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Hisar News: राखीगढ़ी पहुंचकर निहारी अतीत की धरोहर
Sun, 27 Sep 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:07 AM IST
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राखीगढ़ी स्थित सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र में पुरातात्त्विक सामग्री का अवलोकन करते शिक्षाव
नारनौंद । हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचकेवी) महेंद्रगढ़ और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शिक्षाविदों व शोधार्थियों ने शनिवार को राखीगढ़ी की ऐतिहासिक धरती पर हड़प्पा सभ्यता के अतीत को करीब से जाना। टीम ने सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कर संग्रहालय की दीर्घाओं और पुरातात्त्विक स्थलों का अवलोकन किया।
टीम ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से संचालित संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन करने के साथ राखीगढ़ी के पुरातात्विक टीलों का भ्रमण कर हड़प्पा सभ्यता के इतिहास और पुरातात्विक महत्व को समझा। भ्रमण में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. तीर्थराज भोई, बीएचयू के इतिहास विभाग के प्रो. केशव मिश्रा तथा पीएचडी शोधार्थी रिंकू शर्मा, गुरु प्रसाद, नमिता और साक्षी शामिल रहे।
संग्रहालय के प्रोजेक्ट असिस्टेंट एवं प्रभारी विकास कुमार ने अतिथियों को ज्ञान केंद्र की दीर्घाओं, राखीगढ़ी के पुरातात्त्विक महत्व और हड़प्पा सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। इस दौरान इतिहास एवं पुरातत्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र हड़प्पा सभ्यता की विरासत को संरक्षित करने और विद्यार्थियों, शोधार्थियों व आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे भ्रमण से शोधार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ पुरातात्विक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है।
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प्रदर्शित पुरावशेषों की ली जानकारी
शिक्षाविदों ने दीर्घाओं में प्रदर्शित हड़प्पा सभ्यता से संबंधित मृद्भांड, मुहरों, मनकों, आभूषणों और अन्य कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनके बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ने विभिन्न पुरातात्त्विक टीलों का भ्रमण कर स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझी।
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टीम ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से संचालित संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन करने के साथ राखीगढ़ी के पुरातात्विक टीलों का भ्रमण कर हड़प्पा सभ्यता के इतिहास और पुरातात्विक महत्व को समझा। भ्रमण में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. तीर्थराज भोई, बीएचयू के इतिहास विभाग के प्रो. केशव मिश्रा तथा पीएचडी शोधार्थी रिंकू शर्मा, गुरु प्रसाद, नमिता और साक्षी शामिल रहे।
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संग्रहालय के प्रोजेक्ट असिस्टेंट एवं प्रभारी विकास कुमार ने अतिथियों को ज्ञान केंद्र की दीर्घाओं, राखीगढ़ी के पुरातात्त्विक महत्व और हड़प्पा सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी दी। इस दौरान इतिहास एवं पुरातत्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। सप्त सिंधु हड़प्पा ज्ञान केंद्र हड़प्पा सभ्यता की विरासत को संरक्षित करने और विद्यार्थियों, शोधार्थियों व आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे भ्रमण से शोधार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ पुरातात्विक स्थलों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलता है।
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प्रदर्शित पुरावशेषों की ली जानकारी
शिक्षाविदों ने दीर्घाओं में प्रदर्शित हड़प्पा सभ्यता से संबंधित मृद्भांड, मुहरों, मनकों, आभूषणों और अन्य कलाकृतियों का अवलोकन किया और उनके बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ने विभिन्न पुरातात्त्विक टीलों का भ्रमण कर स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि समझी।