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डेंगू-मलेरिया से निजात दिलाने वाले ही %पाल रहे हैं मच्छर%

Thu, 11 Oct 2018 01:10 AM IST
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:10 AM IST
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डेंगू-मलेरिया से निजात दिलाने वाले ही %पाल रहे हैं मच्छर%
हिसार। शहर के लोगों को डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों से निजात दिलाने की जिम्मेदारी जिस नागरिक अस्पताल पर है, वह अस्पताल ही इन घातक बीमारियों को पालने जैसा काम कर रहा है। शहर में फॉगिंग कराने और डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारी से निपटने के पूरे इंतजामों का दावा करने वाला स्वास्थ्य विभाग अपने नागरिक अस्पताल के भवन को साफ-सुथरा रखने में ही असमर्थ हैं। दिनभर वहीं काम करने के और अस्पताल परिसर में उसी गंदगी व कूड़े के आसपास से गुजरने वाले डॉक्टरों व अधिकारियों को यह कबाड़ और गंदगी दिखाई ही नहीं दे रही है, जिससे डेंगू व मलेरिया के साथ-साथ अन्य बीमारियों का भी खतरा पैदा होता है।
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लापरवाही के चलते नागरिक अस्पताल दिन-प्रतिदिन कबाड़ के ढेर में बदलता नजर आ रहा है। अस्पताल बिल्डिंग के बीचों बीच बने पार्क में कबाड़ बिखरा पड़ा है। पहली मंजिल पर ऑपरेशन थियेटर के पास सीढ़ियों में अस्पताल का डैमेज हुआ सामान पड़ा है, जिसमें पुुरानी अलमारी, बेड, कुर्सियां, स्ट्रेचर, वाटर कूलर, कूलर आदि शामिल हैं। यही हाल अस्पताल के बाहर का है। पोस्टमार्टम हाउस, जच्चा-बच्चा केंद्र, सीसीयू वार्ड के पिछली साइड, पार्किंग के पास, अस्पताल के सभी पार्कों में गंदगी ढ़ेर लगे हुए हैं। इस गंदगी में आवारा कुत्ते तो मुंह मारते ही रहते हैं, साथ ही सफाई कर्मियों द्वारा कबाड़ उठाने की बजाय उसमें आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण भी फैलता है।
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बाहर काटे जा रहे चालान, घर की देखभाल नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे शहर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की 15 टीमें गठित की हैं, लेकिन उसका ध्यान अपने घर यानि अस्पताल परिसर की सफाई की ओर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा जिले में अब तक ऐसे 27 लोगों के चालान काटे हैं, जिनके यहां पानी खड़ा पाया गया है। अस्पताल परिसर में पड़े डैमेज सामान में बरसाती पानी भर जाता है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं, लेकिन उसका चालान काटने वाला कोई नहीं है। मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों ने बताया कि रात के समय अस्पताल में मच्छरों की भरमार हो जाती है। जगह-जगह बिखरे पड़े कबाड़ व जर्जर सामान के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में डेंगू के मरीज का उपचार करने की भी पूरी सुविधा नहीं है।
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अस्पताल के कर्मचारी व अधिकारियों के तीखे बोल
अस्पताल के एक कर्मचारी से जब इस कबाड़ के बारे में पूूछा गया तो कर्मचारी ने कहा कि आपको सफाई की जरूरत है तो कबाड़ उठाकर कर दो सफाई। अस्पताल के मलेरिया विभाग एक अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो जवाब आया सुबह नो बजे ऑफिस आ जाना सभी बातों का उत्तर मिल जाएगा। मलेरिया विभाग के दूसरे अधिकारी से जब फॉगिंग के बारे में पूछा तो उत्तर मिला ये नगर निगम का काम है। अस्पताल में पड़े पुराने सामान के बारे में पीएमओ से पूछो।


कर्मचारियों को पुराने सामान की लिस्ट बनाने को कह रखा है। लिस्ट बनते ही पुराने सामान की नीलामी कर दी जाएगी। सामान को बेचने के बाद सफाई करवा दी जाएगी। लिस्ट बनाने वाले कर्मचारी कुछ देरी कर रहे हैं।
- डॉ. दयानंद, सीएमओ नागरिक अस्पताल, हिसार।
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