फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   40 thousand farmers reached the agricultural fair in HAU on the first day, bought seeds worth Rs 21.08 lakh

Hisar News: एचएयू में कृषि मेले में पहले दिन पहुंचे 40 हजार किसान, 21.08 लाख रुपये के खरीदे बीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:04 AM IST
विज्ञापन
40 thousand farmers reached the agricultural fair in HAU on the first day, bought seeds worth Rs 21.08 lakh
एचएयू में कृ​षि मेले में किसानों को सम्मानित करते प्रो. कांबोज। 
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि किसानों को नई-नई तकनीकों व प्रौद्योगिकियों को अपनाते हुए समयानुसार खुद को अपडेट करते रहना होगा। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र के अंदर महिलाओं की भूमिका दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रदेश में महिला किसानों को ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को भी तकनीक का प्रशिक्षण लेना होगा तभी चुनौतियों का सामना कर पाएंगे। बदलते मौसम के अनुसार अधिक सतर्क होकर खेती करनी होगी।
विज्ञापन

दो दिवसीय कृषि मेला खरीफ-2024 में सोमवार को पहले दिन हरियाणा सहित दिल्ली, पंजाब, राजस्थान व उत्तर प्रदेश राज्यों से करीब 40 हजार किसान शामिल हुए। पहले दिन में किसानों ने करीब 21.08 लाख रुपये के फसलों, सब्जियों के बीज व करीब 46600 रुपये के पौधे सब्जियों की पौध खरीदी। किसानों ने 6500 रुपये के जैव उर्वरक व 13 हजार रुपये का कृषि साहित्य भी खरीदा। दो वैज्ञानिकों की पुस्तकों का विमोचन किया गया।
विज्ञापन

महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने कहा कि हरियाणा का प्रगतिशील किसान प्रौद्योगिकियों व नवाचारों को अपनाने में सबसे आगे हैं। इसलिए किसान खाद्य सुरक्षा, खाद्य भंडारण, जलवायु परिवर्तन व पर्यावरण संरक्षण जैसी अनेक चुनौतियों का हल निकालने में अपनी अहम भूमिका अदा कर सकता है। तिलहनी व दलहनी फसलों की मांग के मुकाबले उत्पादन कम है, जिसके कारण आयात करना पड़ता है। खरीफ एवं रबी सीजन के अलावा, रबी सीजन के तुरंत बाद आने वाली गर्मी के मौसम में एक कम अवधि वाली फसल लेकर खेती को लाभदायक बनाने के बारे में भी प्रेरित किया। इस दौरान सरसों की रोग प्रतिरोधी व पाले के प्रति सहनशील किस्म आरएच 725, गेहूं की अधिक उत्पादकता देेने वाली किस्म डब्ल्यूएच 1270 का जिक्र किया। खरीफ फसलों में चारे वाली ज्वार की अधिक पैदावार देने वाली सीएसवी 53 एफ व एचजे 1514, बाजरे की जिंक व लौह तत्व से भरपूर बायोफोर्टीफाइड किस्म एचएचबी 299 व एचएचबी 311 एवं मूंग की एमएच 421 किस्म के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

फसलों के अवशेष जलाने से बचें : प्रो. बिश्नोई
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि फसलों की अधिक पैदावार लेने के लिए पर्यावरण का अनुकूल होना जरूरी है। हमें फसलों के अवशेष को नहीं जलाना चाहिए। पराली जलाने से एक ओर भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती वहीं दूसरी ओर मित्र कीट एवं लाभदायक जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। यदि फसल के अवशेष जलाने की बजाय किसान उन्हें खेत में ही समायोजित करें तो भूमि की उपजाऊ शक्ति बनी रहेगी व पर्यावरण संरक्षण होगा।
168 ने मिट्टी-पानी के सैंपल टेस्ट कराए
किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म का भ्रमण करवाकर उन्हें वैज्ञानिक विधि से उगाई गई फसलों के प्रदर्शन प्लॉट दिखाए। किसानों ने विश्वविद्यालय की ओर से मिट्टी व पानी जांच के लिए की गई व्यवस्था का भी लाभ उठाया और उन्होंने कुल 168 नमूने टेस्ट करवाए। इनके अतिरिक्त किसानों ने प्रश्नोत्तरी सभाओं में भाग लेकर वैज्ञानिकों से कृषि व पशुपालन संबंधी अपनी समस्याओं एवं शंकाओं को दूर किया । हरियाणवी कलाकार विकास सातरोड़िया ने हरियाणवी गाने से मनोरंजन किया।

मेले में 248 स्टाॅल लगाई
संयुक्त निदेशक विस्तार डॉ. कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि मेले में कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी किसानों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। प्रदर्शनी में कुल 248 स्टाॅल लगाए गई। मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के हल के लिए कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम रखा गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों ने की समस्याओं व सवालों के जवाब दिए। मंच संचालन रामनिवास शर्मा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed