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650 विद्यार्थी, कमरे 14, ऐसे में कैसे न फैले कोरोना
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खुले में कक्षाएं लगाते विद्यार्थी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद एक स्कूल में अव्यवस्थाएं इतनी की सभी हैरान रह जाए। 650 विद्यार्थियों के लिए केवल 14 कमरे हैं और शौचालयों का भी स्थायी प्रबंध नहीं है। ऐसे मे संक्रमण फैलाव की आशंका बनी हुई है। कमरों के निर्माण के लिए बजट आ चुका है, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा है। मजबूरन विद्यार्थियों को खुले में कक्षाएं लगानी पड़ रही है। यह हालात है जोधकां गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का।
कोरोना काल के चलते स्कूलों को कोविड हिदायतों के साथ खोलकर विद्यार्थियों को पढ़ाने के आदेश है। मगर विद्यालय में कमरों की कमी के चलते बरामदे व खुले में कक्षाएं लग रही है। सात साल पहले तोड़ी गई स्कूल की कंडम इमारत की जगह आज तक नई इमारत नहीं बन पाई है। स्कूल में कमरों की कमी के साथ-साथ लड़कों के लिए शौचालय तक का कोई स्थायी प्रबंध नहीं है। विद्यालय में कमरों की कमी के चलते विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 650 है, लेकिन कमरों की संख्या केवल 14 है। कोरोना काल में नियमों का पालन करने को लेकर आदेश देने वाले शिक्षा विभाग के स्कूलों के पास विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कमरों की संख्या पर्याप्त तक नहीं है।
सत्र 2021-22 के दौरान कक्षा छठी से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 650 है। विद्यार्थियों की संख्या के मद्देनजर 12 कमरों की डिमांड मुख्यालय से की है। इसके बाद केवल 5 कमरों के लिए ही अप्रूवल राशि जारी की गई है।
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6 महीनों से खाते में पड़ी है 20 लाख ही राशि, नहीं हुआ टेंडर
12 नए कमरों की डिमांड के बाद 31 मार्च को समग्र शिक्षा विभाग की ओर 5 कमरों के निर्माण के लिए 20 लाख की राशि स्कूल के खाते में डाली गई थी। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी कमरों के निर्माण के लिए ई-टेंडर नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर करने को लेकर अभी मुख्यालय से आदेश नहीं आए हैं।
सात साल पहले तोड़ी थी कंडम इमारत, अब तक नहीं बनी
राजकीय स्कूल की इमारत को कंडम घोषित करने के बाद उसमें बने 12 कमरों को 2014 में तोड़ दिया गया था। उसके बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के चलते स्कूल मुखिया द्वारा मुख्यालय से 12 कमरों की डिमांड की गई, लेकिन अभी 5 कमरों के निर्माण को लेकर ही मंजूरी मिली पाई है। मार्च माह में 20 लाख रुपये की राशि भी जारी हुई। लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी कमरों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
अस्थायी शौचालय में बनी साफ-सफाई की समस्या
स्कूल में विद्यार्थी स्कूल में बने एक छोटे अस्थायी शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। यहां साफ सफाई की समस्या बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों को शौच करने को लेकर साथ के प्राइमरी स्कूल के शौचालय में जाना पड़ता है।
विद्यार्थियों के लिए एक बार अस्थायी शौचालय बनाकर काम चलाया जा रहा है। 5 कमरों के लिए राशि जारी हुई है, लेकिन
अभी निर्माण कार्य को लेकर जिला शिक्षा विभाग के कोई आदेश नहीं आए है।
-भीम सिंह मजोका, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोधकां
कमरों के निर्माण के लिए अस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय से अप्रूवल करवाने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
-मनमीत सिंह, एसडीओ, शिक्षा विभाग सिरसा
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कोरोना काल के चलते स्कूलों को कोविड हिदायतों के साथ खोलकर विद्यार्थियों को पढ़ाने के आदेश है। मगर विद्यालय में कमरों की कमी के चलते बरामदे व खुले में कक्षाएं लग रही है। सात साल पहले तोड़ी गई स्कूल की कंडम इमारत की जगह आज तक नई इमारत नहीं बन पाई है। स्कूल में कमरों की कमी के साथ-साथ लड़कों के लिए शौचालय तक का कोई स्थायी प्रबंध नहीं है। विद्यालय में कमरों की कमी के चलते विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 650 है, लेकिन कमरों की संख्या केवल 14 है। कोरोना काल में नियमों का पालन करने को लेकर आदेश देने वाले शिक्षा विभाग के स्कूलों के पास विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कमरों की संख्या पर्याप्त तक नहीं है।
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सत्र 2021-22 के दौरान कक्षा छठी से 12वीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 650 है। विद्यार्थियों की संख्या के मद्देनजर 12 कमरों की डिमांड मुख्यालय से की है। इसके बाद केवल 5 कमरों के लिए ही अप्रूवल राशि जारी की गई है।
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6 महीनों से खाते में पड़ी है 20 लाख ही राशि, नहीं हुआ टेंडर
12 नए कमरों की डिमांड के बाद 31 मार्च को समग्र शिक्षा विभाग की ओर 5 कमरों के निर्माण के लिए 20 लाख की राशि स्कूल के खाते में डाली गई थी। लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी कमरों के निर्माण के लिए ई-टेंडर नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर करने को लेकर अभी मुख्यालय से आदेश नहीं आए हैं।
सात साल पहले तोड़ी थी कंडम इमारत, अब तक नहीं बनी
राजकीय स्कूल की इमारत को कंडम घोषित करने के बाद उसमें बने 12 कमरों को 2014 में तोड़ दिया गया था। उसके बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के चलते स्कूल मुखिया द्वारा मुख्यालय से 12 कमरों की डिमांड की गई, लेकिन अभी 5 कमरों के निर्माण को लेकर ही मंजूरी मिली पाई है। मार्च माह में 20 लाख रुपये की राशि भी जारी हुई। लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी कमरों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
अस्थायी शौचालय में बनी साफ-सफाई की समस्या
स्कूल में विद्यार्थी स्कूल में बने एक छोटे अस्थायी शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। यहां साफ सफाई की समस्या बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों को शौच करने को लेकर साथ के प्राइमरी स्कूल के शौचालय में जाना पड़ता है।
विद्यार्थियों के लिए एक बार अस्थायी शौचालय बनाकर काम चलाया जा रहा है। 5 कमरों के लिए राशि जारी हुई है, लेकिन
अभी निर्माण कार्य को लेकर जिला शिक्षा विभाग के कोई आदेश नहीं आए है।
-भीम सिंह मजोका, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोधकां
कमरों के निर्माण के लिए अस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय से अप्रूवल करवाने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
-मनमीत सिंह, एसडीओ, शिक्षा विभाग सिरसा