा पार्षद शामिल होंगे। शहर में वार्डबंदी इनकी देखरेख में होगी। यह कमेटी पांच सदस्यीय या इससे ज्यादा की हो सकती है। कमेटी सदस्यों में हर कैटेगरी से एक-एक पार्षद या प्रतिनिधि ले लिया जाता है।
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यूं होगा सर्वे, वार्डबंदी
सर्वे करने वाली कंपनी शहर में गली मोहल्लों में जाकर डोर टू डोर आंकड़ा एकत्रित करेगी। मोहल्लों में छोटे-छोटे ब्लॉक बना लिए जाएंगे। इनके मैप तैयार कर लिए जाएंगे। आबादी और वोटरों का जो आंकड़ा आएगा, उसे सभी ब्लॉकों का टोटल कर विभाजित कर दिया जाएगा। लगभग बराबर-बराबर वोटर सभी वार्डों में बंट जाएंगे। यह सर्वे होने के बाद गठित कमेटी की देखरेख में यह सब होगा। वार्ड फाइनल करने से पहले आपत्तियां भी मांगी जाएंगी। वार्डबंदी फाइनल होने के बाद ड्रॉ निकाला जाएगा। इसमें कौन सा वार्ड आरक्षित होगा, कौन सा वार्ड महिला आरक्षित या जरनल होगा, यह तय होगा।
उठाया जाएगा 2011 का सेंसेक्स
इस बार वार्डबंदी में वर्ष 2011 के सेंसेक्स को उठाया जाएगा, जिसके अनुसार नगर निगम एरिया में जनसंख्या लगभग 3 लाख 78 हजार के आसपास है। इससे पहले वर्ष 2012 के सर्वे में वर्ष 2001 का सेंसेक्स उठाया गया थ। इसी को कोर्ट में आधार बनाया गया था।
राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट
वार्डबंदी के सर्वे की सूचना पर राजनीतिक दलों में लोकल स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई। राजनीतिक दल मान रहे हैं कि इस बार वार्ड 20 से बढ़कर 23 या 24 हो सकते हैं। मगर नियम इसके विपरीत हैं। मगर जो भी हो पार्षद बनने की चाह रखने वालों के लिए वार्डबंदी और निकाय चुनाव का बड़ा महत्व है। साथ ही राजनीतिक पार्टियों में हलचल होनी तय है। लोकल राजनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ता है।
2012 में हुई थी निकायों की वार्डबंदी
इससे पहले प्रदेश की कई नगर निकायों में वर्ष 2012 में वार्डबंदी हुई थी। 2010 तक हिसार नगर परिषद में 31 वार्ड थे। वर्ष 2010 में हिसार को नगर निकाय बना दिया गया। निकाय बनने के बाद जब 2012 में हुई इस वार्डबंदी को कोर्ट में चैलेंज किया गया था। वर्ष 2013 के नगर निकायों के चुनाव के समय कोर्ट ने फैसला दे दिया कि इस बार चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगली बार चुनाव से पहले नए सिरे से वार्डबंदी करवाई जाएगी।
वार्डबंदी संबंधित सर्वे को लेकर टेंडर साइट पर अपलोड कर दिया गया है। यह टेंडर सात अगस्त को खुलेगा। जिस भी कंपनी को अलॉट होगा, इसके बाद सर्वे का काम शुरू हो जाएगा।
- अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम
- निगम ने सर्वे के लिए आमंत्रित की कंपनी, बढ़ सकते हैं वार्ड
- राजनीतिक पार्टियों में हलचल, सबसे अधिक बीजेपी वाले एक्टिव