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अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में बेड क्षमता 25 से बढ़ाकर की जाएगी 100
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अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, जहां पर कोरोना क्रिटिकल केयर सेंटर बनेगा।
- फोटो : Hisar
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हिसार। कोरोना काल में जिले के लिए बनाए गए कोविड-19 घोषित अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कोरोना क्रिटिकल केयर सेंटर (सीसीसीसी) बनाया जाएगा। इसके तहत मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में 25 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 100 किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को बढ़िया चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सके। बता दें कि फिलहाल मेडिकल कॉलेज में डेढ़ सौ आइसोलेट बेड और 70 वेंटिलेटर के अलावा 25 बेड की क्षमता वाले आईसीयू की व्यवस्था है।
छह जिलों के गंभीर मरीजों किया जाता है दाखिल
इन दिनों जिले में कोरोना केस और कोरोना मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से विभाग ने आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिए यह फैसला किया है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में हिसार जिले के अलावा फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी व कैथल जिले के गंभीर मरीजों को भी दाखिल किया जाता है।
इन मरीजों को होंगे फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार इसका फायदा कोरोना संक्रमित ऐसे मरीजों को होगा, जिन्हें कोरोना के अलावा शुगर, बीपी, निमोनिया, सांस लेने की तकलीफ, कमजोर फेफड़े, दिल की बीमारी व दिल की धमनी रुकने, किडनी ट्रांसप्लांट, पैरालिसिस जैसी अन्य गंभीर बीमारी पहले से ही हैं। ऐसे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को आईसीयू में रहने के प्रतिदिन 5 हजार से 10 हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं।
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सेंटर के लिए अलग जगह चिह्नित की जाएगी
जल्द ही कोरोना क्रिटिकल केयर सेंटर के लिए अलग से जगह चिह्नित की जाएगी। इसके बाद निरीक्षण के लिए विभाग की टीम दौरा करेगी। फिलहाल जरूरत के मुताबिक चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य स्टाफ है। इस वजह से अतिरिक्त स्टाफ की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। यही टीम क्रिटिकल केयर सेंटर को संभालेगी।
- डॉ. गोपाल सिंघल, डायरेक्टर, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, हिसार।
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छह जिलों के गंभीर मरीजों किया जाता है दाखिल
इन दिनों जिले में कोरोना केस और कोरोना मौत के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से विभाग ने आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल के लिए यह फैसला किया है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में हिसार जिले के अलावा फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी व कैथल जिले के गंभीर मरीजों को भी दाखिल किया जाता है।
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इन मरीजों को होंगे फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार इसका फायदा कोरोना संक्रमित ऐसे मरीजों को होगा, जिन्हें कोरोना के अलावा शुगर, बीपी, निमोनिया, सांस लेने की तकलीफ, कमजोर फेफड़े, दिल की बीमारी व दिल की धमनी रुकने, किडनी ट्रांसप्लांट, पैरालिसिस जैसी अन्य गंभीर बीमारी पहले से ही हैं। ऐसे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को आईसीयू में रहने के प्रतिदिन 5 हजार से 10 हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं।
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सेंटर के लिए अलग जगह चिह्नित की जाएगी
जल्द ही कोरोना क्रिटिकल केयर सेंटर के लिए अलग से जगह चिह्नित की जाएगी। इसके बाद निरीक्षण के लिए विभाग की टीम दौरा करेगी। फिलहाल जरूरत के मुताबिक चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य स्टाफ है। इस वजह से अतिरिक्त स्टाफ की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। यही टीम क्रिटिकल केयर सेंटर को संभालेगी।
- डॉ. गोपाल सिंघल, डायरेक्टर, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, हिसार।