Haryana Elections Result: जुलाना में विनेश फोगाट ने मारी बाजी; आदमपुर में भजनलाल का गढ़ टूटा, कांग्रेस जीती
भाजपा, कांग्रेस, इनेलो-बसपा, जजपा-आसपा और आप प्रत्याशियों ने 49 दिन के प्रचार में अपने वादों और घोषणाओं से मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की, जानें उनका नतीजों पर कितना असर पड़ा? वीआईपी सीटों पर जानें कौन जीता और कौन हारा-
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विस्तार
हरियाणा में सभी 90 सीटों के नतीजे सामने आ गए हैं। पहले जहां रुझानों में कांग्रेस काफी आगे थी, वहीं कुछ देर बाद उलटफेर हुआ और भाजपा ने पूरी तरह से बाजी अपने पाले में खींच ली। भाजपा के सीएम उम्मीदवार नायब सैनी ने लाडवा से जीत दर्ज की है। गढ़ी सांपला किलोई से भूपेंद्र सिंह हुड्डा जीत गए। अनिल विज अंबाला कैंट से जीत गए हैं। हिसार से निर्दलीय सावित्री जिंदल ने भी जीत दर्ज की है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव के सियासी समर में चर्चित चेहरों और बागियों के उतरने से मुकाबला रोचक बना हुआ है। भाजपा, कांग्रेस, इनेलो-बसपा, जजपा-आसपा और आप प्रत्याशियों ने 49 दिन के प्रचारों में अपने वादों और घोषणाओं से मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की। इस बार चुनाव में कुछ प्रत्याशी परिवार की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए मैदान में उतरे तो कुछ अपने प्रदर्शन को दोहराने के प्रयास में रहे। जानें प्रदेश की ऐसी 12 खास सीटें का हाल, जिन पर सभी की नजरें टिकी रहीं।
हिसार: निर्दलीय लड़ रहीं सावित्री जिंदल जीतीं
बांगड़ की सबसे हॉट सीट हिसार में भाजपा के मंत्री डॉ. कमल गुप्ता पांचवीं बार मैदान में थे। डॉ. गुप्ता स्वास्थ्य व शहरी विकास मंत्री रहे हैं। उनके लिए सीएम नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल और स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी पहुंचीं। पीएम मोदी भी हिसार में रैली करके गए। दिग्गजों के प्रचार के बावजूद उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी भाजपा से बगावत कर निर्दलीय लड़ने वाली सावित्री जिंदल ने बढ़ाई रखी और 18941 मतों के अंतर से जीत भी दर्ज की।
डबवाली: ताऊ देवीलाल के कुनबे के तीन सदस्यों में टक्कर, आदित्य ने मारी बाजी
राजस्थान और पंजाब से सटे डबवाली में पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के कुनबे के तीन सदस्यों में टक्कर रही। कांग्रेस से अमित सिहाग, इनेलो से आदित्य देवीलाल और जजपा से दिग्विजय चौटाला एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे थे। जिसमें इनेलो से आदित्य देवीलाल ने बाजी मारी। आदित्य ने 610 मतों के अंतर से जीत अपने नाम की।
तोशाम : श्रुति ने 14257 वोटों के अंतर अपने नाम की जीत
पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के गढ़ तोशाम में उनके ही पोते व पोती कांग्रेस प्रत्याशी अनिरुद्ध चौधरी और भाजपा प्रत्याशी श्रुति चौधरी पर एक दूसरे के खिलाफ डटे रहे। 26 साल बाद दोनों परिवार एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे। तोशाम में दोनों ही खुद को बंसीलाल का वारिस साबित करने की जंग भी लड़ते रहे। लेकिन जीत श्रुति चौधरी के ही नाम रही। श्रुति को कुल 76414 वोट मिले। उन्होंने 14257 वोटों के अंतर से तोशाम में कमल खिलाया।
सिरसा: गोपाल कांडा कड़े मुकाबले में फंसे, अंत में गोकुल ने मारी बाजी
सिरसा शहर व गांव की गलियों में बस दो ही नाम रहे। एक गोपाल व दूसरा गोकुल। हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के प्रत्याशी गोपाल कांडा को भाजपा व इनेलो ने समर्थन दे रखा तो वहीं, कांग्रेस के गोकुल सेतिया बिना किसी के सहारे अकेले ही डटे रहे। प्रचार का मैदान हो या सोशल मीडिया, दोनों हर मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ डटकर खड़े हुए। नशे के मुद्दे व शहर के विकास पर दोनों ने अपने काम बताए। लेकिन अंत में चुनावी मैदान में गोकुल के हाथों गोपाल को हार का स्वाद चखना पड़ा। गोकुल ने 7234 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
रानियां: अर्जुन चौटाला ने निर्दलीय मैदान में उतरे दादा चौधरी रणजीत सिंह को दी शिकस्त
रानियां के रण में शुरुआती दौर में मैदान में निर्दलीय उतरे दादा चौधरी रणजीत सिंह और उनके पोते इनेलो प्रत्याशी अर्जुन चौटाला में सीधी टक्कर नजर आ रही थी, लेकिन उसके बाद मुकाबला बहुकोणीय हो गया। कांग्रेस के सर्वमित्र कांबोज भी मुख्य मुकाबले में आ गए। भाजपा प्रत्याशी शीशपाल कांबोज को भी लोग कमजोर नहीं मान रहे हैं। इनके अलावा आप प्रत्याशी हरपिन्द्र कांबोज भी असर डाल रहे थे, इसके बावजूद अर्जुन चौटाला ने सबको शिकस्त दे दी। अर्जुन ने 4191 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
जुलाना: विनेश के दांव के आगे सब हुए चित
2005 के बाद से जीत न सकी कांग्रेस ने इस बार ओलंपियन विनेश फोगाट को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस को विनेश के जाट चेहरे और सेलिब्रिटी स्टेटस का सहारा था। दूसरी तरफ भाजपा ने योगेश बैरागी को मैदान में उतारकर ओबीसी वोटों को साधने का प्रयास किया था। कांग्रेस के बागी डॉ. सुरेंद्र लाठर इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। पहली बार राजनीति के अखाड़े में उतरीं विनेश ने सभी को चित कर दिया। विनेश को कुल 65080 वोट मिले, उन्होंने 6015 मतों के अंतर से जीत का स्वाद चखा।
उचाना कलां : भाजपा के देवेंद्र अत्री ने 32 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की
जाट बहुल सीट से कांग्रेस से पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह, जजपा से पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और भाजपा से देवेंद्र अत्री मैदान में थे। कांग्रेस के बागी वीरेंद्र घोघड़ियां भी रेस से बाहर नहीं थे। अत्री ब्राह्मण चेहरा थे, बाकी प्रत्याशी जाट। कयास लगाए जा रहे थे कि अगर जाट मतदाताओं के वोट बंटे तो भाजपा को फायदा हो सकता है... नतीजा जब सामने आया तो भाजपा का यह दांव बिल्कुल फिट बैठा। नतीजतन देवेंद्र अत्री ने जीत अपने नाम की। देवेंद्र महज 32 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
नूंह: आफताब अहमद 46963 मतों से जीते
एक साल पहले हिंसा के कारण पूरे देश में चर्चा में आए नूंह में इस बार दो बड़े राजनीतिक घरानों में वर्चस्व कायम करने की चिंगारी सुलग रही थी। मुख्य मुकाबला यहां कांग्रेस व इनेलो के प्रत्याशियों में ही था। इनेलो से यासीन खानदान की चौथी पीढ़ी के ताहिर हुसैन अपनी राजनीतिक पारी शुरू करना चाहते हैं। उनके सामने कांग्रेस से वरिष्ठ नेता स्व. खुर्शीद अहमद के पुत्र और दो बार के विधायक व मंत्री रह चुके सीएलपी उपनेता आफताब अहमद थे। आफताब अहमद 46963 मतों से जीत गए।
लाडवा: 16054 मतों के अंतर से जीते नायब सैनी
प्रदेश की सबसे चर्चित व हॉट सीट लाडवा में हार-जीत जाट व ओबीसी वोट बैंक पर टिकी थी। 60 फीसदी ओबीसी हैं, जिनमें से 20 फीसदी से अधिक सैनी हैं, जबकि 18 फीसदी से अधिक व 11 फीसदी ब्राह्मण हैं, जिनका भी अपना प्रभाव है। भाजपा प्रत्याशी के रूप में यहां से मुख्यमंत्री नायब सैनी मैदान में थे, जो पार्टी के ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे थे। जाट समुदाय के कांग्रेस प्रत्याशी एवं निवर्तमान विधायक मेवा सिंह नायब सैनी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी थे। नायब सैनी ने 16054 मतों के अंदर से अपने प्रतिद्वंदी को शिकस्त दी। उन्हें कुल 70177 वोट मिले थे।
जगाधरी: अकरम खान 6868 वोटों से जीते
भाजपा-कांग्रेस में कड़ा मुकाबला माना जा रहा था, मगर यहां इनेलो-बसपा गठबंधन और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी मुकाबले को रोचक बना रहे थे। भाजपा से शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर के सामने कांग्रेस प्रत्याशी एवं बसपा से पूर्व विधायक रहे अकरम खान मैदान में थे। अकरम खान ने 6868 वोटों के अंतर से जीत अपने नाम की है।
अंबाला छावनी: अनिल विज जीते, 7277 वोटों का रहा अंतर
अंबाला छावनी से भाजपा प्रत्याशी अनिल विज और कांग्रेस प्रत्याशी परविंदर सिंह परी की राह में निर्दलीय प्रत्याशी चित्रा सरवारा रोड़ा बनी रहीं। चित्रा कांग्रेस से टिकट न मिलने पर बागी होकर मैदान में थीं। उनके पिता पूर्व मंत्री निर्मल सिंह अंबाला सिटी सीट से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। हुड्डा खेमे से सीट छीनकर सांसद कुमारी सैलजा ने यहां से परविंदर सिंह परी को टिकट दिलवाया था, लेकिन आखिरकार अनिल विज ने ही मैदान मारा। विज ने 7277 मतों के अंतर से जीत अपने नाम की।
बादशाहपुर : 60705 वोटों के अंतर से जीते राव नरबीर
हरियाणा के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र बादशाहपुर में बादशाहत की लड़ाई इस बार अनुभव बनाम उम्र की थी। अनुभव भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री राव नरबीर का और उम्र कांग्रेस के सबसे युवा नेता व पहली बार चुनाव लड़ रहे वर्धन यादव की। नरबीर पहली बार साल 2014 में इस सीट पर जीते थे और मनोहर सरकार में मंत्री बने थे। अब दोबारा से भाजपा ने उन्हें मैदान में उतरा था। राव नरबीर ने 60705 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 145503 वोट मिले हैं।
सिरसा में कांग्रेस के गोकुल सेतिया की बढ़त, 1546 वोटों से आगे
सिरसा विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी मतगणना के छठे राउंड में कांग्रेस के उम्मीदवार गोकुल सेतिया ने महत्वपूर्ण बढ़त बनाई है। वर्तमान में, गोकुल सेतिया के खाते में 32603 वोट हैं, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी, हलोपा के गोपाल कांडा ने 31057 वोट प्राप्त किए हैं।
गोकुल सेतिया की बढ़त 1546 वोटों की है, जो कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस राउंड में बढ़त बनाने के साथ ही उन्होंने अपनी स्थिति को मजबूत किया है, और अब सभी की नजरें अगले राउंड के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
हिसार से सावित्री जिंदल जीती
हिसार विधानसभा क्षेत्र से सावित्री जिंदल ने 19500 वोटों की बढ़त से चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जनता के समर्थन से विजय हासिल की।
गौरतलब है कि सावित्री जिंदल के बेटे नवीन जिंदल वर्तमान में कुरुक्षेत्र से भाजपा के लोकसभा सांसद हैं, लेकिन इस बार उनकी मां ने भाजपा से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी जीत दर्ज की है। सावित्री जिंदल ने भाजपा के पूर्व मंत्री कमल गुप्ता के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
जींद विधानसभा सीट से भाजपा के कृष्ण मिड्ढा ने 15860 वोटों से दर्ज की जीत
जींद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 15860 वोटों से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 68920 वोट प्राप्त हुए, जिससे उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार महावीर गुप्ता को हराया, जिन्हें 53060 वोट मिले। यह जीत भाजपा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अन्य उम्मीदवारों के वोट इस प्रकार रहे:
- निर्दलीय प्रदीप गिल: 7639 वोट
- आप के वजीर ढांडा: 2078 वोट
- इनेलो के नरेंद्र नाथ शर्मा: 1127 वोट
- जजपा के धर्मपाल: 1014 वोट
- निर्दलीय रीतू राज बामनिया: 373 वोट
- निर्दलीय रीतेश सांगवान: 100 वोट
- निर्दलीय वेदप्रकाश: 98 वोट
- निर्दलीय अंकित कुमार: 83 वोट
- निर्दलीय रामप्रकाश तायल: 80 वोट
- निर्दलीय विकास: 62 वोट
- निर्दलीय सुरेश चंद: 55 वोट
- नोटा: 547 वोट
समालखा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के मनमोहन सिंह भड़ाना 19340 वोटों से विजयी
समालखा विधानसभा क्षेत्र में हुए चुनावों में भाजपा के उम्मीदवार मनमोहन सिंह भड़ाना ने 19340 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की है। 17 राउंड की मतगणना के बाद भड़ाना को कुल 80950 वोट मिले हैं, जिससे उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार धर्म सिंह छोकर को हराया, जिन्हें 61610 वोट प्राप्त हुए। निर्दलीय उम्मीदवार रविंदर मछरौली को मात्र 2162 वोट मिले, जिससे वह मुकाबले से काफी पीछे रहे।
समालखा में कुल 167317 वोटों में से सबसे अधिक वोट भाजपा के भड़ाना को मिले, जिससे भाजपा को इस सीट पर जीत मिली। भड़ाना की इस जीत को भाजपा के लिए क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के हरविंद्र कल्याण की लगातार तीसरी बार जीत तय
घरौंडा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी हरविंद्र कल्याण की लगातार तीसरी बार जीत लगभग तय हो चुकी है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा होना बाकी है, लेकिन उनकी बढ़त को देखते हुए उनकी जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। इस बीच, कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र राठौर के समर्थकों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
इसके अलावा, करनाल जिले की अन्य विधानसभा सीटों पर भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इंद्री सीट से भाजपा के रामकुमार कश्यप आगे चल रहे हैं, जबकि असंध सीट पर भाजपा के योगेंद्र राणा पहले स्थान पर हैं और कांग्रेस के शमशेर सिंह गोगी दूसरे स्थान पर हैं। करनाल विधानसभा सीट पर भाजपा के जगमोहन आनंद ने भी बढ़त बना ली है।
घरौंडा में कांग्रेस समर्थकों की ओर से की गई धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया है। चुनावी नतीजों की आधिकारिक घोषणा का सभी को इंतजार है, लेकिन भाजपा के हरविंद्र कल्याण की जीत से पार्टी समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
आदित्य सुरजेवाला 8137 वोटों से जीते
आदित्य सुरजेवाला ने अपनी पहली विधानसभा चुनावी जीत में 8137 वोटों की बढ़त से विजय प्राप्त की है। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य ने इस जीत के साथ राजनीतिक सफर की शानदार शुरुआत की है।
सफीदों विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के रामकुमार गौतम ने 4182 वोटों से दर्ज की जीत
सफीदों विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के रामकुमार गौतम ने 4182 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की है। गौतम को कुल 58669 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सुभाष गांगोली को 54517 वोट प्राप्त हुए। इस कड़ी मुकाबले में भाजपा के रामकुमार गौतम ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया और जीत हासिल की।
अन्य प्रमुख उम्मीदवारों के वोट इस प्रकार रहे:
- निर्दलीय जसबीर देशवाल: 20066 वोट
- निर्दलीय बच्चन सिंह आर्य: 8746 वोट
- जजपा के सुशील बैरागी: 810 वोट
- बसपा की पिंकी कुंडू: 806 वोट
बेरी से कांग्रेस के डॉ. रघुवीर कादियान ने 32987 वोटों से दर्ज की जीत, सातवीं बार बने विधायक
झज्जर की बेरी विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रघुवीर कादियान ने 32987 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की है। यह उनकी सातवीं बार की विधायकी है, जो उनकी क्षेत्र में गहरी पकड़ और जनता के विश्वास को दर्शाती है।
डॉ. कादियान को कुल 59956 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के संजय कबलाना को 24969 वोट प्राप्त हुए। निर्दलीय प्रत्याशी अमित तीसरे स्थान पर रहे।
आदमपुर में कांग्रेस के चंद्र प्रकाश जांगड़ा ने 1300 वोटों से दर्ज की जीत
आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्र प्रकाश जांगड़ा ने 1300 वोटों की बढ़त के साथ जीत हासिल की है। यह जीत जांगड़ा के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। वहीं, चंद्र प्रकाश जांगड़ा की इस जीत ने कांग्रेस को आदमपुर में मजबूत किया है।
भाजपा ने हुड्डा के गढ़ में की सेंध, कई कांग्रेस विधायकों को मिली हार
सोनीपत जिले में भाजपा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाई है। भाजपा के उम्मीदवार निखिल मदान ने सोनीपत विधानसभा सीट पर विजय हासिल की, जिससे कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है।
इसके अलावा, गोहाना विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रत्याशी अरविंद शर्मा ने जीत दर्ज की। खरखोदा विधानसभा में पवन खरखोदा ने भाजपा की ओर से जीत हासिल की, जबकि राई विधानसभा सीट पर भाजपा के कृष्णा गहलावत ने भी सफलता पाई। हालांकि, बरोदा विधानसभा सीट पर कांग्रेस के इंदुराज भालू ने जीत हासिल की। इस सीट पर आजाद उम्मीदवार कपूर सिंह नरवाल दूसरे स्थान पर रहे। गन्नौर विधानसभा सीट पर भी आजाद प्रत्याशी देवेंद्र कादियान ने जीत हासिल की।