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ग्राम सभाएं सुलझाएंगी महिलाओं के मुद्दे
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 21 Oct 2013 11:09 PM IST
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महिलाओं को उनसे संबंधित अपराधों से निपटने के लिए अब खास तौर पर सक्षम किया जाएगा। इसके लिए गांवों में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर खास सभाएं आयोजित की जाएंगी।
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केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर पंचायती राज विभाग ने यह अनोखी पहल की है। इसके लिए प्रत्येक गांवों में महिला पंचायतें आयोजित कर उनसे संबंधित अपराधों को चिह्नित किया जाएगा।
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अपराधों की प्रवृति के लिहाज से ही उससे निपटने के लिए महिलाओं को जागरूक भी किया जाएगा। ग्राम सभाओं के नाम से आयोजित होने वाली महिला पंचायतों को इसी महीने आरंभ किया जाना है।
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जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) अलका चौधरी के मुताबिक, अभी केवल निर्देश मिले हैं। विभाग की ओर से सभाओं के लिए लिखित में गाइड लाइन मिलने के बाद इनका आयोजन शुरू किया जाएगा।
इस बारे में सभी पंचायतों को सूचित किया जा रहा है। उक्त सभाएं पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की अध्यक्षता में होगी। इनमें महिलाओं से जुड़े हर मुद्दे पर बेबाकी से बात होगी। उन्होंने कहा कि इसका मकसद महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा अपराधों से निपटने में सक्षम बनाना है।
उन्होंने कहा कि सभा के लिए आंगनबाड़ी निगरानी नाम से एक समिति बनाई जाएगी। इसमें वार्ड सदस्य, एक महिला सदस्य के अलावा पंचायतों की महिला सदस्य शामिल होंगी। इस काम में अपना सहयोग देने वाली लड़कियां और महिलाएं स्वयंसेवक के तौर पर इस कार्यक्रम से जुड़ सकती हैं।
सभी पंचायतों को सभाओं की तिथि निर्धारित कर कार्यालय को सूचित करना होगा, ताकि अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।
ये होगा सभाओं में
-महिलाओं के खिलाफ सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, शीघ्र मातृत्व, भोजन एवं चिकित्सा संबंधी देखभाल में कमी, महिलाओं और लड़कियों के सामने आने वाली दूसरी समस्याओं के समाधान के लिए उचित कार्रवाई।
-कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध रोकने, शिक्षा रोजगार जैसी सुविधाओं के लिए प्रभावी कदम और लड़कियों की महत्ता को बढ़ाने के लिए खास प्रयासों पर बल।
-गर्भवती महिलाओं की देखरेख तथा इससे संबंधित तमाम गतिविधियों के लिए ग्राम पंचायत सदस्यों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। ग्राम सभा की बैठकों में पंचायतों से इसकी निष्कर्ष रिपोर्ट मांगी जाएगी।