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इफको कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर ठगे 10 लाख रुपये, केस दर्ज
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हिसार। इफको कंपनी का डिस्ट्रब्यूटर बनाने के नाम पर नवदीप कॉलोनी के दुकानदार जयंत कुमार से 10 लाख रुपये की ठगने का मामला सामने आया है। जयंत कुमार से पहले रजिस्ट्रेशन और उसके बाद डीलरशिप सिक्योरिटी के नाम पर रकम खाते में ट्रांसफर करवाई गई। पीड़ित की शिकायत पर आजाद नगर थाना पुलिस ने ठकेस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में जयंत ने बताया कि वह कृषि कार्य से संबंधित सामान बेचने का काम करता है। नवंबर में उसे पता लगा कि इफको कंपनी डीलरशिप दे रही है। इसके बाद उसने ऑनलाइन सर्च किया तो एक साइट पर इस बारे में जानकारी मिली। दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो कंपनी द्वारा कुछ जानकारी मांगी गई, जो उसने उपलब्ध करवा दी। इसके बाद उससे एक एप्लिकेशन फॉर्म भरवाया गया। साथ में एक लाख रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद जयंत ने ऑनलाइन पेमेंट करते हुए कंपनी के खाते में रुपये भेज दिए। जयंत ने बताया कि इसके बाद एग्रीमेंट चार्ज के नाम पर 2 लाख, प्रोडेक्ट बिल के नाम पर 3 लाख 50 हजार व एनओसी के नाम पर 2 लाख रुपए भी खाते में जमा करवा लिए गए। गोदाम इंश्योरेंस के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपये समेत उससे 10 लाख रुपये ले लिए गए। काफी इंतजार के बाद भी उसे कंपनी की ओर से न तो पत्र मिला, न ही कोई सामान भेजा गया। जब उसने इस बारे में कंपनी के नंबर पर फोन किया तो उसे बताया गया कि कुछ समय में उसके कागजात भेज दिए जाएंगे, लेकिन अभी तक डीलरशिप के कागज नहीं आए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस को दी शिकायत में जयंत ने बताया कि वह कृषि कार्य से संबंधित सामान बेचने का काम करता है। नवंबर में उसे पता लगा कि इफको कंपनी डीलरशिप दे रही है। इसके बाद उसने ऑनलाइन सर्च किया तो एक साइट पर इस बारे में जानकारी मिली। दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो कंपनी द्वारा कुछ जानकारी मांगी गई, जो उसने उपलब्ध करवा दी। इसके बाद उससे एक एप्लिकेशन फॉर्म भरवाया गया। साथ में एक लाख रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद जयंत ने ऑनलाइन पेमेंट करते हुए कंपनी के खाते में रुपये भेज दिए। जयंत ने बताया कि इसके बाद एग्रीमेंट चार्ज के नाम पर 2 लाख, प्रोडेक्ट बिल के नाम पर 3 लाख 50 हजार व एनओसी के नाम पर 2 लाख रुपए भी खाते में जमा करवा लिए गए। गोदाम इंश्योरेंस के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपये समेत उससे 10 लाख रुपये ले लिए गए। काफी इंतजार के बाद भी उसे कंपनी की ओर से न तो पत्र मिला, न ही कोई सामान भेजा गया। जब उसने इस बारे में कंपनी के नंबर पर फोन किया तो उसे बताया गया कि कुछ समय में उसके कागजात भेज दिए जाएंगे, लेकिन अभी तक डीलरशिप के कागज नहीं आए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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