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Hisar News: आरोही स्कूल सिवानी मंडी के लिए 204 छात्रों ने दी दाखिला परीक्षा
Mon, 24 Mar 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:19 AM IST
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सिवानी मंडी में हुई आरोही स्कूल की प्रवेश परीक्षा में शामिल विद्यार्थी।
सिवानी मंडी। खंड के गांव खेड़ा स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नए शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए छठी से नौवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं में कुछ सीटें खाली हैं। इन पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इसके लिए 232 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 204 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश परीक्षा दी। इस परीक्षा का परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा।
स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोही मॉडल स्कूलों में खाली सीटों को हर साल प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर भरा जाता है। इस दौरान प्राचार्य डॉ. मिश्रा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को विद्यालय की उपलब्धियों और शिक्षा विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में भी बताया। सिवानी के बीईओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के निर्देशन में हुई इस प्रवेश परीक्षा में खंड के विभिन्न गांवों से विद्यार्थियों ने भाग लिया।
बच्चों की हिंदी सुधारने के लिए शिक्षिका आशा शर्मा ने तैयार की विशेष प्रदर्शनी
फोटो : एचआई 13
- गांव कालवास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं, विद्यार्थियों की हिंदी को सुधारने का उठाया है जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। पढ़ाने के रोचक तौर-तरीकों से लेकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को तत्पर रहने वालीं हिंदी प्रवक्ता आशा शर्मा न केवल अपने काम की वजह से पहचान रखती हैं, बल्कि उनके प्रयासों से विद्यार्थियों की हिंदी सीखने के कौशल में भी निखार आ रहा है। गांव कालवास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात आशा शर्मा ने विद्यार्थियों की हिंदी को सुधारने का जिम्मा उठाया हुआ है। बच्चों को सहज-सरल तरीके से पढ़ाने के लिए स्कूल के ही एक कमरे को थर्माकॉल शीट-गत्ते व कार्टन पर हिंदी के अक्षरों को रंग-बिरंगे रंगों से सजाया। कुछ रोचक मॉडल भी तैयार किए हैं, जिनमें कारक-संज्ञा-सर्वनाम- काव्य संग्रह- व्याकरण, विशेषण, विलोम शब्द, वाक्यों की परिभाषाओं से लेकर कवियों-लेखकों के चित्र बनाए हैं। ताकि विद्यार्थी इन्हें देखकर हिंदी भाषा में अक्षरों की पहचान से लेकर व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध-अशुद्धियों के बीच अंतर को समझ सकें। आशा शर्मा ने बताया कि अब तक विज्ञान-गणित विषय पर विशेष प्रदर्शनियां व मेले लगते रहे हैं, लेकिन हिंदी पर कोई भी प्रदर्शनी नहीं लगाई गई है। जबकि हिंदी हमारे देश की राजभाषा है। प्रदर्शनी लगाने का मकसद हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों का बौद्धिक विकास करना है।
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इन अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं आशा शर्मा
2017 में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सम्मानित किया
2000 में नेशनल यूथ फेस्टिवल में अवाॅर्ड
2003 में राज्य युवा महोत्सव में अवाॅर्ड
2024 में गुड गवर्नेंस अवाॅर्ड
2024 में बेस्ट स्काउटिंग का अवाॅर्ड
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स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोही मॉडल स्कूलों में खाली सीटों को हर साल प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर भरा जाता है। इस दौरान प्राचार्य डॉ. मिश्रा ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को विद्यालय की उपलब्धियों और शिक्षा विभाग की विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में भी बताया। सिवानी के बीईओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के निर्देशन में हुई इस प्रवेश परीक्षा में खंड के विभिन्न गांवों से विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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बच्चों की हिंदी सुधारने के लिए शिक्षिका आशा शर्मा ने तैयार की विशेष प्रदर्शनी
फोटो : एचआई 13
- गांव कालवास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं, विद्यार्थियों की हिंदी को सुधारने का उठाया है जिम्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। पढ़ाने के रोचक तौर-तरीकों से लेकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को तत्पर रहने वालीं हिंदी प्रवक्ता आशा शर्मा न केवल अपने काम की वजह से पहचान रखती हैं, बल्कि उनके प्रयासों से विद्यार्थियों की हिंदी सीखने के कौशल में भी निखार आ रहा है। गांव कालवास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तैनात आशा शर्मा ने विद्यार्थियों की हिंदी को सुधारने का जिम्मा उठाया हुआ है। बच्चों को सहज-सरल तरीके से पढ़ाने के लिए स्कूल के ही एक कमरे को थर्माकॉल शीट-गत्ते व कार्टन पर हिंदी के अक्षरों को रंग-बिरंगे रंगों से सजाया। कुछ रोचक मॉडल भी तैयार किए हैं, जिनमें कारक-संज्ञा-सर्वनाम- काव्य संग्रह- व्याकरण, विशेषण, विलोम शब्द, वाक्यों की परिभाषाओं से लेकर कवियों-लेखकों के चित्र बनाए हैं। ताकि विद्यार्थी इन्हें देखकर हिंदी भाषा में अक्षरों की पहचान से लेकर व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध-अशुद्धियों के बीच अंतर को समझ सकें। आशा शर्मा ने बताया कि अब तक विज्ञान-गणित विषय पर विशेष प्रदर्शनियां व मेले लगते रहे हैं, लेकिन हिंदी पर कोई भी प्रदर्शनी नहीं लगाई गई है। जबकि हिंदी हमारे देश की राजभाषा है। प्रदर्शनी लगाने का मकसद हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों का बौद्धिक विकास करना है।
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इन अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं आशा शर्मा
2017 में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सम्मानित किया
2000 में नेशनल यूथ फेस्टिवल में अवाॅर्ड
2003 में राज्य युवा महोत्सव में अवाॅर्ड
2024 में गुड गवर्नेंस अवाॅर्ड
2024 में बेस्ट स्काउटिंग का अवाॅर्ड