{"_id":"58d6bb5f4f1c1be6211a4207","slug":"53-cr-budget-of-nigam-get-approval-of-sadan","type":"story","status":"publish","title_hn":"53 करोड़ के निगम बजट को सदन ने दी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
53 करोड़ के निगम बजट को सदन ने दी मंजूरी
amarujala/Hisar
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:21 AM IST
विज्ञापन
officials at meeting
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम ने सदन ने 2017-18 के लिए 53 करोड़ रुपये के बजट को प्रस्ताव कर दिया। बजट की समीक्षा के लिए अगले माह फिर से मीटिंग होगी। बजट को लेकर अधिकारी हर महीने सभी ब्रांच से प्रोग्रेस रिपोर्ट लेंगे। जिन विभाग की प्रोग्रेस नहीं मिलेगी उन्हें महीने बाद ही नोटिस दे देंगे।
निगम सदन की शनिवार को बुलाई गई विशेष बजट बैठक में आगामी वित्त वर्ष का बजट रखा गया। सदन में 53 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा गया, जिसमें पार्षदों ने कई मुद्दों पर आपत्ति जाहिर करते हुए इसमें सुधार के लिए मांग रखी। निगम आयुक्त ने बजट को लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई। आयुक्त ने कहा कि हर एक मद की पूरी डिटेल बजट में उपलब्ध कराया करें। उन्होंने कहा कि कई मदों में आधी रिकवरी भी नहीं हो सकी। ऐसे मद में अगले साल के लिए फिर उतना ही टारगेट दे दिया गया। जिस मद में रिकवरी नहीं हा आ रही उसे हटा दो। अधिकारियों के काम की हर महीने समीक्षा होगी। निगम आयुक्त अशोक बंसल ने कहा कि किसी भी ग्रांट से निगम कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी जाएगी। निगम के बजट से ही सैलरी मिलेगी। पहले सफाई कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। इसके बाद अन्य कर्मचारियों को वेतन देंगे। सबसे आखिर में निगम आयुक्त का वेतन तैयार होगा। मीटिंग में डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद अनिल जैन टीनू, रेखा ऐरन, रेख सैनी, मास्टर प्रहलाद, सरोज खटाना सहित अन्य पार्षद उपस्थित थे। निगम के ईओ इंद्रजीत कुल्हाड़िया, सचिव राजेश महता, एक्सईएन रामजीलाल, सीनियर अकाउंट आफिसर उग्रसेन परमार सहित अन्य लोग मीटिंग में शामिल हुए।
निगम की आय बढ़ाने के लिए यह होंगे प्रयास
- यूजेज चार्ज को सख्ती से वसूलेंगे
- सभी कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस जारी करेंगे
- मोबाइल टावर से टैक्स लिया जाएगा
- प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली बढ़ाई जाएगी
- सभी से सभी टैक्स समय पर वसूले जाएंगे
वर्ष 2017-18 के बजट को पारित कर दिया गया है। इस बार 53 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। बजट के कुछ हिस्सों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। आयुक्त ने इसे सुधारकर रिवाइज बजट लाने के लिए मई में समीक्षा बैठक बुलाने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
- डीएन सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर, निगम
17.50 लाख के भुगतान पर हंगामा
सदन की बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली कंपनी के भुगतान को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने भुगतान के तरीके पर सवाल खडे़ किए। पार्षदों ने कहा कि आखिर रात के समय चेक पर साइन करने के क्या कारण थे। जिन अधिकारियों ने गलत बजट बनाया उनसे जवाब लिया जाए। दोषी मिलने पर कार्यवाही की जाए।
विज्ञापन
निगम सदन की शनिवार को बुलाई गई विशेष बजट बैठक में आगामी वित्त वर्ष का बजट रखा गया। सदन में 53 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव रखा गया, जिसमें पार्षदों ने कई मुद्दों पर आपत्ति जाहिर करते हुए इसमें सुधार के लिए मांग रखी। निगम आयुक्त ने बजट को लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई। आयुक्त ने कहा कि हर एक मद की पूरी डिटेल बजट में उपलब्ध कराया करें। उन्होंने कहा कि कई मदों में आधी रिकवरी भी नहीं हो सकी। ऐसे मद में अगले साल के लिए फिर उतना ही टारगेट दे दिया गया। जिस मद में रिकवरी नहीं हा आ रही उसे हटा दो। अधिकारियों के काम की हर महीने समीक्षा होगी। निगम आयुक्त अशोक बंसल ने कहा कि किसी भी ग्रांट से निगम कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी जाएगी। निगम के बजट से ही सैलरी मिलेगी। पहले सफाई कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। इसके बाद अन्य कर्मचारियों को वेतन देंगे। सबसे आखिर में निगम आयुक्त का वेतन तैयार होगा। मीटिंग में डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद अनिल जैन टीनू, रेखा ऐरन, रेख सैनी, मास्टर प्रहलाद, सरोज खटाना सहित अन्य पार्षद उपस्थित थे। निगम के ईओ इंद्रजीत कुल्हाड़िया, सचिव राजेश महता, एक्सईएन रामजीलाल, सीनियर अकाउंट आफिसर उग्रसेन परमार सहित अन्य लोग मीटिंग में शामिल हुए।
विज्ञापन
निगम की आय बढ़ाने के लिए यह होंगे प्रयास
- यूजेज चार्ज को सख्ती से वसूलेंगे
- सभी कारोबारियों को ट्रेड लाइसेंस जारी करेंगे
- मोबाइल टावर से टैक्स लिया जाएगा
- प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली बढ़ाई जाएगी
- सभी से सभी टैक्स समय पर वसूले जाएंगे
वर्ष 2017-18 के बजट को पारित कर दिया गया है। इस बार 53 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। बजट के कुछ हिस्सों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। आयुक्त ने इसे सुधारकर रिवाइज बजट लाने के लिए मई में समीक्षा बैठक बुलाने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
- डीएन सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर, निगम
17.50 लाख के भुगतान पर हंगामा
सदन की बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे करने वाली कंपनी के भुगतान को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने भुगतान के तरीके पर सवाल खडे़ किए। पार्षदों ने कहा कि आखिर रात के समय चेक पर साइन करने के क्या कारण थे। जिन अधिकारियों ने गलत बजट बनाया उनसे जवाब लिया जाए। दोषी मिलने पर कार्यवाही की जाए।