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घर से निकलते समय मां से बोला था भूषण, एक गिलास पानी दे दो, जल्दी जाना है...
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हांसी। मय्यड़ गांव के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत से सालों पुराना दोस्ताना खत्म हो गया। पिछले कई सालों से पांचों दोस्त बस में सवार होकर फतेहाबाद जाया करते थे। पांचों फतेहाबाद की कोर्ट में सरकारी नौकरी पर तैनात थे। छह महीने पहले से ही उन्होंने अपनी कार में जाना शुरू किया था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह फैसला उन्हीं के लिए मौत का कारण बनेगा।
पांचों दोस्त सरकारी नौकरी होने के साथ शादीशुदा भी थे। सभी खुश मिजाज थे। हंसते-खेलते हुए सभी का जीवन अच्छे से चल रहा था, लेकिन इस हादसे ने सभी का जीवन बिखेर कर रख दिया। हादसे में मौत का ग्रास बने भारत भूषण नागपाल की ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। उसका सवा साल का एक बेटा भी है। वहीं फतेहाबाद के सेशन जज एके जैन व अन्य स्टाफ कर्मियों ने हांसी में मृतकों के दाह संस्कार में पहुंचकर शोक प्रकट किया
शादी के बाद अपने भविष्य को लेकर भूषण ने कई सपने संजोए हुए थे, लेकिन इन सपनों की शुरुआत से पहले ही उसने जीवन को अलविदा कह दिया। अपने बेटे भूषण नागपाल की मौत पर उसकी मां ने कहा कि इस उम्र में तो उसके पास भगवान का बुलावा आना चाहिए था, जबकि भगवान ने उसके बच्चे को ही जवानी में उठा लिया। भूषण की मां ने रोते हुए कहा कि सुबह ही उसके बेटे ने उससे एक गिलास पानी मांगते हुए कहा कि उसे जल्दी जाना है, एक गिलास पानी दे दो, लेकिन उसे क्या पता था कि वह आखिरी बार उससे पानी मांग रहा है।
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दो महीने पहले ही भूूषण ने अपने बच्चे के जन्मदिन पर घर में सेलिब्रेशन भी किया था। भूषण व उनके भाइयों में काफी प्यार है। भूषण के बड़े भाई दीपक नागपाल भजन गायक हैं और उनकी जाट धर्मशाला के पास मोमेंटो की दुकान है। उनका छोटा भाई आलोक भी दुकान पर ही रहता है।
ईश के पिता बोले- बेटा हर रोज मिलकर जाता था
लेकिन आज मेरी आंख लगी रह गई, अब रहेगा पछतावा
वहीं मृतक ईश तनेजा के दो बच्चे हैं। उसकी चार साल की बेटी और छह साल का बेटा है। इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ईश पिछले करीब आठ साल से फतेहाबाद कोर्ट में नौकरी कर रहे थे। उनकी प्रमोशन होने ही वाली थी। ऐसे में वह अपना ट्रांसफर हांसी क्षेत्र के आसपास करवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही वे भगवान को प्यारे हो गए। इस हादसे के बाद ईश के पिता अर्जन तनेजा बोले- हर रोज बेटा उनसे मिलकर जाता था, लेकिन आज उनकी आंख लगी रह गई। अब कभी उनकी अपने बेटे से दोबारा मुलाकात नहीं होगी, उन्हें जिंदगीभर पछतावा रहेगा। ईश की मां ने रोते हुए कहा कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए कि उसके मां-बाप के जीवित रहते हुए उसके जवान बच्चों की मौत हो जाए।
पांचों दोस्त सरकारी नौकरी होने के साथ शादीशुदा भी थे। सभी खुश मिजाज थे। हंसते-खेलते हुए सभी का जीवन अच्छे से चल रहा था, लेकिन इस हादसे ने सभी का जीवन बिखेर कर रख दिया। हादसे में मौत का ग्रास बने भारत भूषण नागपाल की ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। उसका सवा साल का एक बेटा भी है। वहीं फतेहाबाद के सेशन जज एके जैन व अन्य स्टाफ कर्मियों ने हांसी में मृतकों के दाह संस्कार में पहुंचकर शोक प्रकट किया
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शादी के बाद अपने भविष्य को लेकर भूषण ने कई सपने संजोए हुए थे, लेकिन इन सपनों की शुरुआत से पहले ही उसने जीवन को अलविदा कह दिया। अपने बेटे भूषण नागपाल की मौत पर उसकी मां ने कहा कि इस उम्र में तो उसके पास भगवान का बुलावा आना चाहिए था, जबकि भगवान ने उसके बच्चे को ही जवानी में उठा लिया। भूषण की मां ने रोते हुए कहा कि सुबह ही उसके बेटे ने उससे एक गिलास पानी मांगते हुए कहा कि उसे जल्दी जाना है, एक गिलास पानी दे दो, लेकिन उसे क्या पता था कि वह आखिरी बार उससे पानी मांग रहा है।
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दो महीने पहले ही भूूषण ने अपने बच्चे के जन्मदिन पर घर में सेलिब्रेशन भी किया था। भूषण व उनके भाइयों में काफी प्यार है। भूषण के बड़े भाई दीपक नागपाल भजन गायक हैं और उनकी जाट धर्मशाला के पास मोमेंटो की दुकान है। उनका छोटा भाई आलोक भी दुकान पर ही रहता है।
ईश के पिता बोले- बेटा हर रोज मिलकर जाता था
लेकिन आज मेरी आंख लगी रह गई, अब रहेगा पछतावा
वहीं मृतक ईश तनेजा के दो बच्चे हैं। उसकी चार साल की बेटी और छह साल का बेटा है। इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ईश पिछले करीब आठ साल से फतेहाबाद कोर्ट में नौकरी कर रहे थे। उनकी प्रमोशन होने ही वाली थी। ऐसे में वह अपना ट्रांसफर हांसी क्षेत्र के आसपास करवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही वे भगवान को प्यारे हो गए। इस हादसे के बाद ईश के पिता अर्जन तनेजा बोले- हर रोज बेटा उनसे मिलकर जाता था, लेकिन आज उनकी आंख लगी रह गई। अब कभी उनकी अपने बेटे से दोबारा मुलाकात नहीं होगी, उन्हें जिंदगीभर पछतावा रहेगा। ईश की मां ने रोते हुए कहा कि भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए कि उसके मां-बाप के जीवित रहते हुए उसके जवान बच्चों की मौत हो जाए।