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यूएलबी मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद ही जनस्वास्थ्य विभाग की डिविजन होगी मर्ज
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हिसार। जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग की डिविजन के नगर निगम में मर्ज होने की प्रक्रिया में अभी और वक्त लगेगा। निगम अधिकारियों ने इस मामले में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है। हालांकि चुनाव आयोग से भी जनस्वास्थ्य विभाग को हरी झंडी मिल गई है। मगर इसके बावजूद निगम प्रशासन ने अपने मुख्यालय से स्थिति साफ करने के लिए पत्र लिखा है। मुख्यालय के आदेशों के बाद ही अगली प्रक्रिया होगी। वहीं काम और संसाधनों को लेकर बुधवार को नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
एक ही एसडीओ दे रहे, चाहिए दो
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक डिविजन निगम को दी जानी है। एक एक्सईएन के साथ एक एसडीओ, जेई व अन्य कर्मचारी सौंपे जाएंगे। मगर निगम अधिकारियों ने एक की बजाय दो एसडीओ मांगे हैं ताकि सीवरेज और पानी का काम अलग-अलग एसडीओ को दिया जा सके। इसी तरह ड्राइंग ब्रांच और अधिकारियों के वाहनों को लेकर भी चर्चा हुई। अगर जनस्वास्थ्य विभाग अपने वाहन निगम में आने के बाद इन अधिकारियों को नहीं देता है तो निगम को उपलब्ध करवाने होंगे। इसी तरह अधिकारियों के बैठने के लिए भवनों, आवासीय कालोनी और कर्मचारियों की संख्या की भी चर्चा हुई।
इसलिए मर्ज कर रहे डिविजन
दरअसल, अब तक नगर निगम द्वारा बनाई गई गलियों में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज या पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर अक्सर दोनों विभागों में खींचतान रहती थी। इससे लाखों रुपये बर्बाद होते रहे। अब भी शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां एक बार सड़क बनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कामकाज की वजह से उसे तोड़ना पड़ा है। प्रदेश सरकार ने इसी पैसे की बर्बादी को रोकने के लिए एक डिविजन नगर निगम में मर्ज करने के आदेश जारी किए हैं ताकि सामंजस्य के साथ काम हो सके।
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जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग को चुनाव आयोग से तो अनुमति मिल गई है। मगर हमने हमारे मुख्यालय को लेटर लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। मुख्यालय के आगामी आदेशों के बाद ही मर्ज होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रामजीलाल, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम
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एक ही एसडीओ दे रहे, चाहिए दो
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक डिविजन निगम को दी जानी है। एक एक्सईएन के साथ एक एसडीओ, जेई व अन्य कर्मचारी सौंपे जाएंगे। मगर निगम अधिकारियों ने एक की बजाय दो एसडीओ मांगे हैं ताकि सीवरेज और पानी का काम अलग-अलग एसडीओ को दिया जा सके। इसी तरह ड्राइंग ब्रांच और अधिकारियों के वाहनों को लेकर भी चर्चा हुई। अगर जनस्वास्थ्य विभाग अपने वाहन निगम में आने के बाद इन अधिकारियों को नहीं देता है तो निगम को उपलब्ध करवाने होंगे। इसी तरह अधिकारियों के बैठने के लिए भवनों, आवासीय कालोनी और कर्मचारियों की संख्या की भी चर्चा हुई।
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इसलिए मर्ज कर रहे डिविजन
दरअसल, अब तक नगर निगम द्वारा बनाई गई गलियों में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज या पानी की पाइप लाइन बिछाने को लेकर अक्सर दोनों विभागों में खींचतान रहती थी। इससे लाखों रुपये बर्बाद होते रहे। अब भी शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां एक बार सड़क बनने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कामकाज की वजह से उसे तोड़ना पड़ा है। प्रदेश सरकार ने इसी पैसे की बर्बादी को रोकने के लिए एक डिविजन नगर निगम में मर्ज करने के आदेश जारी किए हैं ताकि सामंजस्य के साथ काम हो सके।
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जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर बैठक में चर्चा हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग को चुनाव आयोग से तो अनुमति मिल गई है। मगर हमने हमारे मुख्यालय को लेटर लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। मुख्यालय के आगामी आदेशों के बाद ही मर्ज होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रामजीलाल, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम