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एविएशन हब के लिए 14 विभाग 4216 एकड़ जमीन करेंगे ट्रांसफर
Updated Fri, 23 Jun 2017 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एविएशन हब के लिए प्लान बी को फाइनल कर दिया गया है, जिसमें 4216 एकड़ जमीन पर एविएशन हब विकसित होगा। 14 अलग-अलग विभागों की जमीन को सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को ट्रांसफर किया जाएगा। इस बारे में अगले सप्ताह चंडीगढ़ में अहम फैसला होगा।
प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अगले सप्ताह चंडीगढ़ में एविएशन हब के लिए होने वाली मीटिंग में जमीन ट्रांसफर का फैसला लिया जाएगा। हिसार से जिला राजस्व अधिकारी, सिटीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मीटिंग में शामिल होंगे। इसके अलावा चंडीगढ़ से अन्य विभागों अतिरिक्त प्रधान सचिव, सिविल एविएशन अथॉरिटी के अधिकारी हिस्सा लेंगे। यहां एविएशन हब के लिए तीन प्लान भेजे गए थे, जिसमें प्लान बी को मंजूर कर लिया गया है। इस प्लान के हिसाब से 4216 एकड़ जमीन को सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को ट्रांसफर किया जाएगा। सिविल एविएशन के पास यहां 180 एकड़ जमीन है। अन्य 14 विभाग अपनी जमीन इस विभाग को ट्रांसफर करेंगे। भारत सरकार की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की दो मई को हुई मीटिंग में हिसार एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर मंथन किया गया था। हिसार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी थी। 30 जून को दिल्ली में होने वाली सिविल एविएशन की मीटिंग में इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करने की कवायद हो रही है। जिस कारण सभी विभागों से प्रस्तावित एविएशन हब के दायरे में आने वाली जमीन के बारे में राय मांगी थी। इन सभी विभागों को अपनी जमीन ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
किसकी कितनी जमीन होगी ट्रांसफर
-कैटल फार्म -2616 एकड़, 7 कनाल, 7 मरला
-राज्य कृषि फार्म -85 एकड़, 6 कनाल, 19 मरला
-लुवास-299 एकड़, 2 कनाल, 16 मरला
-सीड फार्म -611 एकड, 7 कनाल, 17 मरला
-पुलिस विभाग -84 एकड़, 1 मरला
-पर्यटन विभाग -04 एकड़
- मत्स्य विभाग -16 एकड़
- स्वास्थ्य विभाग -05 एकड़
- नगर परिषद -21 एकड़
- पशुमेला ग्राउंड -52 एकड़, 3 कनाल, 7 मरला
- इंजीनियरिंग कॉलेज -171 एकड़, 6 मरला
- रास्ते की जमीन -33 एकड़, 3 कनाल, 1 मरला
- डीसी ऑफिस -13 एकड़, 7 कनाल, 1 मरला
- पीडब्ल्यूडी -20 एकड़, 6 कनाल
-सिविल एविएशन -180 एकड़, 6 कनाल
-कुल -4216 एकड़, 3 मरला
फेज वाइज यह होगा काम
- डोमेस्टिक एयरपोर्ट
- स्माल स्केल मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग ओवरहालिंग यूनिट
--एयरो स्पेश मैन्युफेक्चरिंग
-फिक्स्ड बेस ऑपरेशन
-एविएशन ट्रेनिंग सेंटर एंड एविएशन यूनिवर्सिटी
-इंटरनेशनल एयरपोर्ट
-एयरोट्रोपल कॉमर्शियल एंड रेजीडेंशियल
हेलीकाप्टर, मिनी एयरक्राफ्ट बनेंगे
सीएम मनोहर लाल ने 4 अगस्त 2016 को केंद्रीय रक्षामंत्री को लेटर लिखकर हिसार एविएशन हब में रक्षा क्षेत्र में प्रयोग होने वाले मिनी फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए हिसार एमआरओ में निर्माण के लिए अनुरोध किया था। जिसमें हिंदुस्तान एयरोनोटिस लिमिटेड की ओर से यहां प्लांट लगाने का अनुरोध है। भारतीय सेना के लिए यहां हेलीकाप्टर व मिनी एयर क्राफ्ट्स की मेंटेनेंस रिपेयरिंग होगी। मुंबई की मिदानी कंपनी ने रोहतक और हिसार में इन्वेस्ट करने करने के लिए सहमति दी है।
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उड़ान के लिए भी प्रस्तावित
एविएशन हब विकसित होने तक हिसार एयरोड्रम को उड़ान स्कीम के तहत रीजनल कनेक्टिंग सर्विस एयरपोर्ट के तौर पर अपनाया जा सकता है। इसके लिए भारतीय विमानन मंत्रालय से अनुरोध किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार हवाई पट्टी तैयार कर उपलब्ध कराएगी। इस स्कीम के तहत आसपास के शहरों के लिए हिसार से उड़ान मिलेंगी।
- चंडीगढ़ में अगले सप्ताह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी मीटिंग
-30 को केंद्र सरकार की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के संकेत
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हिसार।
एविएशन हब के लिए प्लान बी को फाइनल कर दिया गया है, जिसमें 4216 एकड़ जमीन पर एविएशन हब विकसित होगा। 14 अलग-अलग विभागों की जमीन को सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को ट्रांसफर किया जाएगा। इस बारे में अगले सप्ताह चंडीगढ़ में अहम फैसला होगा।
प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अगले सप्ताह चंडीगढ़ में एविएशन हब के लिए होने वाली मीटिंग में जमीन ट्रांसफर का फैसला लिया जाएगा। हिसार से जिला राजस्व अधिकारी, सिटीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मीटिंग में शामिल होंगे। इसके अलावा चंडीगढ़ से अन्य विभागों अतिरिक्त प्रधान सचिव, सिविल एविएशन अथॉरिटी के अधिकारी हिस्सा लेंगे। यहां एविएशन हब के लिए तीन प्लान भेजे गए थे, जिसमें प्लान बी को मंजूर कर लिया गया है। इस प्लान के हिसाब से 4216 एकड़ जमीन को सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को ट्रांसफर किया जाएगा। सिविल एविएशन के पास यहां 180 एकड़ जमीन है। अन्य 14 विभाग अपनी जमीन इस विभाग को ट्रांसफर करेंगे। भारत सरकार की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की दो मई को हुई मीटिंग में हिसार एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर मंथन किया गया था। हिसार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी थी। 30 जून को दिल्ली में होने वाली सिविल एविएशन की मीटिंग में इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करने की कवायद हो रही है। जिस कारण सभी विभागों से प्रस्तावित एविएशन हब के दायरे में आने वाली जमीन के बारे में राय मांगी थी। इन सभी विभागों को अपनी जमीन ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
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किसकी कितनी जमीन होगी ट्रांसफर
-कैटल फार्म -2616 एकड़, 7 कनाल, 7 मरला
-राज्य कृषि फार्म -85 एकड़, 6 कनाल, 19 मरला
-लुवास-299 एकड़, 2 कनाल, 16 मरला
-सीड फार्म -611 एकड, 7 कनाल, 17 मरला
-पुलिस विभाग -84 एकड़, 1 मरला
-पर्यटन विभाग -04 एकड़
- मत्स्य विभाग -16 एकड़
- स्वास्थ्य विभाग -05 एकड़
- नगर परिषद -21 एकड़
- पशुमेला ग्राउंड -52 एकड़, 3 कनाल, 7 मरला
- इंजीनियरिंग कॉलेज -171 एकड़, 6 मरला
- रास्ते की जमीन -33 एकड़, 3 कनाल, 1 मरला
- डीसी ऑफिस -13 एकड़, 7 कनाल, 1 मरला
- पीडब्ल्यूडी -20 एकड़, 6 कनाल
-सिविल एविएशन -180 एकड़, 6 कनाल
-कुल -4216 एकड़, 3 मरला
फेज वाइज यह होगा काम
- डोमेस्टिक एयरपोर्ट
- स्माल स्केल मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग ओवरहालिंग यूनिट
--एयरो स्पेश मैन्युफेक्चरिंग
-फिक्स्ड बेस ऑपरेशन
-एविएशन ट्रेनिंग सेंटर एंड एविएशन यूनिवर्सिटी
-इंटरनेशनल एयरपोर्ट
-एयरोट्रोपल कॉमर्शियल एंड रेजीडेंशियल
हेलीकाप्टर, मिनी एयरक्राफ्ट बनेंगे
सीएम मनोहर लाल ने 4 अगस्त 2016 को केंद्रीय रक्षामंत्री को लेटर लिखकर हिसार एविएशन हब में रक्षा क्षेत्र में प्रयोग होने वाले मिनी फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए हिसार एमआरओ में निर्माण के लिए अनुरोध किया था। जिसमें हिंदुस्तान एयरोनोटिस लिमिटेड की ओर से यहां प्लांट लगाने का अनुरोध है। भारतीय सेना के लिए यहां हेलीकाप्टर व मिनी एयर क्राफ्ट्स की मेंटेनेंस रिपेयरिंग होगी। मुंबई की मिदानी कंपनी ने रोहतक और हिसार में इन्वेस्ट करने करने के लिए सहमति दी है।
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उड़ान के लिए भी प्रस्तावित
एविएशन हब विकसित होने तक हिसार एयरोड्रम को उड़ान स्कीम के तहत रीजनल कनेक्टिंग सर्विस एयरपोर्ट के तौर पर अपनाया जा सकता है। इसके लिए भारतीय विमानन मंत्रालय से अनुरोध किया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार हवाई पट्टी तैयार कर उपलब्ध कराएगी। इस स्कीम के तहत आसपास के शहरों के लिए हिसार से उड़ान मिलेंगी।
- चंडीगढ़ में अगले सप्ताह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी मीटिंग
-30 को केंद्र सरकार की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के संकेत