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Hisar News: अनुसंधान केंद्र के निदेशक से ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगे 37.10 लाख रुपये
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हिसार। साइबर ठगों ने केंद्र सरकार के हिसार स्थित एक अनुसंधान केंद्र के निदेशक से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 37 लाख 10 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने धर्मेश दीक्षित और विकास के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस दी शिकायत में पीड़ित निदेशक ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में उनके व्हाट्सएप पर डिमेट अकाउंट बिजनेस ग्रुप से जुड़ने का मैसेज आया। संदेश भेजने वाले धर्मेश दीक्षित ने उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया और 7 जून को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया, जिसका एडमिन धर्मेश और विकास थे। बाद में उन्हें एक एप डाउनलोड करवाकर रकम निवेश करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने 23 जुलाई को 50 हजार और 31 जुलाई को 30 हजार रुपये संबंधित खातों में जमा करवाए। इसके बाद उनकी पत्नी और एक परिचित के खातों से भी 37.10 लाख रुपये भेजे गए। जब उन्होंने एप से पैसे निकालने की कोशिश की तो रकम ट्रांसफर नहीं हुई।
इसके बाद संपर्क करने पर आरोपियों ने 24 घंटे में पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन राशि नहीं मिली। ठगी का अहसास हाेने पर साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस प्रवक्ता विकास कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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पुलिस दी शिकायत में पीड़ित निदेशक ने बताया कि जून के पहले सप्ताह में उनके व्हाट्सएप पर डिमेट अकाउंट बिजनेस ग्रुप से जुड़ने का मैसेज आया। संदेश भेजने वाले धर्मेश दीक्षित ने उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया और 7 जून को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया, जिसका एडमिन धर्मेश और विकास थे। बाद में उन्हें एक एप डाउनलोड करवाकर रकम निवेश करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने 23 जुलाई को 50 हजार और 31 जुलाई को 30 हजार रुपये संबंधित खातों में जमा करवाए। इसके बाद उनकी पत्नी और एक परिचित के खातों से भी 37.10 लाख रुपये भेजे गए। जब उन्होंने एप से पैसे निकालने की कोशिश की तो रकम ट्रांसफर नहीं हुई।
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इसके बाद संपर्क करने पर आरोपियों ने 24 घंटे में पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन राशि नहीं मिली। ठगी का अहसास हाेने पर साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस प्रवक्ता विकास कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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