शहर के एक निजी अस्पताल को ही बना दिया अग्रोहा मेडिकल कॉलेज!

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sun, 25 Nov 2018 01:06 AM IST
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हिसार। कुछ एंबुलेंस चालकों ने शहर के ही एक निजी अस्पताल को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज बना दिया है। जब भी किसी मरीज को नागरिक अस्पताल से रेफर करके अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है तो वह मरीज शहर के एक निजी अस्पताल में पहुंच जाता है। पिछले 10 दिन में ऐसे कई केस सामने आए हैं, जिनमें अग्रोहा के लिए रेफर मरीज एक ही निजी अस्पताल में पहुंच गए। इनमें कई मामले ऐसे थे, जिनमें अकेले मरीज को गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल में लाया गया और उसके साथ कोई परिजन भी नहीं था। गंभीर हालत को देखते हुए उस मरीज को अग्रोहा के लिए रेफर किया गया, लेकिन परिजनों को वह मरीज निजी अस्पताल में मिला। यहां पर उनको इलाज के नाम पर हजारों रुपये बिल का भुगतान करना पड़ा।
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मरीज के आते ही एक्टिव हो जाते हैं गुर्गे
रेफर नेक्सस से जुड़े गुर्गे पूरा समय नागरिक अस्पताल में मंडराते रहते हैं। जब भी कोई मरीज नागरिक अस्पताल में आता है तो ये एक्टिव हो जाते हैं। जैसे ही इनको पता चलता है कि मरीज अकेला है और उसको रेफर किया जाएगा तो ये लोग बाहर खड़ी अपनी एंबुलेंस को अस्पताल में ले आते हैं और मरीज को वहां से ले जाते हैं। जब किसी मरीज के साथ उसके परिजन होते हैं तो उनको भी यह लोग बरगलाकर निजी अस्पताल में पहुंचा देते हैं।
डीसी ने लगाई थी निजी एंबुलेंस के अस्पताल परिसर में आने पर रोक
14 जून को उपायुक्त अशोक मीणा नागरिक अस्पताल में दौरे पर आऐ थे। तब उन्हें इस रेफरल नेक्सस पर शक हुआ था। इसके बाद उपायुक्त ने नागरिक अस्पताल में निजी एंबुलेंस की एंट्री व बिना किसी बड़ी वजह मरीज को रेफर करने पर रोक लगा दी थी। उपायुक्त के इस आदेश के बाद निजी एंबुलेंस अस्पताल के बाहर खड़ी होने लगी।

एक एंबुलेंस चालक के खिलाफ हो चुका है मामला दर्ज
इससे पहले इसी तरह के नेक्सस का मामला सामने आने पर एक एंबुलेंस चालक के खिलाफ 14 सितंबर को केस दर्ज हो चुका है। इस बारे में टोहाना निवासी विनोद ने शिकायत देकर बताया कि नागरिक अस्पताल से रेफर उसके एक रिश्तेदार मरीज को एंबुलेंस चालक भूपेंद्र एक निजी अस्पताल में ले गया। वहां पर उसके हजारों रुपये खर्च हो गए। मामला परिवाद समिति तक पहुंचने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था।

बड़ा सवाल, बेहोश अकेले मरीज कैसे पहुंच जाते हैं निजी अस्पताल में
रेफर होने वाले इन केस में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो मरीज अकेले होते हैं और बेेहोश होते हैं वो कैसे एक निजी अस्पताल में पहुंच जाते हैं। आखिर मरीज को अग्रोहा लेकर जाने के लिए निकली सरकारी एंबुलेंस निजी अस्पताल में कैसे पहुंच जाती हैं। इसके अलावा घायल मरीज को निजी एंबुलेंस वाले कैसे अस्पताल से ले जाते हैं।

केस नं 1
7 नवंबर को गांव शाहपुर के पास बाइक हादसे में दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को नागरिक अस्पताल से सरकारी एंबुलेंस से अग्रोहा के लिए रेफर किया गया। जब घायलों के परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे तो उनको बताया गया कि वह दोनों कैंप चौक पर एक निजी अस्पताल में दाखिल हैं। इसके बाद उसके परिजनों ने निजी अस्पताल में हंगामा करके उनको वहां से डिस्चार्ज करवाया व उनको अग्रोहा लेकर गए।

केस नं 2
9 नवंबर को शाहपुर गांव के पास हाइवे पर हादसा हो गया। इस हादसे में तीन लोग मारे गए व एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में बच्ची के साथ वाले उसकी मां व उसके भाई की मौत हो गई। जब बच्ची के घरवालों को हादसे की सूचना मिली तो वह नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पर उनको पता लगा कि घायल बच्ची को अग्रोहा के लिए रेफर किया गया था और अब वह कैंप चौक पर एक निजी अस्पताल में दाखिल है।

केस नं 3
18 नवंबर को देर रात दिल्ली रोड पर हादसे में एचएयू का कर्मचारी राजेंद्र सिंह घायल हो गया। घायल राजेंद्र को कुछ कार सवार नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाकर चले गए। हालत गंभीर होने के कारण राजेंद्र को सरकारी एंबुलेंस से अग्रोहा रेफर कर दिया गया। जब उसके परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे तो उनको बताया गया कि वह कैंप चौक पर एक निजी अस्पताल में दाखिल है। इसके बाद उसके परिजन उसे दूसरे अस्पताल में लेकर गए।

केस नं 4
20 नवंबर को दिल्ली रोड पर देर रात को हादसा हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल मनोज को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। हालत गंभीर होने के कारण मनोज को अग्रोहा रेफर कर दिया गया। जब उसके परिजन अस्पताल पहुंचे तो वह कैंप चौक पर एक निजी अस्पताल में मिला। इसके बाद उसके परिजन उसको दूसरे अस्पताल में लेकर गए।

यह मामला हमारी नजर में है। इस पूरे नेक्सस की एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जांच कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले में उनकी तरफ से रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त, हिसार।

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