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धूम्रपान करने वालों में रोजाना शामिल हो रहे हैं 116 बच्चे

Thu, 31 May 2018 12:29 AM IST
Updated Thu, 31 May 2018 12:29 AM IST
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धूम्रपान करने वालों में रोजाना शामिल हो रहे हैं 116 बच्चे

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरियाणा में धूम्रपान करने वालों में बीड़ी पीने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। प्रदेश में करीब 23.7 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं। धूम्रपान से हर साल प्रदेश को करीब एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है। प्रतिवर्ष हरियाणा में तंबाकू के कारण करीब 28 हजार मौतें होती हैं। प्रदेश में 116 बच्चे रोजाना धूम्रपान करना सीख रहे हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में करीब 23.7 प्रतिशत लोग धूम्रपान करते हैं। यह आंकड़ा करीब 43 लाख बनता है। इसमें सबसे अधिक 15.3 प्रतिशत लोग बीड़ी पीते हैं। करीब 3.8 प्रतिशत लोग सिगरेट का सेवन करते हैं। प्रदेश में 6.4 प्रतिशत लोग हुक्का पीते हैं। यह सर्वे 15 साल से अधिक आयु के लोगों पर किया गया है।
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ये होती हैं बीमारियां
मुंह के 90 प्रतिशत कैंसर तंबाकू के कारण हो रहे हैं। तंबाकू का सेवन करने से शुगर, हार्ट अटैक, रक्तचाप, मुंह व गला, फेफडे़ का कैंसर, आंखों की रोशनी चले जाना, गैंग्रीन, नपुंसकता, हाथ-पैर में विकृति सहित कई तरह की बीमारियों का खतरा होता है। तंबाकू के धुएं में करीब सात हजार प्रकार के रासायनिक तत्व होते हैं, जिनमें 200 प्राण घातक होते हैं।
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स्कूली आयु में धूम्रपान सीखने वालों को कैंसर का खतरा सबसे अधिक होता है। इसमें 30 से 35 साल के लोग भी कैंसर की चपेट में आते हैं। करीब आठ प्रतिशत कैंसर मरीजों की मौत हो जाती है।
हुक्का भी कम उतना ही खतरनाक
फोर्टिस अस्पताल फाउंडेशन से जुड़े रेडियेशन आंकोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि हरियाणा में आमतौर पर हुक्के को कम खतरनाक बताते हैं। रिसर्च के अनुसार हुक्का भी उतना ही खतरनाक है। दरअसल अच्छी खुराक होने के कारण गांव के लोगों पर इसका असर थोड़ा सा देरी से होता है।

कितना धूम्रपान किसका
सिगरेट पीने वाले --6 लाख
बीड़ी पीने वाले ----27 लाख
हुक्का पीने वाले ------11 लाख
कुल धूम्रपान करने वाले ---43 लाख

नाबालिग को तंबाकू उत्पाद दिए तो सात साल की कैद
अगर कोई दुकानदार 18 साल से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचता पाया जाता है तो उस पर जस्टिस जुवेनाइल एक्ट के तहत एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और सात साल तक की कैद हो सकती है। नियमों के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान में तंबाकू उत्पाद नहीं बेच सकते।


बच्चे रॉल मॉडल से सीख रहे स्मोकिंग
तंबाकू के बारे में रिसर्च के अनुसार बच्चे स्मोकिंग अपने रोल मॉडल से सीखते हैं। इसमें उनके टीचर, पिता, दादा, फिल्म कलाकार सहित अन्य लोग होते हैं। फिल्मों में स्मोकिंग सीन को देखकर बच्चे इनसे प्रेरित होते हैं। इसके अलावा पार्क सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्मोकिंग देखकर बच्चे उनके प्रति आकर्षित होते हैं।
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