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जनस्वास्थ्य मंत्री के सामने खुलेंगी जलघर घोटालों की फाइलें
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जन परिवाद समिति की 25 सितंबर को होने वाली बैठक में इस बार पेयजल से जुड़े मुद्दे ही अहम होंगे। गांव किरतान में करोड़ों की लागत से जलघर बनाने के बाद भी लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। अमर उजाला ने करीब दो महीने पहले इस मुद्दे को विस्तार से प्रकाशित किया था।
जन परिवाद समिति की बैठक में इस बार किरतान जलघर से जुड़ा मामला भी उठेगा। ग्राम पंचायत किरतान के अनुसार उनके गांव में वर्ष 2007 में वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया गया था। कबीर माइनर से वाटर वर्क्स तक जन स्वास्थ्य विभाग ने पाइप लाइन बिछाई थी, लेकिन पाइप लाइन का लेवल ठीक न होने के कारण पिछले 10 वर्षों से पानी के लिए तरस रहा है। बिछपड़ी गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने जन परिवाद समिति में दी शिकायत में गांव में बनाए गए स्वतंत्र जलघर के निर्माण में भारी गोलमाल का आरोप लगाया है। सरपंच के अनुसार गांव बिछपड़ी में स्वतंत्र जलघर का निर्माण किया गया है। इससे पहले जेवरा जलघर से पेयजल सप्लाई होता था। यह जलघर ठेकेदार के अधीन है। नए जलघर के लिए गुणवत्ता का परीक्षण किए बगैर सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया गया है, जलघर विभाग के मानकों के अनुसार नहीं है। दो सप्ताह से सप्लाई नहीं मिल रही है। ठेकेदार नहर में एक सप्ताह चलने वाले पानी का भंडारण नहीं करता। ग्रामीण अपने पैसों से जल खरीदने को मजबूर हैं।
गांव कुलाना के सरपंच, गोपी, रलदू, जगदीश, प्रहलाद, पप्पू, रामनिवास, अन्य गांव बाड़ा जग्गामल, ढाणी बुखारी, सैनीपुरा ने समिति के सामने गुहार लगाई कि इन गरीब किसानों के खेत बीड़ माइनर रजवाहे पर आखिरी छोर यानी टेल पर लगते हैं। यहां पर पानी बिल्कुल भी नहीं पहुंचता है। बैठक में कुल 15 शिकायत होंगी। इनमें पांच पुरानी शिकायतों के अलावा 10 नई शिकायतें रखी गई हैं।
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36 अवैध खुर्दे बेच रहे शराब
सुल्तानपुर के सरपंच और ग्रामीणों ने गांव के बस स्टैंड पर शराब ठेके को हटाने की गुहार समिति से लगाई है। ठेकेदार ने गांव और खेतों में 36 खुर्दे खोले हुए हैं। यह पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। फरियादियों ने सभी खुर्दे बंद करवाने और मैन ठेके को गांव से दो किलोमीटर दूर करने की मांग की है। दयानंद विहार निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपने बेटे और पुत्रवधू से जान का खतरा बताया है।
हड़पी जमीन वापस दिलाओ...
मिर्जापुर निवासी दीवान सिंह ने अपनी शिकायत दी है कि उसके एक रिश्तेदार और बैंककर्मी ने मिलकर उसकी धोखे से जमीन अपने नाम करा ली। इस मामले में एक प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल है।
रायपुर के ड्रेन मामले में एसआईटी गठित करने की मांग
रायपुर के पूर्व सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और अन्य ग्रामीणों की ओर से दी शिकायत में रायपुर ड्रेन लिंक के बारे में एसआईटी गठित कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इन लोगों ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए बनी कमेटी ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर रिपोर्ट दी थी।
11 महीने बाद भी समिति के आदेश लागू नहीं
मॉडल टाउन एक्सटेंशन के प्रधान हरकेश चौहान ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी कॉलोनी को तोशाम रोड पर सीधा रास्ता देने के लिए 14 सितंबर 2016 को जन परिवाद समिति ने आदेश जारी किए थे। 11 महीने बाद भी रास्ता नहीं खोला गया।
सोसायटी की प्रधान पर केस दर्ज कराने की मांग
गंगवा रोड स्थित स्कॉलर रोजरी सोसायटी के प्लॉट धारकों ने सोसायटी संचालक पर केस दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। 34 साल बाद भी सोसायटी में सुविधाएं नहीं हैं। समिति की प्रधान कपिला के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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हिसार।
जन परिवाद समिति की 25 सितंबर को होने वाली बैठक में इस बार पेयजल से जुड़े मुद्दे ही अहम होंगे। गांव किरतान में करोड़ों की लागत से जलघर बनाने के बाद भी लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हो रहा। अमर उजाला ने करीब दो महीने पहले इस मुद्दे को विस्तार से प्रकाशित किया था।
जन परिवाद समिति की बैठक में इस बार किरतान जलघर से जुड़ा मामला भी उठेगा। ग्राम पंचायत किरतान के अनुसार उनके गांव में वर्ष 2007 में वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया गया था। कबीर माइनर से वाटर वर्क्स तक जन स्वास्थ्य विभाग ने पाइप लाइन बिछाई थी, लेकिन पाइप लाइन का लेवल ठीक न होने के कारण पिछले 10 वर्षों से पानी के लिए तरस रहा है। बिछपड़ी गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने जन परिवाद समिति में दी शिकायत में गांव में बनाए गए स्वतंत्र जलघर के निर्माण में भारी गोलमाल का आरोप लगाया है। सरपंच के अनुसार गांव बिछपड़ी में स्वतंत्र जलघर का निर्माण किया गया है। इससे पहले जेवरा जलघर से पेयजल सप्लाई होता था। यह जलघर ठेकेदार के अधीन है। नए जलघर के लिए गुणवत्ता का परीक्षण किए बगैर सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया गया है, जलघर विभाग के मानकों के अनुसार नहीं है। दो सप्ताह से सप्लाई नहीं मिल रही है। ठेकेदार नहर में एक सप्ताह चलने वाले पानी का भंडारण नहीं करता। ग्रामीण अपने पैसों से जल खरीदने को मजबूर हैं।
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गांव कुलाना के सरपंच, गोपी, रलदू, जगदीश, प्रहलाद, पप्पू, रामनिवास, अन्य गांव बाड़ा जग्गामल, ढाणी बुखारी, सैनीपुरा ने समिति के सामने गुहार लगाई कि इन गरीब किसानों के खेत बीड़ माइनर रजवाहे पर आखिरी छोर यानी टेल पर लगते हैं। यहां पर पानी बिल्कुल भी नहीं पहुंचता है। बैठक में कुल 15 शिकायत होंगी। इनमें पांच पुरानी शिकायतों के अलावा 10 नई शिकायतें रखी गई हैं।
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36 अवैध खुर्दे बेच रहे शराब
सुल्तानपुर के सरपंच और ग्रामीणों ने गांव के बस स्टैंड पर शराब ठेके को हटाने की गुहार समिति से लगाई है। ठेकेदार ने गांव और खेतों में 36 खुर्दे खोले हुए हैं। यह पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। फरियादियों ने सभी खुर्दे बंद करवाने और मैन ठेके को गांव से दो किलोमीटर दूर करने की मांग की है। दयानंद विहार निवासी एक बुजुर्ग दंपति ने अपने बेटे और पुत्रवधू से जान का खतरा बताया है।
हड़पी जमीन वापस दिलाओ...
मिर्जापुर निवासी दीवान सिंह ने अपनी शिकायत दी है कि उसके एक रिश्तेदार और बैंककर्मी ने मिलकर उसकी धोखे से जमीन अपने नाम करा ली। इस मामले में एक प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल है।
रायपुर के ड्रेन मामले में एसआईटी गठित करने की मांग
रायपुर के पूर्व सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और अन्य ग्रामीणों की ओर से दी शिकायत में रायपुर ड्रेन लिंक के बारे में एसआईटी गठित कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इन लोगों ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए बनी कमेटी ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर रिपोर्ट दी थी।
11 महीने बाद भी समिति के आदेश लागू नहीं
मॉडल टाउन एक्सटेंशन के प्रधान हरकेश चौहान ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी कॉलोनी को तोशाम रोड पर सीधा रास्ता देने के लिए 14 सितंबर 2016 को जन परिवाद समिति ने आदेश जारी किए थे। 11 महीने बाद भी रास्ता नहीं खोला गया।
सोसायटी की प्रधान पर केस दर्ज कराने की मांग
गंगवा रोड स्थित स्कॉलर रोजरी सोसायटी के प्लॉट धारकों ने सोसायटी संचालक पर केस दर्ज कराने के लिए शिकायत दी है। 34 साल बाद भी सोसायटी में सुविधाएं नहीं हैं। समिति की प्रधान कपिला के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।