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डॉ. कमल गुप्ता ने सदन में पूछा गौ अभ्यारणय कब तक पूरा होगा
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में हिसार के गो अभयारण्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जवाब मांगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि नवंबर 2018 तक पूरा कर दिया जाएगा।
नगर निगम ने पशुधन फार्म से 50 एकड़ भूमि 33 साल के पट्टे पर गांव ढंढूर में एक रुपया प्रति एकड़ की दर से गो अभयारण्य की स्थापना के लिए ली हुई है। इसका निर्माण कुल 50 एकड़ में किया जाना है। इसमें 25-25 एकड़ भूमि में दो शेड में बनाए जाएंगे। गो अभयारण्य के निर्माण के लिए गोसेवा आयोग की ओर से नगर निगम हिसार को चार करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसके अलावा 12.5 एकड़ भूमि पर एक नंदीशाला का भी निर्माण किया जा रहा है। नंदीशाला के निर्माण पर एक करोड़ रुपये की राशि का खर्च जिला योजना, एमपीलीडीएस योजना, पशुधन विभाग की ओर से जारी धनराशि तथा कर्मचारियों के वेतन के माध्यम से किए गए योगदान के तहत किया गया है।
पिछले कुछ समय से गो अभयारण्य का काम धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने बुधवार को सदन में यह सवाल उठाया। शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि गो अभयारण्य का कार्य नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है। चार करोड़ रुपये की लागत से 25 एकड़ भूमि पर गांव ढंढूर में क्रियांवित हो रहा है। यह कार्य इस साल नवंबर महीने तक पूरा करा दिया जाएगा।
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जानिए गो अभयारण्य
सीएम मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को गो अभयारण्य का एलान किया था। हरियाणा के पहले गो अभयारण्य को 50 एकड़ जमीन लीज पर दी गई है। पशुपालन विभाग ने एक रुपया प्रति एकड़ प्रति वर्ष के हिसाब से यह जमीन उपलब्ध कराई है। नौ सितंबर 2016 को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने इसकी आधारशिला रखी थी। सांसद दुष्यंत ने अक्टूबर 2017 में पहले शेड का उद्घाटन किया।
करीब पांच महीने से स्ट्रे कैटल फ्री हिसार
प्रशासन ने 26 अक्तूबर 2017 को हिसार शहर को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित कर दिया था। इसके बावजूद भी सड़कों पर सैकड़ों लावारिस पशु घूम रहे हैं। इनके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण हुए सड़क हादसों में गत पांच महीने में नौ लोगों की मौत हो चुकी हैं।
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हिसार।
विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में हिसार के गो अभयारण्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जवाब मांगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि नवंबर 2018 तक पूरा कर दिया जाएगा।
नगर निगम ने पशुधन फार्म से 50 एकड़ भूमि 33 साल के पट्टे पर गांव ढंढूर में एक रुपया प्रति एकड़ की दर से गो अभयारण्य की स्थापना के लिए ली हुई है। इसका निर्माण कुल 50 एकड़ में किया जाना है। इसमें 25-25 एकड़ भूमि में दो शेड में बनाए जाएंगे। गो अभयारण्य के निर्माण के लिए गोसेवा आयोग की ओर से नगर निगम हिसार को चार करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इसके अलावा 12.5 एकड़ भूमि पर एक नंदीशाला का भी निर्माण किया जा रहा है। नंदीशाला के निर्माण पर एक करोड़ रुपये की राशि का खर्च जिला योजना, एमपीलीडीएस योजना, पशुधन विभाग की ओर से जारी धनराशि तथा कर्मचारियों के वेतन के माध्यम से किए गए योगदान के तहत किया गया है।
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पिछले कुछ समय से गो अभयारण्य का काम धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने बुधवार को सदन में यह सवाल उठाया। शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि गो अभयारण्य का कार्य नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है। चार करोड़ रुपये की लागत से 25 एकड़ भूमि पर गांव ढंढूर में क्रियांवित हो रहा है। यह कार्य इस साल नवंबर महीने तक पूरा करा दिया जाएगा।
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जानिए गो अभयारण्य
सीएम मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को गो अभयारण्य का एलान किया था। हरियाणा के पहले गो अभयारण्य को 50 एकड़ जमीन लीज पर दी गई है। पशुपालन विभाग ने एक रुपया प्रति एकड़ प्रति वर्ष के हिसाब से यह जमीन उपलब्ध कराई है। नौ सितंबर 2016 को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने इसकी आधारशिला रखी थी। सांसद दुष्यंत ने अक्टूबर 2017 में पहले शेड का उद्घाटन किया।
करीब पांच महीने से स्ट्रे कैटल फ्री हिसार
प्रशासन ने 26 अक्तूबर 2017 को हिसार शहर को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित कर दिया था। इसके बावजूद भी सड़कों पर सैकड़ों लावारिस पशु घूम रहे हैं। इनके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। लावारिस पशुओं के कारण हुए सड़क हादसों में गत पांच महीने में नौ लोगों की मौत हो चुकी हैं।