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ब्लैक फंगस 3 मरीजों के जबड़े के हुए ऑपरेशन,14 नए मामले आए, 2 की मौत

Fri, 04 Jun 2021 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 01:00 AM IST
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14 New Cases of Black Fuun
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दूसरे दिन वीरवार को ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल और उनकी टीम ने ब्लैक फंगसे के 3 मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए। इनमें से 2 मरीजों में जबड़े के अलावा नाक और आंखों में भी फंगस का संक्रमण फैला हुआ था, जब ऑपरेशन करने लगे तो फंगस अधिक मिला। इसके साथ ही 14 नए मरीज भी पहुंचे और दो की मौत हो गई।
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ईएनटी विभाग और नेत्र रोग विभाग की टीम ने दोनों मरीजों के आंख और नाक का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान वीरवार को भी एक मरीज के 2 दांत निकालने पड़े। बाकी की गली हुई हड्डी भी निकालनी पड़ी। इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल थे, जिनका ऑपरेशन हुआ है।
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वीरवार को ऑपरेशन के लिए 4 मरीजों को चुना था। किसी कारणवश एक मरीज का ऑपरेशन नहीं हो सका। खास बात यह है कि जबड़े में फंगस फैला हुआ था। मरीज की नाक का ऑपरेशन पहले ही हो चुका है। ऐसे में ऑपरेशन के बाद भी मरीज में अंदर ही अंदर संक्रमण जबड़े की ओर फैल गया। ब्लैक फंगस से होने वाली मौत का आंकड़ा 43 हो गया है। फिलहाल अस्पताल के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 88 मरीज दाखिल हैं। नए केस को मिलाकर ब्लैक फंगस मरीजों का आंकड़ा 185 हो गया है। वीरवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस इलाज में कारगर एंफोटेरेसिन के 90 इंजेक्शन पहुंचे। फिलहाल अस्पताल में इंजेक्शन भंडारण है और 3 दिनों से हर रोज इंजेक्शन आ रहे हैं। वहीं 14 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे।
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देरी की वजह से ज्यादा फैला संक्रमण
जिला अस्पताल के ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल ने बताया कि जब ऑपरेशन शुरू करते हैं तो मरीजों में जबड़े के अलावा आंख और नाक में भी संक्रण मिलता है। यह देरी का नतीजा है। ऐसे में नेत्र रोग विभाग और ईएनटी विभाग की टीम को भी बुलाना पड़ता है। ऐसे में उन मरीजों का आंख और नाक का भी ऑपरेशन करना पड़ता है। बुधवार को भी एक मरीज की आंखों का ऑपरेशन हुआ था। वीरवार को आंख और नाक दोनों के ऑपरेशन हुए हैं।
मरीजों के ऑपरेशन होने तक यहीं पर रहेंगे ओरल सर्जन
प्रो. डॉ. अनूप ग्रोवर का कहना है कि जब तक अस्पताल में ब्लैक फंगस का प्रकोप रहेगा। तब तक जिला अस्पताल के ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल डेपुटेशन पर मेडिकल कॉलेज में ही रहेंगे। इस बारे में हमें सरकार और उच्च अधिकारियों से भी आश्वासन मिला है और ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल ने भी सहमति जताई है। उम्मीद है कि जल्द ही फंगस वाले मरीजों के जबड़े के ऑपरेशन हो सकेेंगे। वीरवार को अस्पताल में ब्लैक फंगस के 10 मरीजों की आंखों में साइड से ऑपरेशन के जरिये इंजेक्शन लगाए गए हैं, ताकि फंगस को रोका जा सके।
एक और ओरल सर्जन की जल्द होगी तैनाती
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में एक और ओरल सर्जन की तैनाती जल्द हो सकती है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सरकार की कोशिश जारी है। शुक्रवार को ओरल सर्जन की तैनाती को लेकर सही जानकारी मिल सकती है। इस समय जबड़े के ऑपरेशन अधिक होने से एक ओरल सर्जन पर अधिक भार है। इस लिए दूसरे ओरल सर्जन की भी ज्वाइनिंग के प्रयास जारी है।

ओरल सर्जन और हमारी ईएनटी व नेत्र रोग विभाग की टीम ने मिलकर ब्लैक फंगस वाले 3 मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए। साथ ही 2 मरीजों के नाक और आंखों के ऑपरेशन हुए हैं, जिनमें भी संक्रमण फैला था। वीरवार को म्यूकरमाइकोसिस के 14 नए मामले आए हैं और 2 मरीजों की मौत हुई है।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा, हिसार।
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