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जान बचाने वाले 102 नंबर ने ही ले ली मासूम की जान

Thu, 07 Dec 2017 12:38 AM IST
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:38 AM IST
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जान बचाने वाले 102 नंबर ने ही ले ली  मासूम की जान
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नागरिक अस्पताल के दो दिन से खराब 102 नंबर ने गर्भस्थ शिशु की जान ले ली। प्रसूता महिला के पति का कहना है कि यदि उसे समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो उसके बच्चे की जान बच जाती। खारिया गांव में गर्भवती मुुकेश रानी को बुधवार सुबह आठ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिजनों ने 102 नंबर मिलाया, उस पर घंटी भी बजती रही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। गर्भवती महिला के पति राजेश का कहना है कि उसने बार-बार 102 नंबर पर फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। गर्भवती महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर एक कार किराये पर लेकर नागरिक अस्पताल पहुंच गया, जहां उसकी पत्नी की गेट पर ही डिलीवरी हो गई। वहीं सिविल अस्पताल की चिकित्सक का कहना है कि डिलीवरी में ही बच्चा मृत पैदा हुआ।
गांव खारिया के राजेश कस्वां ने बताया कि उसकी पत्नी मुकेश रानी को बुधवार सुबह करीब आठ बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। उसने सरकारी एंबुलेंस बुलाने को अपने मोबाइल से टोल फ्री नंबर 102 मिलाया। घंटी बजती रही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उसने लगातार 10-12 बार कॉल की, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। फोन रिसीव न होने पर आशा वर्कर के पास फोन किया तो उन्होंने भी 102 नंबर डायल करने की बात कही। राजेश ने बताया कि पत्नी की हालत खराब होने लगी थी। मजबूरी में उन्होंने गांव से ही एक कार किराये पर ली। कार में अपनी पत्नी और दो अन्य महिलाओं को साथ लेकर करीब 10:15 बजे नागरिक अस्पताल में पहुंचे। तब तक बच्चा गर्भ से आधा बाहर आ चुका था। वह अस्पताल परिसर में पहुंचते ही सीधा इमरजेंसी में पहुंचा। डॉक्टर को मामले से अवगत कराया। लेडी डॉक्टर और नर्स उसके साथ बाहर आई। गंभीरता को देखते हुए गेट के पास खड़ी कार के चारों ओर पर्दे लगाकर गर्भवती को संभाला। डिलीवरी में बच्चा मृत पैदा हुआ। इसके बाद जच्चा और मृत बच्चे को वार्ड में ले जाया गया। पीड़िता के पति राजेश का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो उसका बच्चा बच सकता था।
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दो दिन से खराब है फोन की लाइन : केयर टेकर
एंबुलेंस सेवा के केयर टेकर प्रदीप कुमार ने बताया कि बीएसएनएल की लाइन दो दिन से खराब है। इसकी शिकायत चार दिसंबर को बीएसएनएल निगम कार्यालय में दी जा चुकी है। अभी तक निगम ने लाइन ठीक नहीं की। हमारे पास अब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से कॉल आ रही हैं। रोज औसतन करीब 110-120 कॉल आती थीं। एंबुलेंस के लिए एक मोबाइल नंबर भी है। इस पर कुछ शिकायत आती हैं। अब आधी शिकायत भी नहीं आ रहीं।
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अब टोल फ्री नंबर 108 और 102 भी चालू
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों एंबुलेंस सेवा का टोल फ्री नंबर 108 जारी किया था। 102 नंबर पहले से जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी 102 नंबर को डिसकनेक्ट नहीं कराया है। विभाग का मानना है कि अभी 102 नंबर का प्रचार ज्यादा है। विभाग का मानना है कि 108 नंबर ज्यादा प्रचारित होने पर 102 नंबर बंद कराया जाएगा।


बीएसएनएल के टोल फ्री नंबर की कहीं तार कट जाने के कारण चार दिसंबर से फोन बंद था। बीएसएनएल ने एक-दो दिन में इसे ठीक करने के लिए भरोसा दिलाया था। अभी तक फोन ठीक नहीं हुआ।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ, हिसार
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