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आईजी के आदेश के बाद गृह जिले में नौकरी कर रहे पुलिसकर्मियों में मची खलबली, बच्चों का हवाला देकर सीएम से मांगी मदद

Mon, 23 Jul 2018 12:49 AM IST
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:49 AM IST
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आईजी के आदेश के बाद गृह जिले में नौकरी कर रहे पुलिसकर्मियों में मची खलबली, बच्चों का हवाला देकर सीएम से मांगी मदद

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हिसार। ऐसे पुलिसकर्मी, जो काफी समय से नियम के विरुद्ध अपने गृह जिले में तैनात हैं, उनका जिले से बाहर तबादला करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार ने ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट मांगी है, जो गृह जिले में नौकरी कर रहे हैं। लिस्ट मांगते ही पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई है। आईजी द्वारा मांगी गई लिस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से एक अपील का मैसेज वायरल हुआ है। मैसेज के जरिये मुख्यमंत्री से बच्चों का हवाला देकर तबादला नहीं करने की मांग की गई है।

जिले में 125 और हिसार रेंज में 500 कर्मचारी गृह जिले में तैनात
अब तक मिली सूचना के अनुसार हिसार जिले में करीब 125 कर्मचारी ऐसे हैं, जो गृह जिले में तैनात हैं। वहीं पूरी हिसार रेंज में ऐसे पुलिस कर्मचारियों की संख्या करीब 500 बताई गई है। कर्मचारियों ने खुद को किसी अन्य जगह का निवासी बताया हुआ है, लेकिन ऐसे कर्मचारियों की कई लोगों द्वारा शिकायत कर उनके मूल निवास की जानकारी भी विभाग को दी गई है। गृह जिले में पुलिसकर्मी का रहना विभागीय नियमों के मुताबिक सही नहीं है। इसलिए ऐसे कर्मचारियों के तबादले की तैयारी चल रही है। हिसार के अलावा ऐसे ही हांसी, सिरसा, फतेहाबाद व जींद जिले के पुलिस अधीक्षकों से भी लिस्ट मांगी गई है।
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मुख्यमंत्री जी ! हमारी मदद करो...
सोशल मीडिया पर वायरल इस मैसेज में भावनात्मक अपील करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मदद मांगी गई है। मैसेज में लिखा गया है कि मुख्यमंत्री जी! हमारी मदद करो। हिसार रेंज के आईजी उन कर्मचारियों का तबादला दूसरे जिले में करने जा रहे हैं, जो अपने गृह जिले में तैनात हैं। मुख्यमंत्री से अपील में लिखा गया है कि पुलिसकर्मी 24 घंटे अपनी ड्यूटी देते हैं। पुलिस कर्मचारी समाज के हर वर्ग और सभी के परिवार की रक्षा करता है। अगर इस तरह से पुलिस कर्मचारियों को उनके परिवार से अलग किया गया तो उनका मनोबल गिर जाएगा। कर्मचारियों ने अपने बच्चों के दाखिले भी स्कूलों में करवा रखे हैं। कुछ कर्मचारियों के बच्चों ने खेलों में भी अपना रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। अगर इस समय तबादला किया गया तो बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। मुख्यमंत्री जी पुलिसकर्मियों के बच्चों और बूढ़े मां-बाप की तरफ ध्यान देते हुए इस तबादला प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
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पुलिस नीति को किया गया है चैलेंज
पुलिस की पुरानी नीति है कि कोई भी कर्मचारी अपने गृह जिले में नौकरी नहीं कर सकता। इसका कारण यह है कि पुलिसकर्मी अपने जानकारों के प्रति पुलिस की जांच या कार्रवाई को प्रभावित कर सकता है। इस मैसेज में इस नीति को गलत बताया गया है। मैसेज में लिखा गया है कि जिन पुलिसकर्मियों का तबादला किया जा रहा है, वे सिपाही से सब इंस्पेक्टर तक की रैंक के हैे। इन अधिकारियों के ऊपर पुलिस के कई बड़े अधिकारी तैनात हैं। ऐसी स्थिति में कर्मचारी किसी भी जांच को प्रभावित नहीं कर सकते हैं।


कोई भी पुलिसकर्मी नियमों के अनुसार अपने गृह जिले में नौकरी नहीं कर सकता है। इसी नियम के आधार पर ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है। लिस्ट आने के बाद इस पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री से निवेदन करना पुलिसकर्मियों का अधिकार है। अगर मुख्यमंत्री कार्यालय से इस बारे मेें कोई दिशानिर्देश आएगा तो उस पर भी विचार करेेंगे।
-संजय कुमार, आईजी, हिसार रेंज
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