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शहर में 5 स्थानों पर 7.9 तीव्रता के भूकंप के बाद के हालातों की मॉक ड्रिल करेंगे
Updated Sat, 16 Dec 2017 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शहर में 21 दिसंबर को पांच स्थानों पर 7.9 तीव्रता के भूकंप की स्थिति तैयार करके मेगा मॉक ड्रिल के माध्यम से बचाव व राहत कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने शुक्रवार को सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की।
अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने बताया कि 21 दिसंबर को जिला में भूकंप बचाव के लिए मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसका मकसद इस प्रकार की आपदा में जान माल की रक्षा के लिए कर्मचारियों-अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत करवाना तथा आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसके लिए 21 दिसंबर को लघु सचिवालय, धांसू रोड स्थित भारत पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट, जहाजपुल स्थित सरकारी स्कूल, सनसिटी मॉल तथा नागरिक अस्पताल में भूकंप जैसी स्थिति तैयार करते हुए बचाव कार्यों के प्रशिक्षण के लिए मेगा मॉक ड्रिल की जाएगी।
सुबह 10 बजे सायरन के साथ होगी घोषणा
शहर में पांचों स्थानों पर 7.9 तीव्रता के भूकंप की स्थिति तैयार की जाएगी। सुबह ठीक 10 बजे सायरन बजाकर इमरजेंसी की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही सभी कार्यालयों के कर्मचारी अपने आप को बचाते हुए भवनों से बाहर खुले स्थानों पर पहुंचेंगे। मौके पर ही जिला आपदा प्रबंधन योजना के तहत निर्धारित किए गए अधिकारी को इंसीडेंट कमांडर नियुक्त किया जाएगा जो टीमें बनाकर बचाव कार्य शुरू करवाएगा। भवन में 15-20 कर्मचारियों को छोड़ दिया जाएगा जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमें अभियान चलाएंगी।
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ये विभाग निभाएंगे मुख्य भूमिका
उन्होंने पुलिस विभाग, नगर निगम, रोडवेज, पीडब्ल्यूडी बीएंड आर, फोरेस्ट, स्वास्थ्य विभाग, डीएचबीवीएन, जन स्वास्थ्य विभाग, डीआईपीआरओ, डीडीपीओ, पशुपालन विभाग, राजस्व, बीएसएनएल, जिला सूचना केंद्र, रेड क्रॉस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस सहित अन्य विभागों द्वारा आपदा से बचाव के लिए काम करेंगे। जुलाई 2017 में जम्मू-कश्मीर में चलाए गए बचाव अभियान को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हुए इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों व विभिन्न संगठनों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों के संबंध में जानकारी दी।
इन पहलुओं की दी जानकारी..
क्रेन, जेसीबी, बुल्डोजर, पानी, अग्रिशमन, ट्रैक्टर-ट्राली, मोबाइल टॉयलेट व अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाने, भीड़ प्रबंधन, सूचनाओं का संप्रेषण, समुदाय से सहयोग, वोलंटियर्स को जिम्मेदारियों का वितरण, चिकित्सकों व स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, असामाजिक तत्वों की निगरानी, मृत व्यक्तियों व पशुओं के पहचान, पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार, घायलों को मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता सहित अन्य तमाम पहलुओं पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम परमजीत चहल, सीटीएम शालिनी चेतल, डीआरओ राजेंद्र सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिला इकाई की वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डा. पूनम दहिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. डीएस सैनी, परियोजना अधिकारी डॉ. राजकुमार नरवाल, डीडीपीओ अशवीर नैन, महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी डॉ. पूनम रमन, रेड क्रॉस सचिव रविंद्र लोहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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हिसार।
शहर में 21 दिसंबर को पांच स्थानों पर 7.9 तीव्रता के भूकंप की स्थिति तैयार करके मेगा मॉक ड्रिल के माध्यम से बचाव व राहत कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने शुक्रवार को सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की।
अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान ने बताया कि 21 दिसंबर को जिला में भूकंप बचाव के लिए मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसका मकसद इस प्रकार की आपदा में जान माल की रक्षा के लिए कर्मचारियों-अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत करवाना तथा आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसके लिए 21 दिसंबर को लघु सचिवालय, धांसू रोड स्थित भारत पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट, जहाजपुल स्थित सरकारी स्कूल, सनसिटी मॉल तथा नागरिक अस्पताल में भूकंप जैसी स्थिति तैयार करते हुए बचाव कार्यों के प्रशिक्षण के लिए मेगा मॉक ड्रिल की जाएगी।
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सुबह 10 बजे सायरन के साथ होगी घोषणा
शहर में पांचों स्थानों पर 7.9 तीव्रता के भूकंप की स्थिति तैयार की जाएगी। सुबह ठीक 10 बजे सायरन बजाकर इमरजेंसी की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही सभी कार्यालयों के कर्मचारी अपने आप को बचाते हुए भवनों से बाहर खुले स्थानों पर पहुंचेंगे। मौके पर ही जिला आपदा प्रबंधन योजना के तहत निर्धारित किए गए अधिकारी को इंसीडेंट कमांडर नियुक्त किया जाएगा जो टीमें बनाकर बचाव कार्य शुरू करवाएगा। भवन में 15-20 कर्मचारियों को छोड़ दिया जाएगा जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमें अभियान चलाएंगी।
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ये विभाग निभाएंगे मुख्य भूमिका
उन्होंने पुलिस विभाग, नगर निगम, रोडवेज, पीडब्ल्यूडी बीएंड आर, फोरेस्ट, स्वास्थ्य विभाग, डीएचबीवीएन, जन स्वास्थ्य विभाग, डीआईपीआरओ, डीडीपीओ, पशुपालन विभाग, राजस्व, बीएसएनएल, जिला सूचना केंद्र, रेड क्रॉस, होम गार्ड, सिविल डिफेंस सहित अन्य विभागों द्वारा आपदा से बचाव के लिए काम करेंगे। जुलाई 2017 में जम्मू-कश्मीर में चलाए गए बचाव अभियान को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हुए इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों व विभिन्न संगठनों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों के संबंध में जानकारी दी।
इन पहलुओं की दी जानकारी..
क्रेन, जेसीबी, बुल्डोजर, पानी, अग्रिशमन, ट्रैक्टर-ट्राली, मोबाइल टॉयलेट व अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाने, भीड़ प्रबंधन, सूचनाओं का संप्रेषण, समुदाय से सहयोग, वोलंटियर्स को जिम्मेदारियों का वितरण, चिकित्सकों व स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, असामाजिक तत्वों की निगरानी, मृत व्यक्तियों व पशुओं के पहचान, पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार, घायलों को मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता सहित अन्य तमाम पहलुओं पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम परमजीत चहल, सीटीएम शालिनी चेतल, डीआरओ राजेंद्र सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिला इकाई की वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी डा. पूनम दहिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. डीएस सैनी, परियोजना अधिकारी डॉ. राजकुमार नरवाल, डीडीपीओ अशवीर नैन, महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी डॉ. पूनम रमन, रेड क्रॉस सचिव रविंद्र लोहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।