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जिले में 8 फैक्टरियां कर रहीं एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन
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हिसार। जिले में 8 मध्यम, लघु व सूक्ष्म इकाई (एमएसएमई) एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन कर रही है। एक जुलाई से प्रदेश में एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग चुका है। इस नियम के अनुसार एकल उपयोग प्लास्टिक के निर्माण, स्टोरेज, बिक्री व इस्तेमाल पर रोक लग चुकी है। इसी को देखते हुए विभाग ने इन इकाईयों के संचालकों को एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन छोड़कर इनके विकल्पों का निर्माण करने की सलाह दी है।
बता दें कि प्रदेश सरकार के एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के बाद एमएसएमई विभाग की तरफ से यह सर्वे किया गया था कि कितनी इकाई एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन कर रही है।
सबसे ज्यादा स्ट्रॉ बनाने की इकाईयां
जिले में कुल 8 इकाईयां ऐसी मिली हैं, जो एकल उपयोग प्लास्टिक बनाकर बेच रही है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या स्ट्रॉ बनाने वाली इकाईयों की हैं। इनकी संख्या चार है। इसके अलावा दो इकाईयां कप, एक इकाई ग्लास व एक इकाई मिठाई के डिब्बे बनाने की हैं। अधिकारियों के अनुसार एकल उपयोग प्लास्टिक से बने कप, ग्लास व स्ट्रॉ की जगह पेपर से बने कप, ग्लास व स्ट्रॉ का निर्माण किया जा सकता है।
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दो दिन से निगम का अभियान भी पड़ा ढीला
एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ नगर निगम का चालान काटने का अभियान भी दो दिनों ढीला पड़ा है। मंगलवार को निगम की टीम ने 2500 रुपये के तीन चालान किए थे, जबकि बुधवार को निगम ने एक भी चालान नहीं किया। हालांकि इससे पहले निगम की तरफ से काफी चालान किए गए थे।
नगर निगम की तरफ से अब तक किए गए चालान
तिथि राशि
6 जुलाई 4 हजार रुपये
7 जुलाई 39 हजार रुपये
8 जुलाई 19 हजार रुपये
11 जुलाई 6 हजार रुपये
13 जुलाई 3 हजार रुपये
15 जुलाई 13 हजार रुपये
18 जुलाई 15 हजार 500 रुपये
19 जुलाई 2500 रुपये
सर्वे में एकल उपयोग प्लास्टिक बनाने वाली 8 इकाईयां मिली हैं। इन इकाईयों के संचालकों को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है कि वह एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन तुरंत बंद कर दें। इनकी जगह वे इनके विकल्प का निर्माण कर सकते हैं। - जनक कुमार, सहायक निदेशक, एमएसएमई
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बता दें कि प्रदेश सरकार के एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के बाद एमएसएमई विभाग की तरफ से यह सर्वे किया गया था कि कितनी इकाई एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन कर रही है।
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सबसे ज्यादा स्ट्रॉ बनाने की इकाईयां
जिले में कुल 8 इकाईयां ऐसी मिली हैं, जो एकल उपयोग प्लास्टिक बनाकर बेच रही है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या स्ट्रॉ बनाने वाली इकाईयों की हैं। इनकी संख्या चार है। इसके अलावा दो इकाईयां कप, एक इकाई ग्लास व एक इकाई मिठाई के डिब्बे बनाने की हैं। अधिकारियों के अनुसार एकल उपयोग प्लास्टिक से बने कप, ग्लास व स्ट्रॉ की जगह पेपर से बने कप, ग्लास व स्ट्रॉ का निर्माण किया जा सकता है।
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दो दिन से निगम का अभियान भी पड़ा ढीला
एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ नगर निगम का चालान काटने का अभियान भी दो दिनों ढीला पड़ा है। मंगलवार को निगम की टीम ने 2500 रुपये के तीन चालान किए थे, जबकि बुधवार को निगम ने एक भी चालान नहीं किया। हालांकि इससे पहले निगम की तरफ से काफी चालान किए गए थे।
नगर निगम की तरफ से अब तक किए गए चालान
तिथि राशि
6 जुलाई 4 हजार रुपये
7 जुलाई 39 हजार रुपये
8 जुलाई 19 हजार रुपये
11 जुलाई 6 हजार रुपये
13 जुलाई 3 हजार रुपये
15 जुलाई 13 हजार रुपये
18 जुलाई 15 हजार 500 रुपये
19 जुलाई 2500 रुपये
सर्वे में एकल उपयोग प्लास्टिक बनाने वाली 8 इकाईयां मिली हैं। इन इकाईयों के संचालकों को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है कि वह एकल उपयोग प्लास्टिक का उत्पादन तुरंत बंद कर दें। इनकी जगह वे इनके विकल्प का निर्माण कर सकते हैं। - जनक कुमार, सहायक निदेशक, एमएसएमई