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फार्म में करीब 300 गोवंश के कंकाल, खाल की तस्करी की भी आशंका
Updated Wed, 09 May 2018 01:32 AM IST
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संदीप रामायण
हिसार।
गांव ठसका के पास करीब दो हजार एकड़ में बने ऑस्ट्रेलियन भेड़ फार्म में मृत गोवंश के कंकालों की संख्या करीब 300 है। हर तरफ कंकाल नजर आते हैं। इनमें गाय, बछड़े व सांड़ भी शामिल है। अब भी गोवंश पानी व चारे की कमी के कारण बदहाल है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने जब फार्म का दौरा कर हालात जाने तो बेहद ही खस्ता हाल गोवंश नजर आया। तेजधार हथियार से काटी गई गोवंश की चमड़ी को देखकर ग्रामीणों ने भी खाल की तस्करी का अंदेशा जताया है। शर्मनाक बात यह है कि तीन-चार दिन से लगातार मामला सामने आने के बाद भी अभी तक गोवंश के लिए यहां प्रशासनिक स्तर पर चारे या पानी की बेहतर व्यवस्था नहीं हुई है।
हर रोज मर रही पांच गाय
फार्म के आसपास बने खेतों के मालिक किसानों का कहना है कि पानी व चारे की कमी के कारण हर रोज पांच गाय मर रही है। दूर तक बदबू आने से वातावरण भी प्रदूषित हो चुका है। फार्म में कंकालों को कुत्ते नोच रहे हैं। वहीं कुरुक्षेत्र गोशाला के पशु चिकित्सकों का कहना है कि जितनी भी गाय या अन्य पशु मरे हैं, उनकी मौत पानी की कमी व भूख के कारण हुई है। अब भी फार्म में करीब दो हजार गोवंश बेसहारा अवस्था में घूम रहा है। इनके लिए न पीने की बेहतर सुविधा है और न ही चारे की। फार्म में फिलहाल मौजूद गोवंश भी लाचार दिख रहा है। उनकी स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे वे अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं।
फार्म में खौफनाक मंजर
एकदम से फार्म में घुसने पर खौफनाक मंजर दिखाई देता है। हर तरफ कंकाल दिखाई देते हैं। इनके बीच से ही गाय, सांड़ व बछड़े विचरण कर रहे हैं। करीब 30 गायों के कंकालों की स्थिति ऐसी है, जिनको देखने से लगता है कि तेजधार हथियार उनकी चमड़ी उतारी गई है। विशेष बात यह है कि इस डरावनी जगह पर भेड़ फार्म के कर्मचारियों के अलावा सिर्फ गौ रक्षा दल के सदस्य ही कभी-कभार आते हैं। गांवों के आसपास के लोगों का आना-जाना यहां कम ही होता है।
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ग्रामीण बोले -सरकार का ध्यान नहीं, हम कुछ कर नहीं सकते
गांव ठसका के ग्रामीणों का कहना है कि हर रोज गोवंश फार्म में भूख-प्यास से तड़प कर मर रहा है। प्रदेश सरकार और प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। और वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला ने डाला चारा
दिल्ली बाईपास पर बनी श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला द्वारा फार्म में गोवंश के लिए कुछ राहत कार्य शुरू करवाया गया है। मंगलवार को करीब चार ट्राली तूड़ी गोशाला से फार्म में भिजवाई गई है। इसके अलावा साथ गुजरते रजवाहे से पशुओं के लिए पानी छुड़वाया गया। गोशाला के कर्मचारियों की टीम एंबुलेंस के द्वारा यहां से बीमार व घायल गायों और सांड़ों का गोशाला के अस्पताल ले जाकर उपचार करवा रहे हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक ने जायजा लेकर डीसी को दी रिपोर्ट
मंगलवार को पशुपालन विभाग के उपनिदेशक धूपसिंह संधू ने भी फार्म का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों, गोशाला सदस्यों व ग्रामीणों से भी बातचीत की। संधू के मुताबिक आसपास के गांवों के लोग ही बीमार, बूढ़ी व लाचार गायों को यहां छोड़कर चले जाते हैं। गायों को संभालने के लिए वहां कोई स्थायी कर्मचारी तैनात नहीं है। इसीलिए यह गंभीर स्थिति बनी है। उपनिदेशक ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को सौंपी है।
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हिसार।
गांव ठसका के पास करीब दो हजार एकड़ में बने ऑस्ट्रेलियन भेड़ फार्म में मृत गोवंश के कंकालों की संख्या करीब 300 है। हर तरफ कंकाल नजर आते हैं। इनमें गाय, बछड़े व सांड़ भी शामिल है। अब भी गोवंश पानी व चारे की कमी के कारण बदहाल है। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने जब फार्म का दौरा कर हालात जाने तो बेहद ही खस्ता हाल गोवंश नजर आया। तेजधार हथियार से काटी गई गोवंश की चमड़ी को देखकर ग्रामीणों ने भी खाल की तस्करी का अंदेशा जताया है। शर्मनाक बात यह है कि तीन-चार दिन से लगातार मामला सामने आने के बाद भी अभी तक गोवंश के लिए यहां प्रशासनिक स्तर पर चारे या पानी की बेहतर व्यवस्था नहीं हुई है।
हर रोज मर रही पांच गाय
फार्म के आसपास बने खेतों के मालिक किसानों का कहना है कि पानी व चारे की कमी के कारण हर रोज पांच गाय मर रही है। दूर तक बदबू आने से वातावरण भी प्रदूषित हो चुका है। फार्म में कंकालों को कुत्ते नोच रहे हैं। वहीं कुरुक्षेत्र गोशाला के पशु चिकित्सकों का कहना है कि जितनी भी गाय या अन्य पशु मरे हैं, उनकी मौत पानी की कमी व भूख के कारण हुई है। अब भी फार्म में करीब दो हजार गोवंश बेसहारा अवस्था में घूम रहा है। इनके लिए न पीने की बेहतर सुविधा है और न ही चारे की। फार्म में फिलहाल मौजूद गोवंश भी लाचार दिख रहा है। उनकी स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे वे अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं।
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फार्म में खौफनाक मंजर
एकदम से फार्म में घुसने पर खौफनाक मंजर दिखाई देता है। हर तरफ कंकाल दिखाई देते हैं। इनके बीच से ही गाय, सांड़ व बछड़े विचरण कर रहे हैं। करीब 30 गायों के कंकालों की स्थिति ऐसी है, जिनको देखने से लगता है कि तेजधार हथियार उनकी चमड़ी उतारी गई है। विशेष बात यह है कि इस डरावनी जगह पर भेड़ फार्म के कर्मचारियों के अलावा सिर्फ गौ रक्षा दल के सदस्य ही कभी-कभार आते हैं। गांवों के आसपास के लोगों का आना-जाना यहां कम ही होता है।
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ग्रामीण बोले -सरकार का ध्यान नहीं, हम कुछ कर नहीं सकते
गांव ठसका के ग्रामीणों का कहना है कि हर रोज गोवंश फार्म में भूख-प्यास से तड़प कर मर रहा है। प्रदेश सरकार और प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। और वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला ने डाला चारा
दिल्ली बाईपास पर बनी श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला द्वारा फार्म में गोवंश के लिए कुछ राहत कार्य शुरू करवाया गया है। मंगलवार को करीब चार ट्राली तूड़ी गोशाला से फार्म में भिजवाई गई है। इसके अलावा साथ गुजरते रजवाहे से पशुओं के लिए पानी छुड़वाया गया। गोशाला के कर्मचारियों की टीम एंबुलेंस के द्वारा यहां से बीमार व घायल गायों और सांड़ों का गोशाला के अस्पताल ले जाकर उपचार करवा रहे हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक ने जायजा लेकर डीसी को दी रिपोर्ट
मंगलवार को पशुपालन विभाग के उपनिदेशक धूपसिंह संधू ने भी फार्म का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों, गोशाला सदस्यों व ग्रामीणों से भी बातचीत की। संधू के मुताबिक आसपास के गांवों के लोग ही बीमार, बूढ़ी व लाचार गायों को यहां छोड़कर चले जाते हैं। गायों को संभालने के लिए वहां कोई स्थायी कर्मचारी तैनात नहीं है। इसीलिए यह गंभीर स्थिति बनी है। उपनिदेशक ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त अशोक कुमार मीणा को सौंपी है।