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जिले को कैटल फ्री घोषित करने के 24 घंटे में बेसहारा पशु के कारण स्टूडेंट की मौत
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिला प्रशासन ने औपचारिक तौर पर जिले को पशु मुक्त शहर घोषित कर दिया है। शहर को पशु मुक्त घोषित करने के अगले ही दिन वीरवार को लावारिस पशु को बचाने के चक्कर में स्कूल के स्टूडेंट की कार पेड़ से जा टकराई। जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।
जिला प्रशासन के कैटल फ्री सिटी के दावे को परखने के लिए अमर उजाला की टीम शहर में निकली। दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां स्टेशन के बाहर लावारिस पशु खड़े मिले। इसके बाद डीसी और एसडीएम के दफ्तर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां इन दोनों अधिकारियों के कार्यालय के बीच करीब पांच से सात गाय पार्क में खड़ी थीं। कुछ गाय अदालत परिसर के पास घूूम रही थीं। पुरानी सब्जी मंडी 2:20 बजे पहुंचे तो यहां बड़ी संख्या में गाय दिखीं। यहां हर 20 कदम पर पशु नजर आए। दोपहर बाद फव्वारा चौक पहुंचे तो करीब 3 बजकर 10 मिनट पर फव्वारा चौक पर भी गाय विचरती मिली। कैंप चौक पर 4:40 बजे चौक के बिलकुल बीच में गाय खड़ी थी।
सेक्टरों में भी चारों ओर गाय
सेक्टरों का हाल जानने के लिए टीम 5:10 बजे पहुंची तो सेक्टर में घुसते ही लावारिस गाय दिखी। इसके बाद 5.30 पर सेक्टर-13 पहुंचे तो यहां भी गाय घूमती मिली। अमर उजाला की टीम ने करीब चार घंटे में शहर में 25 किलोमीटर का सर्वे किया। इसमें करीब 200 से अधिक लावारिस पशु सड़कों पर दिखे। रात को यह संख्या काफी अधिक हो जाती है। यह एरिया तो शहर का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा ही है। अगर पूरे शहर की बात करेंगे तो पशुओं की संख्या हजारों में होगी।
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सिटी में अब लावारिस पशु नहीं हैं। इस कारण शहर को कैटल फ्री डिक्लेयर कर दिया है। शहर में घूम रही गायों के मालिक हैं। अगर किसी की शिकायत मिली तो पशु पकड़वा दिए जाएंगे। -परमजीत चहल, एसडीएम हिसार
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हिसार।
जिला प्रशासन ने औपचारिक तौर पर जिले को पशु मुक्त शहर घोषित कर दिया है। शहर को पशु मुक्त घोषित करने के अगले ही दिन वीरवार को लावारिस पशु को बचाने के चक्कर में स्कूल के स्टूडेंट की कार पेड़ से जा टकराई। जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।
जिला प्रशासन के कैटल फ्री सिटी के दावे को परखने के लिए अमर उजाला की टीम शहर में निकली। दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां स्टेशन के बाहर लावारिस पशु खड़े मिले। इसके बाद डीसी और एसडीएम के दफ्तर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां इन दोनों अधिकारियों के कार्यालय के बीच करीब पांच से सात गाय पार्क में खड़ी थीं। कुछ गाय अदालत परिसर के पास घूूम रही थीं। पुरानी सब्जी मंडी 2:20 बजे पहुंचे तो यहां बड़ी संख्या में गाय दिखीं। यहां हर 20 कदम पर पशु नजर आए। दोपहर बाद फव्वारा चौक पहुंचे तो करीब 3 बजकर 10 मिनट पर फव्वारा चौक पर भी गाय विचरती मिली। कैंप चौक पर 4:40 बजे चौक के बिलकुल बीच में गाय खड़ी थी।
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सेक्टरों में भी चारों ओर गाय
सेक्टरों का हाल जानने के लिए टीम 5:10 बजे पहुंची तो सेक्टर में घुसते ही लावारिस गाय दिखी। इसके बाद 5.30 पर सेक्टर-13 पहुंचे तो यहां भी गाय घूमती मिली। अमर उजाला की टीम ने करीब चार घंटे में शहर में 25 किलोमीटर का सर्वे किया। इसमें करीब 200 से अधिक लावारिस पशु सड़कों पर दिखे। रात को यह संख्या काफी अधिक हो जाती है। यह एरिया तो शहर का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा ही है। अगर पूरे शहर की बात करेंगे तो पशुओं की संख्या हजारों में होगी।
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सिटी में अब लावारिस पशु नहीं हैं। इस कारण शहर को कैटल फ्री डिक्लेयर कर दिया है। शहर में घूम रही गायों के मालिक हैं। अगर किसी की शिकायत मिली तो पशु पकड़वा दिए जाएंगे। -परमजीत चहल, एसडीएम हिसार