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1410 लोगों के इगरा टेस्ट में 701 को मिली सुप्त टीबी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Mar 2022 11:42 PM IST
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701 found dormant TB in 1410 people's Igra test
सिरसा रोड स्थित टीबी हॉस्पिटल। - फोटो : Hisar
हिसार। इगरा टेस्ट में 50 प्रतिशत लोगों को टीबी मिल रही है। सितंबर 2021 से शुरू हुए विशेष अभियान में इगरा टेस्ट के जरिए लोगों को भविष्य में होने वाली टीबी का पता लगाया जाता है। 1400 मरीजों की जांच हो चुकी है, जिसमें करीब 701 लोगों को सुप्त टीबी मिली है। ऐसे लोगों का उपचार करना आसान है। इन लोगों का सात से दस दिन के उपचार किया जा सकता है।
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सुप्त टीबी यानी छुपे हुए टीबी की जांच के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष योजना शुरू की गई थी। 24 सितंबर 2021 से इस योजना के तहत हिसार में जांच अभियान शुरू किया गया। जिसमें टीबी के मरीजों का इगरा टेस्ट किया जाता है। जिसमें मरीजों के अंदर टीबी के इंफेक्शन की जांच की जाती है। अगर मरीज को टीबी इंफेक्शन हो तो उसका उपचार शुरू किया जाता है। इस चरण में मरीजों का उपचार अधिक आसान होता है। सात से दस दिन में मरीज का उपचार पूरा हो जाता है। हिसार में जीत योजना के तहत जीत की टीम सुप्त टीबी यानी छिपे हुए टीबी की जांच और उसके उपचार का काम कर रही है। जिले के प्रत्येक ब्लॉक में टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों का उनके घर जाकर डाटा एकत्रित किया जाता है। अब तक 1410 मरीजों का इगरा टेस्ट करवाया जा चुका है, जिनमें से 50 प्रतिशत मरीज पॉजिटिव मिले हैं, यानी उनमें सुप्त टीबी के लक्षण हैं।
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इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 15 लोगों की टीम लगाई गई है। जो प्रत्येक ब्लॉक में सुप्त टीबी के लिए इगरा जांच करवा रही है। यह टेस्ट निजी लैब से 2200 से 2500 रुपये तक किया जाता है। जीत प्रोजेक्ट के तहत सैंपल लेकर दिल्ली की निजी लैब से यह टेस्ट निशुल्क करवाए जाते हैं। इगरा टेस्ट में सुप्त टीबी की बारीकी से जांच की जाती है, क्योंकि सुप्त टीबी में सामान्य टीबी की तरह लक्षण दिखाई नहीं देते। यह टीबी मरीजों के आसपास रहने वाले लोगों में पाया जाता है। इगरा टेस्ट की रिपोर्ट दिल्ली से दो से तीन दिन में आ जाती है। इसमें पाजिटिव मिलने पर मरीजों का एक्सरे भी निुशल्क करवाया जाता है।
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वर्जन..
इस योजना में हम टीबी के मरीजों के रिश्तेदारों, परिवारजनों का ही टेस्ट कर रहे हैं। 19 मार्च तक हम 1410 लोगों का टेस्ट कर चुके हैं। जिसमें 701 लोगों को सुप्त टीबी मिली है। जिसके टीबी का इंफेक्शन कह सकते हैं। पॉजिटिव मिले 701 लोगों को आइएनएच की दवा शुरु करवाई जा चुकी है। मार्च 2024 तक हिसार को सुप्त टीबी और टीबी से मुक्त करना उनका उद्देश्य है।
- जितेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर, जीत योजना।
बच्चों में अधिक खतरा....
मरीजों को टेस्टिग व दवा निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। जीत योजना के तहत पांच साल तक के बच्चों का उपचार बिना जांच के ही शुरु कर दिया जाता है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पांच साल तक के ऐसे बच्चे जो टीबी मरीजों के संपर्क में रहते है उनमें सुप्त टीबी के लक्षण मौजूद रहते हैं।

24 को विश्व टीबी दिवस
24 मार्च को टीबी दिवस पर स्वास्थ्य विभाग तथा इस प्रोजेक्ट के अधिकारी मंगाली स्वास्थ्य केंद्र में एक आयोजन करेंगे। जिसमें लोगों को जागरूक किया जाएगा। इससे पहले 22 मार्च को गांव सीसवाला में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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