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हाउस की बैठक में बोले पार्षद, स्ट्रीट लाइट की कंपनी का ठेका रद करो, नहीं तो हम बिछाएंगे दरी
Updated Wed, 09 May 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम में मंगलवार को हाउस की आखिरी बैठक हुई। अध्यक्षता मेयर शकुंतला राजलीवाला और कमिश्नर अशोक बंसल ने की। बैठक में स्ट्रीट लाइटों का नया टेंडर लेने वाली कंपनी के खिलाफ पार्षदों ने कड़ा ऐतराज जताया। पार्षदों ने चेतावनी दी कि स्ट्रीट लाइट की कंपनी का ठेका रद्द करो, नहीं तो हम दरी बिछाकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पार्षद नरेंद्र शर्मा ने तो यहां तक कह डाला कि आठ दिन में ही कंपनी ने ऐसी-तैसी करके रख दी। इसके अलावा बैठक में सीवरेज व पानी के मुद्दे पर भी पार्षदों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। विभाग के एसडीओ केएल पाहवा और प्रेमचंद कुछ भी जवाब नहीं दे सके।
पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की नीयत ठीक नहीं : कमिश्नर
बैठक में पार्षद शालू दीवान ने रामपुरा मोहल्ला में गंदे पानी की सप्लाई आने की शिकायत की। सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी, डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद नरेंद्र शर्मा, रेखा सैनी और कर्मवीर ढिल्लो ने भी शिकायत की। कर्मवीर ढिल्लो ने बताया कि उनके वार्ड में अधिकारी अपनी नालायकी छुपाने के लिए मोटर की पावर नहीं बढ़ा रहे हैं। अगर पावर बढ़ा देंगे तो पाइप फट जाएगी। इतनी शिकायतों को सुनने के बाद कमिश्नर अशोक बंसल ने कहा कि पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की नीयत ठीक नहीं है। जान-बूझकर काम लटका देते हैं। बार-बार बताने पर भी गंदे पानी की सप्लाई में सुधार नहीं हो रहा है। कम से कम अधिकारियों को अगर कोई काम नहीं हो सकता तो इसकी जानकारी तो देनी चाहिए। सीवरेज-पानी देने के दो काम हैं, वो भी पूरा नहीं कर रहे।
निगम तो कंगाल है, पब्लिक हेल्थ के पास तो पैसा भी है : मेयर
मेयर शकुंतला राजलीवाला ने भी कहा कि उनके घर के पास भी सीवरेज जाम रहता है। शिकायत करने पर कर्मचारी कुछ कचरा निकाल जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ है। मेयर ने कहा कि नगर निगम तो कंगाल है, लेकिन पब्लिक हेल्थ के पास तो बहुत पैसा है। फिर भी लोगों के काम नहीं हो रहे। अधिकारियों को गंभीर होकर काम करना चाहिए। कमिश्नर ने भी मेयर की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि गंदा पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को इसे मामले को हलके में नहीं लेना चाहिए।
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पांच साल से सुन रहे हैं, आज तक तो कुछ हुआ नहीं : पार्षद अजीत
वार्ड नंबर 10 के पार्षद अजीत सिंह ने सूर्य नगर, शिव कालोनी में बंद सीवर खुलवाने, मेनहोलों के साथ जीटी लगाने, नीचे मैनहोल को ऊंचा उठवाने की मांग की। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सीवरेज सफाई चल रही है। इस पर अजीत सिंह भड़क उठे और बोले कि पांच साल से सुन रहे हैं, काम चल रहा-चल रहा है, लेकिन आज तक हुआ कुछ नहीं है। हर बार की तरह लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
80 बच्चों पर 10 टीचर है, इससे अच्छा मर्ज कर दो : डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर भीम महाजन ने गवर्नमेंट स्कूल नंबर चार के हालातों को शिक्षा विभाग के बीईओ के समक्ष रखे। उन्होंने बीईओ को बताया कि इस स्कूल में मात्र 80 बच्चे हैं, लेकिन उन पर 10 टीचर लगाए हुए हैं। फिर भी स्कूल का रिजल्ट बेहतर नहीं है। सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। इससे अच्छा तो स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज कर देना चाहिए। दूसरा स्कूल ज्यादा दूर भी नहीं है। बीईओ ने आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला रख देंगे।
सूरजमल एन्क्लेव को लेकर बोले पार्षद, जेब में पैसा डाल गए अधिकारी
बैठक में सूरजमल एन्क्लेव के प्रस्ताव को लेकर पार्षद मास्टर प्रह्लाद और नरेंद्र शर्मा आपस में उलझ गए। दोनों के बीच बहसबाजी हुई। एक्सईएन विवेक गिल ने प्रस्ताव रखा कि सूरजमल एन्क्लेव के मालिक ने दो प्रतिशत जमीन और मांगी है। इसका हाउस में प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजना है। इस पर नरेंद्र शर्मा ने कहा कि ठीक है प्रस्ताव पास कर दो तो मास्टर प्रह्लाद भड़क गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जेब में पैसा डाल गए हैं। इसमें धांधली है। इसलिए यह प्रस्ताव पास नहीं करेंगे। पहले इसकी जांच की जाए, उसके बाद देखेंगे। काफी देर माहौल गर्म रहा। उसके बाद इस प्रस्ताव को पेंडिंग रख लिया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में मेयर शकुंतला राजलीवाला के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर दयानंद सैनी, डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद अनिल जैन, कमला बंसल, शालु दीवान, रेखा सैनी, मास्टर प्रह्लाद सिंह, अजीत सिंह, राजपाल मांडू, उदयवीर सिंह मिंटू, प्रीतम सैनी, चंद्रपति ढांडा, कर्मबीर ढिल्लो, नरेंद्र शर्मा, रेखा ऐरन, सुरेश गोयल, कृष्ण खटाना, सुनील वर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर यादव, एसई रामजीलाल सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।
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हिसार।
नगर निगम में मंगलवार को हाउस की आखिरी बैठक हुई। अध्यक्षता मेयर शकुंतला राजलीवाला और कमिश्नर अशोक बंसल ने की। बैठक में स्ट्रीट लाइटों का नया टेंडर लेने वाली कंपनी के खिलाफ पार्षदों ने कड़ा ऐतराज जताया। पार्षदों ने चेतावनी दी कि स्ट्रीट लाइट की कंपनी का ठेका रद्द करो, नहीं तो हम दरी बिछाकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। पार्षद नरेंद्र शर्मा ने तो यहां तक कह डाला कि आठ दिन में ही कंपनी ने ऐसी-तैसी करके रख दी। इसके अलावा बैठक में सीवरेज व पानी के मुद्दे पर भी पार्षदों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। विभाग के एसडीओ केएल पाहवा और प्रेमचंद कुछ भी जवाब नहीं दे सके।
पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की नीयत ठीक नहीं : कमिश्नर
बैठक में पार्षद शालू दीवान ने रामपुरा मोहल्ला में गंदे पानी की सप्लाई आने की शिकायत की। सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी, डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद नरेंद्र शर्मा, रेखा सैनी और कर्मवीर ढिल्लो ने भी शिकायत की। कर्मवीर ढिल्लो ने बताया कि उनके वार्ड में अधिकारी अपनी नालायकी छुपाने के लिए मोटर की पावर नहीं बढ़ा रहे हैं। अगर पावर बढ़ा देंगे तो पाइप फट जाएगी। इतनी शिकायतों को सुनने के बाद कमिश्नर अशोक बंसल ने कहा कि पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की नीयत ठीक नहीं है। जान-बूझकर काम लटका देते हैं। बार-बार बताने पर भी गंदे पानी की सप्लाई में सुधार नहीं हो रहा है। कम से कम अधिकारियों को अगर कोई काम नहीं हो सकता तो इसकी जानकारी तो देनी चाहिए। सीवरेज-पानी देने के दो काम हैं, वो भी पूरा नहीं कर रहे।
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निगम तो कंगाल है, पब्लिक हेल्थ के पास तो पैसा भी है : मेयर
मेयर शकुंतला राजलीवाला ने भी कहा कि उनके घर के पास भी सीवरेज जाम रहता है। शिकायत करने पर कर्मचारी कुछ कचरा निकाल जाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ है। मेयर ने कहा कि नगर निगम तो कंगाल है, लेकिन पब्लिक हेल्थ के पास तो बहुत पैसा है। फिर भी लोगों के काम नहीं हो रहे। अधिकारियों को गंभीर होकर काम करना चाहिए। कमिश्नर ने भी मेयर की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि गंदा पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों को इसे मामले को हलके में नहीं लेना चाहिए।
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पांच साल से सुन रहे हैं, आज तक तो कुछ हुआ नहीं : पार्षद अजीत
वार्ड नंबर 10 के पार्षद अजीत सिंह ने सूर्य नगर, शिव कालोनी में बंद सीवर खुलवाने, मेनहोलों के साथ जीटी लगाने, नीचे मैनहोल को ऊंचा उठवाने की मांग की। इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सीवरेज सफाई चल रही है। इस पर अजीत सिंह भड़क उठे और बोले कि पांच साल से सुन रहे हैं, काम चल रहा-चल रहा है, लेकिन आज तक हुआ कुछ नहीं है। हर बार की तरह लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
80 बच्चों पर 10 टीचर है, इससे अच्छा मर्ज कर दो : डिप्टी मेयर
डिप्टी मेयर भीम महाजन ने गवर्नमेंट स्कूल नंबर चार के हालातों को शिक्षा विभाग के बीईओ के समक्ष रखे। उन्होंने बीईओ को बताया कि इस स्कूल में मात्र 80 बच्चे हैं, लेकिन उन पर 10 टीचर लगाए हुए हैं। फिर भी स्कूल का रिजल्ट बेहतर नहीं है। सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। इससे अच्छा तो स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज कर देना चाहिए। दूसरा स्कूल ज्यादा दूर भी नहीं है। बीईओ ने आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला रख देंगे।
सूरजमल एन्क्लेव को लेकर बोले पार्षद, जेब में पैसा डाल गए अधिकारी
बैठक में सूरजमल एन्क्लेव के प्रस्ताव को लेकर पार्षद मास्टर प्रह्लाद और नरेंद्र शर्मा आपस में उलझ गए। दोनों के बीच बहसबाजी हुई। एक्सईएन विवेक गिल ने प्रस्ताव रखा कि सूरजमल एन्क्लेव के मालिक ने दो प्रतिशत जमीन और मांगी है। इसका हाउस में प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजना है। इस पर नरेंद्र शर्मा ने कहा कि ठीक है प्रस्ताव पास कर दो तो मास्टर प्रह्लाद भड़क गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जेब में पैसा डाल गए हैं। इसमें धांधली है। इसलिए यह प्रस्ताव पास नहीं करेंगे। पहले इसकी जांच की जाए, उसके बाद देखेंगे। काफी देर माहौल गर्म रहा। उसके बाद इस प्रस्ताव को पेंडिंग रख लिया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में मेयर शकुंतला राजलीवाला के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर दयानंद सैनी, डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद अनिल जैन, कमला बंसल, शालु दीवान, रेखा सैनी, मास्टर प्रह्लाद सिंह, अजीत सिंह, राजपाल मांडू, उदयवीर सिंह मिंटू, प्रीतम सैनी, चंद्रपति ढांडा, कर्मबीर ढिल्लो, नरेंद्र शर्मा, रेखा ऐरन, सुरेश गोयल, कृष्ण खटाना, सुनील वर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर यादव, एसई रामजीलाल सहित सभी अधिकारी उपस्थित थे।