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जेल लोक अदालत में सीजेएम ने रिहा किए 10 बंदी
Updated Fri, 07 Sep 2018 01:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बुधवार सायं केंद्रीय कारागार में विशेष जेल लोक अदालत लगाकर विभिन्न मामलों की सुनवाई की। उन्होंने 10 मामलों का मौके पर ही निपटान करते हुए 10 हवालाती बंदियों को रिहा करने के आदेश दिए।
सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसके तहत जेल में बंद हवालाती बंदियों की समस्याओं व शिकायतों पर सुनवाई की जाती है। इसी कड़ी में कल आयोजित जेल लोक अदालत में 10 मामलों में विचाराधीन हवालाती बंदियों को रिहा किया गया। चोरी के मामले में पिछले 10 माह से जेल में बंद प्रमोद को रिहा किया गया।
उन्होंने कहा कि जेल अदालत लगाने का मुख्य मकसद जेल में बंद हवालाती बंदियों को त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। लोक अदालत न्याय प्राप्त करने का सस्ता व सुलभ साधन है। उन्होंने लोगों से अपने मुकदमों का लोक अदालत के माध्यम से समाधान करवाने का आह्वान किया।
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हिसार। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बुधवार सायं केंद्रीय कारागार में विशेष जेल लोक अदालत लगाकर विभिन्न मामलों की सुनवाई की। उन्होंने 10 मामलों का मौके पर ही निपटान करते हुए 10 हवालाती बंदियों को रिहा करने के आदेश दिए।
सीजेएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को विशेष जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। इसके तहत जेल में बंद हवालाती बंदियों की समस्याओं व शिकायतों पर सुनवाई की जाती है। इसी कड़ी में कल आयोजित जेल लोक अदालत में 10 मामलों में विचाराधीन हवालाती बंदियों को रिहा किया गया। चोरी के मामले में पिछले 10 माह से जेल में बंद प्रमोद को रिहा किया गया।
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उन्होंने कहा कि जेल अदालत लगाने का मुख्य मकसद जेल में बंद हवालाती बंदियों को त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की जाएगी। लोक अदालत न्याय प्राप्त करने का सस्ता व सुलभ साधन है। उन्होंने लोगों से अपने मुकदमों का लोक अदालत के माध्यम से समाधान करवाने का आह्वान किया।
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