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जमीन धोखाधड़ी मामले में चार दोषियों को 3-3 साल की कैद
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। अदालत ने जमीन के धोखाधड़ी मामले में चार दोषियों को तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में अदालत ने धांसू निवासी प्रेम कुमार, सेक्टर-14 निवासी रोशन लाल महाजन, जींद निवासी कर्मबीर और तलवंडी राणा निवासी मंगतूराम को यह सजा सुनाई है। इस मामले के पांचवें आरोपी सदलपुर निवासी सेवानिवृत्त एसपी रामसिंह बिश्नोई ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मामले के अनुसार आदमपुर क्षेत्र की 9 एकड़ 3 कनाल 1 मरला जमीन की जालसाजी मामले में आदमपुर निवासी एवं डीएचबीवीएनएल के फतेहाबाद कार्यालय में रीडर पद पर तैनात देवीलाल बिश्नोई ने अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि उनके पिता कुंभाराम का 90 साल की उम्र में 11 जनवरी 2007 को निधन हो गया था। मंगतूराम और कर्मबीर ने उनके पिता के वारिसों पर एक सिविल सूट अदालत में दायर किया था। इकरारनामे के अनुसार 10 नवंबर 2005 को उसके पिता कुंभाराम द्वारा मंगतूराम और कर्मबीर को 17.68 लाख रुपये की एकमुश्त राशि लेकर जमीन बेची बताई गई। जमीन की रजिस्ट्री की तारीख 30 मार्च 2007 निर्धारित की गई थी। देवीलाल ने आरोप लगाया था कि इकरारनामे पर उसके पिता कुंभाराम के फर्जी अंगूठे लगाए गए और सदलपुर निवासी रामसिंह बिश्नोई के कहने पर षड्यंत्र रचकर जमीन हड़पने के लिए फर्जी इकरारनामा तैयार किया गया।
समधी की जमीन पर नजर
देवीलाल ने याचिका में आरोप लगाया था कि जींद में तैनात एसपी रामसिंह की बेटी की शादी उसके भतीजे ओमप्रकाश के साथ हुई थी। ओमप्रकाश की मौत के बाद रामसिंह उनकी करोड़ों रुपये की जमीन हड़पना चाहता था। उसके पिता कुंभाराम ने जीवित रहते हुए जमीन का इकरारनामा तैयार नहीं कराया था और आरोपियों ने जो इकरारनामा तैयार किया, उसके अनुसार उनके पिता की उम्र 88 साल थी, जिसमें वह वह घर से अकेले कहीं आ-जा नहीं सकते थे।
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पुलिस ने रद्द कर दी थी एफआईआर
इस मामले में अदालत के आदेश पर 10 मई 2011 को आदमपुर थाना पुलिस ने जींद के तत्कालीन एसपी रामसिंह व चार अन्य के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने 5 मई 2012 को एफआईआर रद्द कर दी थी, जिसके बाद पीड़ित ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था। आरोपी रामसिंह ने 28 जनवरी 2018 को सदलपुर में खुद को रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
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हिसार। अदालत ने जमीन के धोखाधड़ी मामले में चार दोषियों को तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में अदालत ने धांसू निवासी प्रेम कुमार, सेक्टर-14 निवासी रोशन लाल महाजन, जींद निवासी कर्मबीर और तलवंडी राणा निवासी मंगतूराम को यह सजा सुनाई है। इस मामले के पांचवें आरोपी सदलपुर निवासी सेवानिवृत्त एसपी रामसिंह बिश्नोई ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मामले के अनुसार आदमपुर क्षेत्र की 9 एकड़ 3 कनाल 1 मरला जमीन की जालसाजी मामले में आदमपुर निवासी एवं डीएचबीवीएनएल के फतेहाबाद कार्यालय में रीडर पद पर तैनात देवीलाल बिश्नोई ने अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि उनके पिता कुंभाराम का 90 साल की उम्र में 11 जनवरी 2007 को निधन हो गया था। मंगतूराम और कर्मबीर ने उनके पिता के वारिसों पर एक सिविल सूट अदालत में दायर किया था। इकरारनामे के अनुसार 10 नवंबर 2005 को उसके पिता कुंभाराम द्वारा मंगतूराम और कर्मबीर को 17.68 लाख रुपये की एकमुश्त राशि लेकर जमीन बेची बताई गई। जमीन की रजिस्ट्री की तारीख 30 मार्च 2007 निर्धारित की गई थी। देवीलाल ने आरोप लगाया था कि इकरारनामे पर उसके पिता कुंभाराम के फर्जी अंगूठे लगाए गए और सदलपुर निवासी रामसिंह बिश्नोई के कहने पर षड्यंत्र रचकर जमीन हड़पने के लिए फर्जी इकरारनामा तैयार किया गया।
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समधी की जमीन पर नजर
देवीलाल ने याचिका में आरोप लगाया था कि जींद में तैनात एसपी रामसिंह की बेटी की शादी उसके भतीजे ओमप्रकाश के साथ हुई थी। ओमप्रकाश की मौत के बाद रामसिंह उनकी करोड़ों रुपये की जमीन हड़पना चाहता था। उसके पिता कुंभाराम ने जीवित रहते हुए जमीन का इकरारनामा तैयार नहीं कराया था और आरोपियों ने जो इकरारनामा तैयार किया, उसके अनुसार उनके पिता की उम्र 88 साल थी, जिसमें वह वह घर से अकेले कहीं आ-जा नहीं सकते थे।
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पुलिस ने रद्द कर दी थी एफआईआर
इस मामले में अदालत के आदेश पर 10 मई 2011 को आदमपुर थाना पुलिस ने जींद के तत्कालीन एसपी रामसिंह व चार अन्य के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने 5 मई 2012 को एफआईआर रद्द कर दी थी, जिसके बाद पीड़ित ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था। आरोपी रामसिंह ने 28 जनवरी 2018 को सदलपुर में खुद को रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।