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हिसार नगर निगम ओडीएफ घोषित , आपति हो तो 10 दिन में बताओ
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:44 AM IST
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अमर उजाजा ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम ने शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया है। ओडीएफ घोषित करने के बाद निगम ने शहरवासियों से 10 दिन के भीतर आपत्ति मांगी है। आपत्ति जताने के लिए कोई भी आगे आ सकता है, लेकिन उसे इसके लिए पुख्ता सबूत पेश करने होंगे। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। रिपोर्ट जब सरकार के पास पहुंचेगी, उसके बाद वेरिफाई करने के लिए सर्वे टीम शहर का दौरा करेगी। यह जिम्मेदारी सिरसा की टीम को सौंपी गई है।
आपत्ति आने पर इसे करवाया जाएगा दूर
10 दिन के भीतर अगर शहर से किसी की आपत्ति आती है तो इसे दूर करवाने का काम निगम को करना होगा। यह आपत्ति दूर होने के बाद प्रशासन की तरफ से ओडीएफ की रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रोसेस शुरू होगी।
पार्षद बोले, अभी भी लोग करते हैं खुले में शौच
वार्ड 10- पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में रेलवे लाइन पर लोग खुले में शौच करते हैं। नगर निगम ने वार्ड में मोबाइल टॉयलेट रखवा दिए हैं, लेकिन खुले में शौच जाने वाले अभी भी हैं। उन्होंने कहा कि पहले से अब आंकड़े में कमी आई है। अब करीब 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो अभी भी खुले में शौच करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अभी शपथ पत्र नहीं दिया है।
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वार्ड 19
पार्षद नरेंद्र शर्मा ने कहा कि वार्ड में अभी भी कुछ लोग ओपन में टॉयलेट कर रहे हैं। इनको लेकर समझाने का अभियान चलाया जा रहा है। निगम ने मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध करवाए हैं। सही तब माना जाएगा, जब इसे लगातार मेनटेन रखा जाएगा। मैंने अभी तक शपथ-पत्र नहीं दिया है।
...तब देगी सरकार ओडीएफ सर्टिफिकेट
शहर को ओडीएफ घोषित करने को लेकर सरकार के पास सभी पार्षदों, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, जिला उपायुक्त, कमिश्नर, एडीसी सहित सभी अधिकारियों को शपथ-पत्र देने होते हैं। इनके शपथ-पत्र देने के बाद सरकार ओडीएफ सर्टिफिकेट जारी करती है।
आपत्ति देने वाले को मोबाइल नंबर देना जरूरी
निगम कार्यालय में आपत्ति देने वाले को अपना मोबाइल नंबर जरूर देना होगा, ताकि निगम स्टाफ मौके पर जाएं तो आपत्ति जताने वाले को कॉल की जा सके। आपत्ति जमा करवाने वाले को ठीक करवाने के बाद उसे इसका फीडबैक भी दिया जाएगा।
एक तरह से सदियों से चली आ रही कुप्रथा है। इन लोगों के व्यवहार परिवर्तन में समय लगता है। रिजल्ट सामने आ रहे हैं। जो भी आपत्तियों आएंगी, उन्हें दूर करवाया जाएगा। -रामजीलाल एसई नगर निगम
शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। 10 दिन का समय है, कोई भी इसको लेकर निगम कार्यालय में आपत्ति दे सकता है। -अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम
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हिसार।
नगर निगम ने शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया है। ओडीएफ घोषित करने के बाद निगम ने शहरवासियों से 10 दिन के भीतर आपत्ति मांगी है। आपत्ति जताने के लिए कोई भी आगे आ सकता है, लेकिन उसे इसके लिए पुख्ता सबूत पेश करने होंगे। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। रिपोर्ट जब सरकार के पास पहुंचेगी, उसके बाद वेरिफाई करने के लिए सर्वे टीम शहर का दौरा करेगी। यह जिम्मेदारी सिरसा की टीम को सौंपी गई है।
आपत्ति आने पर इसे करवाया जाएगा दूर
10 दिन के भीतर अगर शहर से किसी की आपत्ति आती है तो इसे दूर करवाने का काम निगम को करना होगा। यह आपत्ति दूर होने के बाद प्रशासन की तरफ से ओडीएफ की रिपोर्ट सरकार के पास भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रोसेस शुरू होगी।
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पार्षद बोले, अभी भी लोग करते हैं खुले में शौच
वार्ड 10- पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में रेलवे लाइन पर लोग खुले में शौच करते हैं। नगर निगम ने वार्ड में मोबाइल टॉयलेट रखवा दिए हैं, लेकिन खुले में शौच जाने वाले अभी भी हैं। उन्होंने कहा कि पहले से अब आंकड़े में कमी आई है। अब करीब 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो अभी भी खुले में शौच करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अभी शपथ पत्र नहीं दिया है।
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वार्ड 19
पार्षद नरेंद्र शर्मा ने कहा कि वार्ड में अभी भी कुछ लोग ओपन में टॉयलेट कर रहे हैं। इनको लेकर समझाने का अभियान चलाया जा रहा है। निगम ने मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध करवाए हैं। सही तब माना जाएगा, जब इसे लगातार मेनटेन रखा जाएगा। मैंने अभी तक शपथ-पत्र नहीं दिया है।
...तब देगी सरकार ओडीएफ सर्टिफिकेट
शहर को ओडीएफ घोषित करने को लेकर सरकार के पास सभी पार्षदों, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, जिला उपायुक्त, कमिश्नर, एडीसी सहित सभी अधिकारियों को शपथ-पत्र देने होते हैं। इनके शपथ-पत्र देने के बाद सरकार ओडीएफ सर्टिफिकेट जारी करती है।
आपत्ति देने वाले को मोबाइल नंबर देना जरूरी
निगम कार्यालय में आपत्ति देने वाले को अपना मोबाइल नंबर जरूर देना होगा, ताकि निगम स्टाफ मौके पर जाएं तो आपत्ति जताने वाले को कॉल की जा सके। आपत्ति जमा करवाने वाले को ठीक करवाने के बाद उसे इसका फीडबैक भी दिया जाएगा।
एक तरह से सदियों से चली आ रही कुप्रथा है। इन लोगों के व्यवहार परिवर्तन में समय लगता है। रिजल्ट सामने आ रहे हैं। जो भी आपत्तियों आएंगी, उन्हें दूर करवाया जाएगा। -रामजीलाल एसई नगर निगम
शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। 10 दिन का समय है, कोई भी इसको लेकर निगम कार्यालय में आपत्ति दे सकता है। -अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम