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ई-पंचायत के विरोध में उतरे सरपंचो को सीएम ने किया निराश, अब ब्लॉक बंद करेंगे सरपंच
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बालसमंद।
पंचकूला में प्रदेशभर से इकट्ठे हुए सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। पूरे प्रदेश से सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारी पंचों, सरपंचों और ग्राम सचिवों को देख पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हिसार सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश शाहपुर ने बताया कि सरपंचों की कमेटी से 50 सदस्यों की कमेटी ने सीएम और धनखड़ से मीटिंग की जिसमें सरपंचों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब क्षेत्र के सरपंचों ने फैसला लिया है कि वे कोई भी काम नहीं करेंगे और अपने ब्लॉकों को बंद करेंगे। सरंपच मुख्यमंत्री निवास पहुंचते इससे पहले मुख्यमंत्री के ओएसडी आलोक वर्मा धरनास्थल पर पहुंचे और बातचीत की पेशकश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वापस लौटा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि प्रदेश में लाई गई ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंच-ग्राम सचिव संघर्ष समिति के आह्वान पर सरकार के खिलाफ राज्यस्तरीय प्रदर्शन कर रहे हैं।
योजना के विरोध में लामबंद
पंचों, सरपंचों ने बताया कि इससे पहले 22 मार्च को सभी जिलों के उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब पंचकूला सेक्टर-5 में एकत्रित होकर हरियाणा के मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए कूच किया। योजना के विरोध में सरकार के खिलाफ लामबंद हुए सरपंचों ने योजना के बंद न होने तक पंचायतों का कामकाज बंद रखने का निर्णय लिया है।
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सिसवाला के सरपंच बोले-किसी भी भाजपा नेता को गांव में नहीं घुसने देंगे
बता दें कि सरकार एक अप्रैल से पंचायतों में भी ई-प्रणाली लागू करने जा रही है, लेकिन संरपच इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। संरपचों ने कहा कि इस प्रणाली से हम काम नहीं कर सकते और पंचायत एक्ट के तहत ही काम कर सकते हैं। जब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक हम कोई भी कार्य नहीं करेंगे। वहीं सिसवाला सरपंच राजपाल मांडिया का कहना है कि भाजपा के किसी भी नेता को गांव में नही घुसने देंगे।
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बालसमंद।
पंचकूला में प्रदेशभर से इकट्ठे हुए सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। पूरे प्रदेश से सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारी पंचों, सरपंचों और ग्राम सचिवों को देख पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हिसार सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश शाहपुर ने बताया कि सरपंचों की कमेटी से 50 सदस्यों की कमेटी ने सीएम और धनखड़ से मीटिंग की जिसमें सरपंचों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब क्षेत्र के सरपंचों ने फैसला लिया है कि वे कोई भी काम नहीं करेंगे और अपने ब्लॉकों को बंद करेंगे। सरंपच मुख्यमंत्री निवास पहुंचते इससे पहले मुख्यमंत्री के ओएसडी आलोक वर्मा धरनास्थल पर पहुंचे और बातचीत की पेशकश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वापस लौटा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि प्रदेश में लाई गई ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंच-ग्राम सचिव संघर्ष समिति के आह्वान पर सरकार के खिलाफ राज्यस्तरीय प्रदर्शन कर रहे हैं।
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योजना के विरोध में लामबंद
पंचों, सरपंचों ने बताया कि इससे पहले 22 मार्च को सभी जिलों के उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब पंचकूला सेक्टर-5 में एकत्रित होकर हरियाणा के मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए कूच किया। योजना के विरोध में सरकार के खिलाफ लामबंद हुए सरपंचों ने योजना के बंद न होने तक पंचायतों का कामकाज बंद रखने का निर्णय लिया है।
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सिसवाला के सरपंच बोले-किसी भी भाजपा नेता को गांव में नहीं घुसने देंगे
बता दें कि सरकार एक अप्रैल से पंचायतों में भी ई-प्रणाली लागू करने जा रही है, लेकिन संरपच इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। संरपचों ने कहा कि इस प्रणाली से हम काम नहीं कर सकते और पंचायत एक्ट के तहत ही काम कर सकते हैं। जब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक हम कोई भी कार्य नहीं करेंगे। वहीं सिसवाला सरपंच राजपाल मांडिया का कहना है कि भाजपा के किसी भी नेता को गांव में नही घुसने देंगे।