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उबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ेगा सरपट, दुश्मन पर रखेगा नजर
Updated Thu, 08 Jun 2017 11:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूूरो
हिसार।
आपने ऐसे रोबोट तो बहुत देखे होंगे, जो एक सामान्य जगह पर चल और घूम सकते हैं। जीजेयू इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन बीटेक फाइनल ईयर के विद्यार्थियों ने ऐसा रेबोट तैयार किया, जो हर परिस्थिति में आगे बढ़कर अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है। यह एक सामान्य मनुष्य की भांति चलता-फिरता और घूमता है। इसमें सबसे खास बात यह है कि इसके पास अपने खुद का दिमाग है और यह 360 डिग्री पर घूम सकता है। सीढ़ियों, पहाड़ों और उबड़-खाबड़ जगह पर आराम से चल सकता है। इस दौरान अगर यह गिर भी जाता है। तो यह एक सामान्य व्यक्ति की भांति उठकर खड़ा हो जाता है।
छात्र मोहित सरदाना, गोरव डोरा और निधि कायरो ने मिलकर ढाई साल के कड़ी मेहनत के बाद यह रोबोट तैयार किया है। इसको बनाने में छह मशीनों का प्रयोग किया गया है। जिनके काम करने की अलग-अलग प्रक्रिया है। अगर किसी वजह से रोबोट गिर जाता है या संतुलन बिगड़ जाता है। उस समय मशीनें अलग-अलग दिशा में काम करना शुरू कर देती हैं। उसके बाद रोबोट पहले जैसे स्थिति में आ जाता है। मोहित सरदाना ने बताया कि इसका प्रयोग आर्मी में दुश्मनों पर नजर रखने और हमला करने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा खेतों में ऊबड़-खाबड़ जगह पर काम करने के लिए यह किसानों की भी सहायता कर सकता है। गोरव डोरा ने बताया कि यह रोबोट प्रोफेसर अजय पूनिया की देखरेख में बनाया गया है। इस उपलब्धि पर ईसीई विभाग के चेयरमैन संजीव ढुल व प्रोफेसर संदीप आर्य ने विद्यार्थियों को बधाई दी।
फोटो - 26 से 28
उबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ेगा सरपट, दुश्मन पर रखेगा नजर
- जीजेयू ईसीई बीटेक के विद्यार्थियों ने ढाई साल की कड़ी मेहनत के बाद बनाया विशेष रोबोट
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हिसार।
आपने ऐसे रोबोट तो बहुत देखे होंगे, जो एक सामान्य जगह पर चल और घूम सकते हैं। जीजेयू इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन बीटेक फाइनल ईयर के विद्यार्थियों ने ऐसा रेबोट तैयार किया, जो हर परिस्थिति में आगे बढ़कर अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है। यह एक सामान्य मनुष्य की भांति चलता-फिरता और घूमता है। इसमें सबसे खास बात यह है कि इसके पास अपने खुद का दिमाग है और यह 360 डिग्री पर घूम सकता है। सीढ़ियों, पहाड़ों और उबड़-खाबड़ जगह पर आराम से चल सकता है। इस दौरान अगर यह गिर भी जाता है। तो यह एक सामान्य व्यक्ति की भांति उठकर खड़ा हो जाता है।
छात्र मोहित सरदाना, गोरव डोरा और निधि कायरो ने मिलकर ढाई साल के कड़ी मेहनत के बाद यह रोबोट तैयार किया है। इसको बनाने में छह मशीनों का प्रयोग किया गया है। जिनके काम करने की अलग-अलग प्रक्रिया है। अगर किसी वजह से रोबोट गिर जाता है या संतुलन बिगड़ जाता है। उस समय मशीनें अलग-अलग दिशा में काम करना शुरू कर देती हैं। उसके बाद रोबोट पहले जैसे स्थिति में आ जाता है। मोहित सरदाना ने बताया कि इसका प्रयोग आर्मी में दुश्मनों पर नजर रखने और हमला करने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा खेतों में ऊबड़-खाबड़ जगह पर काम करने के लिए यह किसानों की भी सहायता कर सकता है। गोरव डोरा ने बताया कि यह रोबोट प्रोफेसर अजय पूनिया की देखरेख में बनाया गया है। इस उपलब्धि पर ईसीई विभाग के चेयरमैन संजीव ढुल व प्रोफेसर संदीप आर्य ने विद्यार्थियों को बधाई दी।
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फोटो - 26 से 28
उबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ेगा सरपट, दुश्मन पर रखेगा नजर
- जीजेयू ईसीई बीटेक के विद्यार्थियों ने ढाई साल की कड़ी मेहनत के बाद बनाया विशेष रोबोट