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चले थे हिसार को राजधानी बनाने, अपना ही गढ़ नहीं बचा पाए
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हिसार। कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई हिसार को हरियाणा की राजधानी बनाने का दावा करके मैदान में उतरे थे। मगर जमानत के साथ-साथ अपने दादा पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल का गढ़ भी नहीं बचा पाए। हालत ऐसी रही कि परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में राजनीतिक विरासत बचाने उतरे भव्य बिश्नोई को हिसार लोकसभा ही नहीं, बल्कि आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से भी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले साल 2014 के चुनाव में भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई को इनेलो के टिकट पर प्रत्याशी रहे दुष्यंत चौटाला ने 31 हजार 994 वोटों से हराया था। विशेष बात यह है कि आदमपुर से हमेशा भजनलाल परिवार के सदस्य ही विधायक बनते आए हैं।
पिता के हलके से ज्यादा वोटों से मां के हलके में हारे
भव्य बिश्नोई को मतदाताओं की ऐसी नाराजगी झेलनी पड़ी है कि उन्हें उन दोनों हलकों में भी हार मिली है, जहां से उनके माता-पिता विधायक हैं। आदमपुर से भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई विधायक हैं, जहां से उन्हें 23 हजार वोटों से हार मिली, जबकि हांसी विधानसभा क्षेत्र से उनकी मां रेणुका बिश्नोई विधायक हैं। हांसी से भव्य को मात्र 13 हजार 900 वोट मिले और यहां वह तीसरे नंबर पर रहे। भव्य को मां रेणुका के हलके में भाजपा प्रत्याशी से 63 हजार 743 वोटों से हार मिली।
आदमपुर से थी अधिक उम्मीद
भव्य बिश्नोई से लेकर उनके पिता कुलदीप बिश्नोई को आदमपुर से सबसे अधिक उम्मीद थी। मगर यहां भी उनकी उम्मीदों को झटका लगा। चुनाव के दौरान ही लोगों के बीच न रहने के कुलदीप बिश्नोई पर आरोप लगते रहे, जिसका खामियाजा अब चुनाव परिणाम में उन्हें भुगतना पड़ा है। आदमपुर में भाजपा प्रत्याशी को जहां 59 हजार 122 वोट मिले, जबकि भव्य को 35 हजार 895 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
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हांसी की जनता ने कुलदीप परिवार को नकारा
इसी तरह हांसी की जनता ने भी कुलदीप बिश्नोई के परिवार को नकार दिया है। 2014 में हिसार लोकसभा सीट से हजकां-भाजपा गठबंधन से चुनाव लड़ने पर कुलदीप बिश्नोई को हांसी विधानसभा से 55 हजार 441 वोट मिले थे। वहीं रेणुका बिश्नोई को 2014 के विधानसभा चुनाव में 46 हजार 335 वोट मिले थे। रेणुका बिश्नोई 14 हजार 652 वोटों से विजयी हुई थीं। मगर इस बार भव्य बिश्नोई को हांसी से मिले वोटों का आंकड़ा मात्र 13 हजार 900 पर ही सिमट गया।
भव्य ने अपना खुद का घोषणा पत्र किया था जारी
भव्य बिश्नोई ने चुनाव प्रचार के दौरान अपना खुद का हिसार के लिए घोषणा पत्र जारी किया था। उस घोषणा पत्र में हिसार को राजधानी बनाने सहित कई दावे किए गए थे।
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पिता के हलके से ज्यादा वोटों से मां के हलके में हारे
भव्य बिश्नोई को मतदाताओं की ऐसी नाराजगी झेलनी पड़ी है कि उन्हें उन दोनों हलकों में भी हार मिली है, जहां से उनके माता-पिता विधायक हैं। आदमपुर से भव्य के पिता कुलदीप बिश्नोई विधायक हैं, जहां से उन्हें 23 हजार वोटों से हार मिली, जबकि हांसी विधानसभा क्षेत्र से उनकी मां रेणुका बिश्नोई विधायक हैं। हांसी से भव्य को मात्र 13 हजार 900 वोट मिले और यहां वह तीसरे नंबर पर रहे। भव्य को मां रेणुका के हलके में भाजपा प्रत्याशी से 63 हजार 743 वोटों से हार मिली।
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आदमपुर से थी अधिक उम्मीद
भव्य बिश्नोई से लेकर उनके पिता कुलदीप बिश्नोई को आदमपुर से सबसे अधिक उम्मीद थी। मगर यहां भी उनकी उम्मीदों को झटका लगा। चुनाव के दौरान ही लोगों के बीच न रहने के कुलदीप बिश्नोई पर आरोप लगते रहे, जिसका खामियाजा अब चुनाव परिणाम में उन्हें भुगतना पड़ा है। आदमपुर में भाजपा प्रत्याशी को जहां 59 हजार 122 वोट मिले, जबकि भव्य को 35 हजार 895 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
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हांसी की जनता ने कुलदीप परिवार को नकारा
इसी तरह हांसी की जनता ने भी कुलदीप बिश्नोई के परिवार को नकार दिया है। 2014 में हिसार लोकसभा सीट से हजकां-भाजपा गठबंधन से चुनाव लड़ने पर कुलदीप बिश्नोई को हांसी विधानसभा से 55 हजार 441 वोट मिले थे। वहीं रेणुका बिश्नोई को 2014 के विधानसभा चुनाव में 46 हजार 335 वोट मिले थे। रेणुका बिश्नोई 14 हजार 652 वोटों से विजयी हुई थीं। मगर इस बार भव्य बिश्नोई को हांसी से मिले वोटों का आंकड़ा मात्र 13 हजार 900 पर ही सिमट गया।
भव्य ने अपना खुद का घोषणा पत्र किया था जारी
भव्य बिश्नोई ने चुनाव प्रचार के दौरान अपना खुद का हिसार के लिए घोषणा पत्र जारी किया था। उस घोषणा पत्र में हिसार को राजधानी बनाने सहित कई दावे किए गए थे।