{"_id":"5abbe8874f1c1bfa298b46fe","slug":"41522264199-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लैंडर्स की जांच के लिए सैंपल लेने शहर में उतरी 9 टीम, जिले में पशु मेलों पर प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लैंडर्स की जांच के लिए सैंपल लेने शहर में उतरी 9 टीम, जिले में पशु मेलों पर प्रतिबंध
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर डीसी अशोक मीणा ने जिले में अश्व प्रजाति के मेलों, प्रतियोगिताओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। ग्लैंडर्स की जांच के लिए पशु पालन विभाग की 9 अलग-अलग टीमों ने शहर की कई कॉलोनियों में सैंपल लिए। सैंपलिंग का काम तीन दिन में पूरा किया जाएगा।
हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से घोड़ों में ग्लैंडर्स नामक संक्रामक बीमारी के मामले सामने आने के बाद तुरंत प्रभाव से जिले को अश्व प्रजाति के पशुओं में इस रोग के बचाव व नियंत्रण के लिए नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। अशोक कुमार मीणा ने बताया कि विभाग की 16 मार्च को पशु संक्रामक एवं संसर्गजन्य रोग निवारण एवं रोकथाम अधिनियम, 2009 के अनुसार जिला के बाहर घोड़े, गधे, खच्चर व अश्व प्रजाति के अन्य पशुओं को ले जाने में पूर्णतया पाबंदी रहेगी। इसके साथ-साथ जिले में आगामी आदेशों तक कोई भी पशु मेला, पशु दौड़, प्रदर्शनी या खेलों का आयोजन भी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर अश्व प्रजाति के पशुओं को एक स्थान पर एकत्रित करने पर जिला में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
------------------
सैंपल लेने के लिए कॉलोनियों में पहुंची 9 टीम
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक मोतीलाल शर्मा ने बताया पशुपालन विभाग की 9 टीमों ने बुधवार को सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर एक टीम में दो पशु चिकित्सक, चार वीएलडीए, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। कुुल 9 टीम तीन दिन में अपना सैंपलिंग का काम पूरा कर देंगी। पशुु पालन विभाग का अनुमान है कि करीब 150 घोडे़, गधे, खच्चर मिलने की संभावना है।
विज्ञापन
---------------------
घोड़ा फार्म में खुद सैंपल लेगी सेना की टीम
सेना के घोड़ा फार्म में आर्मी की टीम खुद सैंपल लेंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र की टीम भी अपने एरिया में खुद सैंपलिंग करेंगी। इन सभी सैंपल को जांच के लिए एनआरसीई में भेजे जाएगा। तीन दिन से सैंपल की रिपोर्ट आ जाएगी।
विज्ञापन
हिसार।
पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर डीसी अशोक मीणा ने जिले में अश्व प्रजाति के मेलों, प्रतियोगिताओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। ग्लैंडर्स की जांच के लिए पशु पालन विभाग की 9 अलग-अलग टीमों ने शहर की कई कॉलोनियों में सैंपल लिए। सैंपलिंग का काम तीन दिन में पूरा किया जाएगा।
हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से घोड़ों में ग्लैंडर्स नामक संक्रामक बीमारी के मामले सामने आने के बाद तुरंत प्रभाव से जिले को अश्व प्रजाति के पशुओं में इस रोग के बचाव व नियंत्रण के लिए नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। अशोक कुमार मीणा ने बताया कि विभाग की 16 मार्च को पशु संक्रामक एवं संसर्गजन्य रोग निवारण एवं रोकथाम अधिनियम, 2009 के अनुसार जिला के बाहर घोड़े, गधे, खच्चर व अश्व प्रजाति के अन्य पशुओं को ले जाने में पूर्णतया पाबंदी रहेगी। इसके साथ-साथ जिले में आगामी आदेशों तक कोई भी पशु मेला, पशु दौड़, प्रदर्शनी या खेलों का आयोजन भी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर अश्व प्रजाति के पशुओं को एक स्थान पर एकत्रित करने पर जिला में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
विज्ञापन
------------------
सैंपल लेने के लिए कॉलोनियों में पहुंची 9 टीम
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक मोतीलाल शर्मा ने बताया पशुपालन विभाग की 9 टीमों ने बुधवार को सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर एक टीम में दो पशु चिकित्सक, चार वीएलडीए, तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। कुुल 9 टीम तीन दिन में अपना सैंपलिंग का काम पूरा कर देंगी। पशुु पालन विभाग का अनुमान है कि करीब 150 घोडे़, गधे, खच्चर मिलने की संभावना है।
विज्ञापन
---------------------
घोड़ा फार्म में खुद सैंपल लेगी सेना की टीम
सेना के घोड़ा फार्म में आर्मी की टीम खुद सैंपल लेंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र की टीम भी अपने एरिया में खुद सैंपलिंग करेंगी। इन सभी सैंपल को जांच के लिए एनआरसीई में भेजे जाएगा। तीन दिन से सैंपल की रिपोर्ट आ जाएगी।