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Haryana Poll: सैनी-हुड्डा, विनेश से चौटाला परिवार तक की सीटों का हाल, हरियाणा की हॉट सीटों पर कैसे हैं समीकरण?

Sat, 05 Oct 2024 07:34 AM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 05 Oct 2024 07:34 AM IST
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सार
Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। यहां की 90 सीटों पर कुल 1031 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं, जिसमें कई दिग्गज चेहरे भी शामिल हैं। 
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Haryana assembly election 2024 key candidates and polling news in hindi
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। यहां कुल 1031 उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। हरियाणा के 22 जिलों के 90 विधानसभा क्षेत्रों के 2.03 करोड़ मतदाता मतदान करने के लिए पात्र हैं। इस चुनाव में कई दिग्गजों की सियासी किस्मत भी दांव पर है। इसमें राज्य के मुख्यमंत्री (कार्यवाहक) नायब सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला जैसे बड़े चेहरे भी शामिल हैं। इस चुनाव में इन दिग्गजों की सीटों पर सभी की नजरें होंगी। आइये जानते हैं इनकी सीटों के समीकरण...

हरियाणा के कार्यवाहक सीएम नायब सैनी
हरियाणा के कार्यवाहक सीएम नायब सैनी - फोटो : संवाद
नायब सैनी: इस विधानसभा चुनाव में हरियाणा की सबसे चर्चित सीटों में कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा शुमार है। यहां से मुख्यमंत्री नायब सैनी चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनके सामने कांग्रेस ने मौजूदा विधायक मेवा सिंह को उतारा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी से जोगा सिंह उमरी, जननायक  जनता पार्टी से विनोद कुमार शर्मा और इंडियन नेशनल लोकदल से सपना बड़शामी उतरे हैं। 2019 में विधानसभा चुनाव में लाडवा में कांग्रेस के मेवा सिंह को जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार पवन सैनी को 12637 मत से शिकस्त दी थी।



कार्यवाहक मुख्यमंत्री सैनी अभी करनाल विधानसभा सीट से विधायक हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन हुआ था। भाजपा ने मनोहर लाल को हटाकर ओबीसी समुदाय से आने वाले भाजपा के प्रमुख नेता और कुरुक्षेत्र लोकसभा से तत्कालीन सांसद नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया था। 2023 में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाले सैनी ने 12 मार्च 2024 को हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उन्हें छह महीने के अंदर हरियाणा विधानसभा का सदस्य होना जरूरी हो गया था। लिहाजा 25 मई को करनाल सीट पर उपचुनाव कराया गया। लोकसभा चुनाव के साथ हुए करनाल विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी एवं सीएम नायब सैनी जीत दर्ज करके विधायक बन गए। उन्होंने कांग्रेस के तरलोचन सिंह को 41540 वोट से हराया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा - फोटो : संवाद
भूपेंद्र सिंह हुड्डा: प्रदेश की सबसे हॉट सीट में से एक गढ़ी-सांपला-किलोई भी शामिल है। यह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र रोहतक जिले और रोहतक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आता है। रोहतक परंपरागत रूप से कांग्रेस पार्टी और हुड्डा परिवार का वर्चस्व वाला क्षेत्र माना जाता रहा है। यहां की गढ़ी-सांपला-किलोई सीट से कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा ने जिला परिषद अध्यक्ष मंजू हुड्डा को उतारा है। 2019 में यहां कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी सतीश नांदल को 58312 मतों से शिकस्त दी थी। भूपेंद्र हुड्डा यहां से पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं। भूपेंद्र के पिता रणवीर सिंह हुड्डा भी 1968 में किलोई सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। 

दुष्यंत चौटाला।
दुष्यंत चौटाला। - फोटो : X @Dchautala
दुष्यंत चौटाला: पिछले चुनाव में किंगमेकर बने दुष्यंत चौटाला उचाना कलां सीट से चुनाव मैदान में हैं। बांगर बेल्ट में जींद जिले की उचाना कलां सीट की गिनती प्रदेश की सबसे हॉट सीटों में की जा रही है। 
2019 में यहां जजपा की तरफ से पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रेम लता को 47452 मतों से हराया था। इस चुनाव में दुष्यंत के सामने कांग्रेस से पूर्व सांसद बृजेन्द्र सिंह, भाजपा से देवेंद्र चतर्भुज अत्री, आम आदमी पार्टी से पवन फौजी और इंडियन नेशनल लोक दल से विनोद पाल सिंह दुलगांच हैं।

अभय सिंह चौटाला। संवाद
अभय सिंह चौटाला। संवाद - फोटो : संवाद
अभय सिंह चौटाला: देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल के पोते अभय सिंह चौटाला ऐलनाबाद सीट से एक बार फिर ताल ठोक रहे हैं।यह विधासभा क्षेत्र सिरसा जिले में पड़ता है। इंडियन नेशनल लोक दल के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला के सामने भाजपा से अमीर चंद तलवारा और कांग्रेस से भरत सिंह बेनीवाल हैं। यहां के पुराने समीकरण देखें तो ज्यादातर मुकाबले इंडियन नेशनल लोकदल के पक्ष में रहे हैं। 2019 में ऐलनाबाद में मुख्य मुकाबला इनेलो के अभय सिंह चौटाला और भाजपा के पवन बेनीवाल में देखने को मिला था। उस चुनाव में इनेलो के अभय सिंह चौटाला 11922 मतों से विजयी रहे थे। भाजपा के पवन बेनीवाल ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। ऐलनाबाद से इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने जनवरी 2021 में कृषि कानूनों के खिलाफ इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव के बाद नवंबर 2021 में आए नतीजे में अभय सिंह चौटाला दोबारा विधायक चुने गए। 

पूर्व मंत्री अनिल विज
पूर्व मंत्री अनिल विज - फोटो : अमर उजाला
अनिल विज: खास सीटों में अंबाला कैंट विधानसभा सीट भी शामिल है। यहां से हरियाणा के दिग्गज नेता पूर्व गृह मंत्री अनिल विज चुनाव मैदान में हैं। माना जा रहा है कि अंबाला कैंट सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय है। एक तरफ छह बार के विधायक अनिल विज हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस से पूर्व पार्षद परविंद्र सिंह परी मैदान में हैं। इसके साथ कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय नामांकन भरने वाली चित्रा सरवारा भी मैदान में है। 2019 के चुनाव में अनिल विज भाजपा के टिकट पर उतरे थे। विज ने निर्दलीय उम्मीदवार चित्रा सरवारा को 20,165 मतों से हराया था। चित्रा पिछली बार भी कांग्रेस से बगावत करके मैदान में उतरी थीं। भाजपा उम्मीदवार विज की यह अंबाला कैंट से छठी जीत थी।

हलोपा प्रत्याशी गोपाल कांडा।
हलोपा प्रत्याशी गोपाल कांडा।
गोपाल कांडा: सिरसा भी इस चुनाव में हॉट सीट बनी हुई है। हरियाणा की 90 में से सिरसा ही वह सीट है जहां भाजपा का उम्मीदवार नहीं है। सिरसा में हरियाणा लोक हित के गोपाल कांडा एक फिर चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर मुख्य मुकाबला गोपाल कांडा व कांग्रेस के गोकुल सेतिया में माना जा रहा है। गोपाल कांडा ने भी अपने समर्थन में मजबूत किलेबंदी कर ली है। कांडा ने इनेलो व बसपा का समर्थन ले लिया। भाजपा प्रत्याशी ने भी गोपाल कांडा के समर्थन में अपना नामांकन वापिस ले लिया था।  2019 में हलोपा के गोपाल कांडा ने गोकुल सेतिया को कड़े मुकाबले में 602 मतों से हराया था। 

सावित्री जिंदल
सावित्री जिंदल - फोटो : संवाद
सावित्री जिंदल: हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हिसार हाई प्रोफाइल सीटों में बनी हुई है। इस सीट पर देश की सबसे अमीर महिला सावित्री जिंदल चुनाव लड़ रही हैं। इस सीट पर जिंदल परिवार का प्रभाव रहा है। 1991 से 2009 तक यहां से जिंदल परिवार 5 बार मैदान में आया और पांचों बार ही जीता। तीन बार ओपी जिंदल खुद जीते तो दो बार सावित्री जिंदल जीतीं। अब इस चुनाव में सावित्री के सामने दो बार के विधायक डॉ. कमल गुप्ता भाजपा के प्रत्याशी हैं तो 2019 में यहां से हारे रामनिवास राड़ा कांग्रेस का चेहरा हैं। 2019 के चुनाव में डॉ. कमल गुप्ता भाजपा के टिकट पर उतरे थे। कमल ने कांग्रेस उम्मीदवार राम निवास राड़ा को 15,832 वोट से हराया था। 

जींद में विनेश के साथ मौजूद जिला परिषद के वाइस चेयरमैन सतीश हथवाला, जिला पार्षद प्रतिनिधि सत्यव
जींद में विनेश के साथ मौजूद जिला परिषद के वाइस चेयरमैन सतीश हथवाला, जिला पार्षद प्रतिनिधि सत्यव
विनेश फोगाट: हरियाणा चुनाव में लोगों की नजरें जुलाना सीट पर भी रहेंगी। जुलाना में कांग्रेस उम्मीदवार पहलवान विनेश फोगाट हैं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली विनेश फोगाट पहली महिला भारतीय पहलवान हैं। विनेश के सामने भाजपा ने कैप्टन योगेश बैरागी को उतारा है। पेशे से पायलट रहे योगेश बैरागी भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष और भाजपा खेल प्रकोष्ठ (हरियाणा) के सह-संयोजक हैं। वहीं आप ने जुलाना में विनेश और योगेश के सामने WWE पहलवान कविता दलाल को उतारा है। कविता भारत की ओर से सबसे पहले WWE में जाने वाली महिला रेसलर थीं। लोग उन्हें ‘लेडी खली’ के नाम से भी जानते हैं। जुलाना विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में जननायक जनता पार्टी के अमरजीत ढांडा को जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा के परमिंदर सिंह ढुल को 24193 मत से हराया था। 

हिसार में पत्रकारों से बातचीत करते बिजली मंत्री रणजीत चौटाला। 
हिसार में पत्रकारों से बातचीत करते बिजली मंत्री रणजीत चौटाला। 
रणजीत चौटाला: सिरसा जिले की रानिया सीट पर चुनावी जंग अपनों में है जिससे यह खास बनी हुई है। देवीलाल के बेटे रणजीत चौटाला निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे हैं। वह रानियां विधानसभा सीट से टिकट चाह रहे थे, लेकिन भाजपा से उन्हें टिकट नहीं मिला। इस बात से नाराज रणजीत ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अब इसी सीट से निर्दलीय ताल ठोकी है। इनेलो ने देवीलाल के पड़पोते और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर भाजपा ने शीशपाल कंबोज, कांग्रेस ने सर्व मित्र कंबोज और आप ने हैप्पी रानियां को टिकट दिया है। 2019 में यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर रणजीत चौटाला को जीत मिली थी। उन्होंने हरियाणा लोकहित पार्टी के गोबिंद कांडा को 19431 मतों से शिकस्त दी थी। 

आदित्य सुरजेवाला और लीला राम
आदित्य सुरजेवाला और लीला राम - फोटो : फाइल
आदित्य सुरजेवाला: कैथल विधानसभा सीट की चुनावी जंग भी खास मानी जा रही है। यहां सुरजेवाला परिवार की तीसरी पीढ़ी मैदान में है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे आदित्य कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। भाजपा ने यहां लीलाराम गुर्जर को उतारा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी से सतबीर सिंह गोयत और जननायक जनता पार्टी से संदीप गढ़ी मैदान में हैं। 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला भाजपा के लीलाराम गुर्जर से महज 1246 वोटों से हार गए थे।
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