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बाप-बेटे और दादा-पोते की सरकारें केवल पैसा लेना जानती थीं : धनखड़

Sat, 09 Sep 2017 01:24 AM IST
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:24 AM IST
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बाप-बेटे और दादा-पोते की सरकारें केवल पैसा लेना जानती थीं  : धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
प्रदेश के मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा दादा-पोते और बाप-बेटे की सरकारें केवल पैसे लेकर काम करना जानती थीं। कांग्रेस सरकार में गठित स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू क्यों नहीं किया, जवाब दें। हुड्डा सरकार अंतिम दौर में 10 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव पास करके गई थी। हमने किसानों की सहमति बिन एक इंच भी जमीन नहीं ली।
नई अनाज मंडी में किसान जमावड़ा में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश की आजादी के समय जीडीपी का 70 प्रतिशत हिस्सा कृषि आधारित था। कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण आज यह केवल 17 प्रतिशत रह गया है । एक रुपये में किसान का हिस्सा महज तीन पैसे रह गया। इनेलो शासन में सालाना 40 करोड़ रुपये तथा कांग्रेस शासन काल में 80 करोड़ रुपये मुआवजा किसानों को दिया जाता था। भाजपा सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से मुआवजा दिया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को मार्केटिंग के गुर सीखने होंगे। दिल्ली के 36 हजार करोड़ के बाजार पर कब्जा करना होगा। प्रदेश के आखिरी कोने से दूध, सब्जी तीन घंटे में दिल्ली पहुंचाया जा सकता है। किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए हिसार के एचएयू में एग्रो बिजनेस स्कूल शुरू किया गया है। ई-मंडी के जरिये कोई भी किसानों का माल खरीद सकता है। शहरों के पास डेयरी उद्योग एरिया विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हिसार से की जाएगी। सरकार का लक्ष्य खेतों के 25 प्रतिशत इलाके को बागवानी क्षेत्र बनाने का है। सरकार के इसके लिए 510 करोड़ बजट का प्रावधान किया है। हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए अब सरकार पानी का प्रबंध अपने हाथ में लेगी। प्रोजेक्ट के अनुसार प्रत्येक 150-200 एकड़ जमीन के लिए एक तालाब बनाकर वहां पर सोलर सिस्टम आधारित ट्यूबवेल लगाया जाएगा तथा सभी खेतों को पाइप लाइन के माध्यम से पानी सप्लाई किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजराइल की तर्ज पर खेतों को ड्रिप, छोट फव्वारे, बड़े फव्वारे और रेनगन तकनीक से पानी पहुंचाकर अधिक जमीन को सिंचित किया जाएगा।
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किसान हित के कार्यों से विपक्षियों को तकलीफ : बराला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से किसान हित में किए गए कार्यों से विपक्षियों को तकलीफ होती है। दक्षिण हरियाणा में बंसी लाल के समय बनवाई गई नहरें खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। वर्तमान सरकार ने न केवल उनका पुनर्निर्माण करवाया, बल्कि टेल तक पानी पहुंचाने का काम भी किया है। इस मौके पर सीएम ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष समय सिंह भाटी, महासचिव रामफल बूरा, जिला प्रभारी सुरेंद्र नैन, चेयरमैन जोगीराम सिहाग, महामंत्री सुजीत कुमार, जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहड़वा आदि मौजूद थे।
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आयोजक कृष्ण सरसाना ने मांगा नहरी पानी
रैली आयोजक कृष्ण रैली में मंत्रियों से नहरी पानी की अवधि कम से कम 15 दिन करने दिलाने की मांग की। टेलों तक पानी पहुंचाने, ओपी जिंदल माइनर के लिफ्ट सिस्टम पर 24 घंटे बिजली का प्रबंध करने, फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाने, पशु अस्पतालों में भारतीय नस्लों की गाय का सीमन उपलब्ध करवाने, लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान करवाने, पशु मेलों के आयोजन की मांगें रखीं। इस मौके पर महामंत्री आशा रानी, कृष्ण बिश्नोई, पुनीत जावा, सुरजीत ख्यालिया, कुलदीप दलाल, दलबीर नैन, राजपाल बैनीवाल, दयानंद बूरा, सुशील कौशिक, मनोज कुश, दिनेश गुराना, रामदेव आर्य, नरेश जोशी, अजीत सिवानी, दशरथ दलाल कुंभा, दलबीर बैंदा, जिला परिषद की उपाध्यक्ष मीना शर्मा, रामपाल पूनिया, सुभाष सहारन, बलवान कंवारी आदि शर्मा मौजूद थे।
ननिहाल पहुंचे बराला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला रैली के बाद अपने ननिहाल गांव सरसाना में पहुंचे। सुभाष बराला ने नाना रिसालदार जगमाल सिंह के घर दोपहर का भोजन किया। गांव पहुंचे अपने भांजे और दोहते को ग्रामीणों नेआशीर्वाद दिया। सुभाष बराला शॉल देकर विदा किया।

ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे रैली में
रैली में नलवा हलके से गाड़ियों का एक काफिला ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचने के कारण सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। रैली आयोजक कृष्ण सरसाना ट्रैक्टर के साथ रैलीस्थल पर पहुंचे।

किसान जमावड़ा रैली में इनेलो-कांग्रेस पर बोला हमला
- हुड्डा बताएं स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें कांग्रेस ने क्यों नहीं लागू कीं
- किसानों की सहमति के बिना एक इंच भी जमीन नहीं लेंगे
--कांग्रेस के कारण किसानों का एक रुपये में महज तीन पैसे का हिस्सा रह गया
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