{"_id":"5aa2e76d4f1c1ba0758b489d","slug":"21520625517-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश के युवाओं के रोजगार के कोई रोडमैप नहीं-दुष्यंत चौटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश के युवाओं के रोजगार के कोई रोडमैप नहीं-दुष्यंत चौटाला
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा मनोहर लाल सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह से नाकाम रही है। सरकार के वित्तीय प्रबंधन की विफलता का नतीजा है कि आज प्रदेश पर न केवल कर्ज रिकॉर्ड सीमा तक बढ़ गया है, बल्कि वित्तीय घाटे को भी कम करने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। प्रदेश के लोगों से करों के रूप में वसूली गई उनकी गाढ़ी कमाई ऋण अदायगी में जा रही है।
सांसद दुष्यंत ने कहा कि हर वर्ष मोटी रकम ऋण और उसके ब्याज अदा करने में ही खर्च हो जाएगी तो प्रदेश में रोजगार के अवसर, कृषि, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पैसा कहां से आएगा। बजट से जाहिर है कि सरकार ने गांवों के विकास शिक्षा, कृषि, वेतन, बिजली, पानी, यातायात व्यवस्था आदि के बजट पर कैंची चला दी। भाजपा सरकार ने किसान, मजदूर, दुकानदार, व्यापारी, युवाओं और विद्यार्थियों सहित हर वर्ग को निराश किया है।
चौटाला ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर खट्टर सरकार ने प्रदेश की जनता को झूठे सब्जबाग दिखाए हैं। अतीत गवाह है कि खट्टर सरकार का साढ़े तीन वर्षों में विकास कहीं नजर नहीं आता। युवा सांसद ने कहा कि 1966 में हरियाणा के बनने से लेकर 2004 तक हरियाणा प्रदेश पर लगभग 23 हजार करोड़ का कर्जा था। जोकि कांग्रेस के दस साल के शासनकाल में 70931 करोड़ हो गया था। भाजपा ने मात्र साढे़ तीन साल में प्रदेश को 90226 करोड़ रुपये का कर्जदार बना दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश पर कुल 161159 करोड़ का कर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा मनोहर लाल सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह से नाकाम रही है। सरकार के वित्तीय प्रबंधन की विफलता का नतीजा है कि आज प्रदेश पर न केवल कर्ज रिकॉर्ड सीमा तक बढ़ गया है, बल्कि वित्तीय घाटे को भी कम करने में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। प्रदेश के लोगों से करों के रूप में वसूली गई उनकी गाढ़ी कमाई ऋण अदायगी में जा रही है।
सांसद दुष्यंत ने कहा कि हर वर्ष मोटी रकम ऋण और उसके ब्याज अदा करने में ही खर्च हो जाएगी तो प्रदेश में रोजगार के अवसर, कृषि, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए पैसा कहां से आएगा। बजट से जाहिर है कि सरकार ने गांवों के विकास शिक्षा, कृषि, वेतन, बिजली, पानी, यातायात व्यवस्था आदि के बजट पर कैंची चला दी। भाजपा सरकार ने किसान, मजदूर, दुकानदार, व्यापारी, युवाओं और विद्यार्थियों सहित हर वर्ग को निराश किया है।
विज्ञापन
चौटाला ने कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर खट्टर सरकार ने प्रदेश की जनता को झूठे सब्जबाग दिखाए हैं। अतीत गवाह है कि खट्टर सरकार का साढ़े तीन वर्षों में विकास कहीं नजर नहीं आता। युवा सांसद ने कहा कि 1966 में हरियाणा के बनने से लेकर 2004 तक हरियाणा प्रदेश पर लगभग 23 हजार करोड़ का कर्जा था। जोकि कांग्रेस के दस साल के शासनकाल में 70931 करोड़ हो गया था। भाजपा ने मात्र साढे़ तीन साल में प्रदेश को 90226 करोड़ रुपये का कर्जदार बना दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश पर कुल 161159 करोड़ का कर्ज है।
विज्ञापन