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एक दिन में 46 लाख यूनिट फूंक रहे शहरवासी, बीड़ सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर हुए ओवरलोडिड
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हिसार। शहरवासी एक दिन में 46 लाख 03 हजार यूनिट बिजली फूंक रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार दो लाख यूनिट रोजाना की खपत बढ़ गई है। इस कारण शहर के अधिकांश हिस्से को सप्लाई देने वाले 132 केवी बीड़ सब स्टेशन के तीनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो चुके हैं। हालांकि इनमें से एक 33 केवी ट्रांसफार्मर का लोड दूसरे सब स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया गया है। मगर 11 केवी के दो ट्रांसफार्मर अभी भी ओवरलोड हैं।
इन ट्रांसफार्मरों को राहत देने के लिए शहर के अलग अलग फीडरों पर एक से डेढ़ घंटे तक के कट लगाए जा रहे हैं। हालांकि एक ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के बाद कटों में मामूली कमी हुई है। फिर भी 45 डिग्री से अधिक तापमान में दस मिनट के लिए भी बिजली गुल होने पर लोगों की आफत बढ़ जाती है।
दरअसल, 132 केवी बीड़ सब स्टेशन पर एक 132 गुणा 33 केवी जबकि दो 132 गुणा 11 केवी के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें से 132 गुणा 33 केवी के ट्रांसफार्मर का ओवरलोड खत्म किया गया है। मगर अभी भी 11 केवी के दोनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं ताकि ट्रांसफार्मरों को कुछ देर के लिए राहत मिल सके। अगर कट नहीं लगाए जाएंगे तो ट्रांसफार्मरों के ब्लास्ट होने का खतरा रहता है।
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अकेले अर्बन फीडरों का लोड 19 लाख 70 हजार यूनिट
बिजली निगम के अनुसार साल 2018 में जून के दूसरे सप्ताह में एक दिन में 44 लाख 36 हजार यूनिट बिजली खपत हो रही थी। मगर इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 46 लाख 03 हजार यूनिट पर पहुंच चुका है। इनमें से अगर अकेले अर्बन फीडरों के लोड की बात की जाए तो उसका आंकड़ा 19 लाख 70 हजार यूनिट है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 18 लाख 31 हजार था।
कंट्रोल रूम से लोगों को नहीं मिल रही सही सूचना
बिजली निगम की ओर से बनाए गए कंट्रोल रूमों से उपभोक्ताओं को सही सूचनाएं नहीं मिल रही हैं। पीछे से लगने वाले कट कितनी देर तक रहेंगे, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम के ऑपरेटर लोगों को नहीं दे पाते हैं। अधिकांश बार तो कंट्रोल रूम के नंबर ही नहीं मिल पाते हैं। इस कारण भी बिजली उपभोक्ताओं में रोष बढ़ रहा है।
मौसम में बदलाव के साथ कम हो जाएगा लोड
बिजली अधिकारियों के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ जैसे जैसे तापमान घटेगा, उसी के साथ लोड कम होता जाएगा। इसलिए दस दिन और परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि बुधवार देर शाम को आई आंधी और बारिश के साथ ही बिजली निगम के ट्रांसफार्मरों को कुछ राहत जरूर महसूस हुई।
बिना लोड बढ़वाए चला रहे एसी
बिजली अधिकारियों के अनुसार शहरवासी बिना लोड बढ़वाए एसी चला रहे हैं। इस कारण उनके पास पुख्ता डाटा नहीं पहुंच रहा है। अगर एसी लगाने से पहले शहरवासी अपना लोड बढ़वा लें तो उसी अनुसार ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की जा सकती है। जब बिना बताए एसी चलते हैं तो ट्रांसफार्मरों का लोड बढ़ जाता है। इससे फ्यूज उड़ने और ट्रिपिंग होने की समस्या बढ़ जाती है।
यहां लगे बड़े कट
>> डोगरान मोहल्ला
>> मोहल्ला राजगढ़
>> मुलतानी चौक
>> जैन गली, नागोरी गेट
>> चौधरी मार्केट
>> अर्बन एस्टेट
>> कृष्णा नगर
132 केवी बीड़ सब स्टेशन के 33 केवी ट्रांसफार्मर का लोड आर्यनगर सब स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया है। इससे बिजली कटों में काफी राहत मिली है। बाकी और सुधार कर रहे हैं। दो-तीन दिन में इसका असर दिखने लगेगा।
- आरके सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम
132 केवी बीड़ सब स्टेशन के 11 केवी के दोनों ट्रांसफार्मर अभी भी ओवरलोड हैं। उनमें से भी एक का लोड शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। उसके बाद काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
- सतीश कुमार, एक्सईएन, डिविजन नंबर एक
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इन ट्रांसफार्मरों को राहत देने के लिए शहर के अलग अलग फीडरों पर एक से डेढ़ घंटे तक के कट लगाए जा रहे हैं। हालांकि एक ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के बाद कटों में मामूली कमी हुई है। फिर भी 45 डिग्री से अधिक तापमान में दस मिनट के लिए भी बिजली गुल होने पर लोगों की आफत बढ़ जाती है।
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दरअसल, 132 केवी बीड़ सब स्टेशन पर एक 132 गुणा 33 केवी जबकि दो 132 गुणा 11 केवी के ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें से 132 गुणा 33 केवी के ट्रांसफार्मर का ओवरलोड खत्म किया गया है। मगर अभी भी 11 केवी के दोनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण बिजली कट लगाने पड़ रहे हैं ताकि ट्रांसफार्मरों को कुछ देर के लिए राहत मिल सके। अगर कट नहीं लगाए जाएंगे तो ट्रांसफार्मरों के ब्लास्ट होने का खतरा रहता है।
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अकेले अर्बन फीडरों का लोड 19 लाख 70 हजार यूनिट
बिजली निगम के अनुसार साल 2018 में जून के दूसरे सप्ताह में एक दिन में 44 लाख 36 हजार यूनिट बिजली खपत हो रही थी। मगर इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 46 लाख 03 हजार यूनिट पर पहुंच चुका है। इनमें से अगर अकेले अर्बन फीडरों के लोड की बात की जाए तो उसका आंकड़ा 19 लाख 70 हजार यूनिट है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 18 लाख 31 हजार था।
कंट्रोल रूम से लोगों को नहीं मिल रही सही सूचना
बिजली निगम की ओर से बनाए गए कंट्रोल रूमों से उपभोक्ताओं को सही सूचनाएं नहीं मिल रही हैं। पीछे से लगने वाले कट कितनी देर तक रहेंगे, इसकी जानकारी कंट्रोल रूम के ऑपरेटर लोगों को नहीं दे पाते हैं। अधिकांश बार तो कंट्रोल रूम के नंबर ही नहीं मिल पाते हैं। इस कारण भी बिजली उपभोक्ताओं में रोष बढ़ रहा है।
मौसम में बदलाव के साथ कम हो जाएगा लोड
बिजली अधिकारियों के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ जैसे जैसे तापमान घटेगा, उसी के साथ लोड कम होता जाएगा। इसलिए दस दिन और परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि बुधवार देर शाम को आई आंधी और बारिश के साथ ही बिजली निगम के ट्रांसफार्मरों को कुछ राहत जरूर महसूस हुई।
बिना लोड बढ़वाए चला रहे एसी
बिजली अधिकारियों के अनुसार शहरवासी बिना लोड बढ़वाए एसी चला रहे हैं। इस कारण उनके पास पुख्ता डाटा नहीं पहुंच रहा है। अगर एसी लगाने से पहले शहरवासी अपना लोड बढ़वा लें तो उसी अनुसार ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था की जा सकती है। जब बिना बताए एसी चलते हैं तो ट्रांसफार्मरों का लोड बढ़ जाता है। इससे फ्यूज उड़ने और ट्रिपिंग होने की समस्या बढ़ जाती है।
यहां लगे बड़े कट
>> डोगरान मोहल्ला
>> मोहल्ला राजगढ़
>> मुलतानी चौक
>> जैन गली, नागोरी गेट
>> चौधरी मार्केट
>> अर्बन एस्टेट
>> कृष्णा नगर
132 केवी बीड़ सब स्टेशन के 33 केवी ट्रांसफार्मर का लोड आर्यनगर सब स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया है। इससे बिजली कटों में काफी राहत मिली है। बाकी और सुधार कर रहे हैं। दो-तीन दिन में इसका असर दिखने लगेगा।
- आरके सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम
132 केवी बीड़ सब स्टेशन के 11 केवी के दोनों ट्रांसफार्मर अभी भी ओवरलोड हैं। उनमें से भी एक का लोड शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। उसके बाद काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
- सतीश कुमार, एक्सईएन, डिविजन नंबर एक