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लुवास के 600 करोड़ के बजट को एससीएस ने दी मंजूरी
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हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के नए कैंपस के निर्माण के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) ने 600 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी इस बजट को फाइनेंस डिपार्टमेंट हरियाणा और नाबार्ड की मंजूरी मिलनी बाकी है। इनकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह बजट विश्वविद्यालय को मिलेगा।
बता दें कि वर्ष 2010 हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से अलग होकर लुवास की स्थापना की थी। तब से यह कृषि विश्वविद्यालय के कैंपस में चल रहा है। विश्वविद्यालय के नए कैंपस के लिए कई बार जगह बदली गई। आखिर में तलवंडी राणा से सिरसा रोड बाईपास पर 1124 एकड़ जमीन आवंटित की गई। इसी जमीन विश्वविद्यालय के नए कैंपस का निर्माण कार्य चल रहा है।
600 करोड़ से ये होंगे निर्माण कार्य
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक 600 करोड़ के बजट से वेटरनेरी कॉलेज, डायग्नोस फ्री स्मॉल एनीमल हाउस, वैक्सीनेशन इंस्टीट्यूट, मिल्किंग पार्लर, हॉस्टल, टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए आवास, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम आदि का निर्माण कराया जाएगा।
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120 करोड़ का मिल चुका है बजट
इससे पहले विश्वविद्यालय को 120 करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। इस बजट से नए कैंपस की चहारदीवारी, डेयरी साइंस कॉलेज, वाइस चांसलर ऑफिस व प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक अगले वर्ष इनका निर्माण पूरा हो जाएगा।
यहां होता है पशुओं की गंभीर बीमारियों का इलाज
लुवास के पशु चिकित्सालय में प्रदेश भर के पशुपालक गंभीर रूप से बीमार पशुओं को लाते हैं। अस्पताल में पशुओं की सर्जरी, ऑपरेशन आदि से लेकर हर तरह का इलाज होता है। विवि में पशुओं के इस बड़े चिकित्सालय के अलावा क्लीनिक, सेंट्रल लेबोरेट्री, एनीमल रिसर्च फार्म और डिजीज फ्री स्मॉल एनिमल हाउस आदि प्रमुख सुविधाएं हैं। विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन, पीजी और पीएचडी और डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती है।
बजट को एसीएस ने मंजूरी दे दी है। अब बजट को फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे नाबार्ड को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही हमें बजट मिल जाएगा।
-डॉ. गुरदियाल सिंह, वाइस चांसलर, लुवास
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बता दें कि वर्ष 2010 हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से अलग होकर लुवास की स्थापना की थी। तब से यह कृषि विश्वविद्यालय के कैंपस में चल रहा है। विश्वविद्यालय के नए कैंपस के लिए कई बार जगह बदली गई। आखिर में तलवंडी राणा से सिरसा रोड बाईपास पर 1124 एकड़ जमीन आवंटित की गई। इसी जमीन विश्वविद्यालय के नए कैंपस का निर्माण कार्य चल रहा है।
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600 करोड़ से ये होंगे निर्माण कार्य
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक 600 करोड़ के बजट से वेटरनेरी कॉलेज, डायग्नोस फ्री स्मॉल एनीमल हाउस, वैक्सीनेशन इंस्टीट्यूट, मिल्किंग पार्लर, हॉस्टल, टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए आवास, ऑडिटोरियम, इनडोर स्टेडियम आदि का निर्माण कराया जाएगा।
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120 करोड़ का मिल चुका है बजट
इससे पहले विश्वविद्यालय को 120 करोड़ रुपये का बजट मिल चुका है। इस बजट से नए कैंपस की चहारदीवारी, डेयरी साइंस कॉलेज, वाइस चांसलर ऑफिस व प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक अगले वर्ष इनका निर्माण पूरा हो जाएगा।
यहां होता है पशुओं की गंभीर बीमारियों का इलाज
लुवास के पशु चिकित्सालय में प्रदेश भर के पशुपालक गंभीर रूप से बीमार पशुओं को लाते हैं। अस्पताल में पशुओं की सर्जरी, ऑपरेशन आदि से लेकर हर तरह का इलाज होता है। विवि में पशुओं के इस बड़े चिकित्सालय के अलावा क्लीनिक, सेंट्रल लेबोरेट्री, एनीमल रिसर्च फार्म और डिजीज फ्री स्मॉल एनिमल हाउस आदि प्रमुख सुविधाएं हैं। विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन, पीजी और पीएचडी और डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती है।
बजट को एसीएस ने मंजूरी दे दी है। अब बजट को फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे नाबार्ड को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही हमें बजट मिल जाएगा।
-डॉ. गुरदियाल सिंह, वाइस चांसलर, लुवास