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18 वर्ष बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह ने किया लेखा संहिता का विमोचन
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में वीरवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. केपी सिंह ने विश्वविद्यालय के अकाउंट कोड (लेखा संहिता) खंड-1 के 5वें संस्करण का विमोचन किया। ये नया संस्करण 18 वर्ष बाद आवश्यक सुधार करके जारी किया गया है। पिछला संस्करण 2001 में प्रकाशित हुआ था। लेखा संहिता के नए संस्करण में अप्रैल 2018 तक जारी सभी संशोधनों को शामिल किया गया है।
इसमें सभी प्रोफार्मा/फार्म (निदर्शन पत्र/प्रपत्र) का सरलीकरण एवं अद्यतन किया गया है। लेखा संहिता में आवश्यकतानुसार कई नए अध्याय जैसे कि जीएसटी, एनपीएस आदि सम्मिलित किए गए हैं। अन्य अध्यायों को भी सरकार के समय-समय पर जारी निर्देषों के अनुसार सामयिक बनाया गया है। लेखा संहिता की समीक्षा, अद्यतन और संशोधन कार्य वित्त नियंत्रक डॉ. अतुल ढींगरा व उप वित्त नियंत्रक श्री श्याम सुंदर शर्मा के पर्यवेक्षण में भूतपूर्व उप वित्त नियंत्रक डीएस गुप्ता ने किया है। इसके संकलन में शोभित कपूर, आरएस सैनी व नीलम का भी योगदान रहा। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने लेखा संहिता को वर्तमान स्वरूप देने के लिए इन सभी अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लेखा संहिता का संशोधित संस्करण सभी विभागों की वर्तमान आवश्यकताओं और कार्यों को पूरा करता है और यह इन विभागों की कार्य कुशलता बढ़ाने में बहुत सार्थक साबित होगा। यह सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और शिक्षकों के ज्ञान में भी इजाफा करेगा और विभागीय लेखा परीक्षा के लिए एक संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोगी होगा।
साइट पर किया जाएगा अपलोड : डॉ. अतुल
वित्त नियंत्रक डॉ. अतुल ढींगरा ने बताया कि लेखा संहिता खंड-एक के नए संस्करण की प्रतियां समस्त संबंधित राजकीय विभागों एवं विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं, निदेशकों, विभागाध्यक्षों एवं अन्य अधिकारियों को भेजी जाएंगी। इसको विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि अन्य विश्वविद्यालयों इत्यादि के लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
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इसमें सभी प्रोफार्मा/फार्म (निदर्शन पत्र/प्रपत्र) का सरलीकरण एवं अद्यतन किया गया है। लेखा संहिता में आवश्यकतानुसार कई नए अध्याय जैसे कि जीएसटी, एनपीएस आदि सम्मिलित किए गए हैं। अन्य अध्यायों को भी सरकार के समय-समय पर जारी निर्देषों के अनुसार सामयिक बनाया गया है। लेखा संहिता की समीक्षा, अद्यतन और संशोधन कार्य वित्त नियंत्रक डॉ. अतुल ढींगरा व उप वित्त नियंत्रक श्री श्याम सुंदर शर्मा के पर्यवेक्षण में भूतपूर्व उप वित्त नियंत्रक डीएस गुप्ता ने किया है। इसके संकलन में शोभित कपूर, आरएस सैनी व नीलम का भी योगदान रहा। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने लेखा संहिता को वर्तमान स्वरूप देने के लिए इन सभी अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लेखा संहिता का संशोधित संस्करण सभी विभागों की वर्तमान आवश्यकताओं और कार्यों को पूरा करता है और यह इन विभागों की कार्य कुशलता बढ़ाने में बहुत सार्थक साबित होगा। यह सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और शिक्षकों के ज्ञान में भी इजाफा करेगा और विभागीय लेखा परीक्षा के लिए एक संदर्भ पुस्तक के रूप में उपयोगी होगा।
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साइट पर किया जाएगा अपलोड : डॉ. अतुल
वित्त नियंत्रक डॉ. अतुल ढींगरा ने बताया कि लेखा संहिता खंड-एक के नए संस्करण की प्रतियां समस्त संबंधित राजकीय विभागों एवं विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं, निदेशकों, विभागाध्यक्षों एवं अन्य अधिकारियों को भेजी जाएंगी। इसको विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि अन्य विश्वविद्यालयों इत्यादि के लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
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