फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   5500 Stearing in one Traffic Man hand

एक ट्रैफिक कर्मी के हाथ में साढ़े पांच हजार स्टेयरिंग

Sun, 29 Nov 2015 12:26 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो Updated Sun, 29 Nov 2015 12:26 AM IST
विज्ञापन
5500 Stearing in one Traffic Man hand

हादसों से रोज जूझ रहे जिले में ट्रैफिक पुलिस पर भारी दबाव है। एक तरफ ट्रैफिक पुलिस की भारी कमी है वहीं संसाधनों का भी टोटा है।

विज्ञापन


हाल यह है कि जिले में केवल 83 कर्मी हैं। जिन पर करीब साढ़े चार लाख वाहनों को नियंत्रित करने का जिम्मा है। अगर एक कर्मी को वाहनों को कंट्रोल करने का जिम्मा दिया जाए तो उसके हिस्से में 5 हजार 421 छोटे बड़े वाहन आएंगे।

यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि एक कर्मचारी के हाथ में 5 हजार से अधिक वाहनों के स्टेयरिंग हैं, जिन्हें सही एवं नियमों के हिसाब से चलाना व उन्हें निर्देशित करना एक पुलिस कर्मचारी पर महती जिम्मेदारी है।
विज्ञापन


नतीजतन शहर में भारी वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही। हर रोज दर्जनों भारी वाहन पुलिस की आंखों के सामने से शहर में घुस जाते हैं।

ट्रैफिक पुलिस स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, जिसका फायदा लापरवाह वाहन चालक उठा रहे हैं। वहीं इसका खामियाजा शहर के आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

जिले में हर रोज हो रहे एक दर्जन से अधिक हादसे
जिले भर में हर रोज एक दर्जन से भी अधिक हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या भी हर रोज औसतन 1 से अधिक है।

इसके साथ साथ हिसार से होकर गुजरने वाले तीन नेशनल हाइवे हैं जिन पर ट्रैफिक पुलिस को कड़ी निगरानी रखनी पड़ती है।

हिसार शहर में 60 कर्मी, जरूरत 150 की
ट्रैफिक पुलिस ने जिला मुख्यालय पर 83 में से 60 पुलिस कर्मी अलग-अलग चौक चौराहों व ऑफिस वर्क में लगा रखें हैं। इतने बड़े शहर में कम से कम 50 प्वाइंट ऐसे हैं जहां कम से कम तीन पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक बार में अगर चार-चार घंटे की ड्यूटी लगाई जाए तो कम से कम 150 कर्मचारियों की जरूरत है। रोटेशन में लगाई जाए तो यह संख्या 300 होनी चाहिए। मगर पुलिस के पास नियम के हिसाब से आधे से भी कम स्टाफ व संसाधन हैं।

एक मोटरसाइकिल व दो गाड़ियों के हवाले पूरा जिला
सेफ ड्राइविंग का दावा करने वाली ट्रैफिक पुलिस खुद सुरक्षित नहीं दिख रही। ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए जिला ट्रैफिक पुलिस के पास दो टवेरा गाड़ी व एक मोटरसाइकिल है।


इनमें से एक गाड़ी एसएचओ के पास हैं और दूसरी हाईवे पर स्पीड चालान पर लगाई गई है। ट्रैफिक पुलिस के पास संसाधन भी पूरे नहीं है।

दो एंबुलेंस व दो क्रेन है। सड़क पर होने वाले हादसों में एंबुलेंस का यूज होता है तथा जाम आदि खुलवाने में क्रेन का यूज किया जा रहा है।

ट्रैफिक पुलिस के पास जिले में 83 का स्टाफ है। हम कम संसाधन में बेहतर व्यवस्था बनाने के प्रयास कर रहे हैं। शहर में भारी वाहनों पर संडे को भी रोक लगा दी गई है। ऑटो चालकों को भी नियमों का पालन करने के लिए चेतावनी दी गई है। आम लोगों से भी अपील है कि वे सड़क नियमों के हिसाब से ड्राइविंग करें और पुलिस का सहयोग करें।
- जितेंद्र कुमार, डीएसपी ट्रैफिक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed