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शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि मिली : सुनील
Gurgaon
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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पटौदी। आतंकी कसाब को फांसी दिए जाने की खबर से 26/11 के एनएसजी ऑपरेशन में शामिल कमांडो सुनील यादव की खुशी का ठिकाना नहीं है। जब उन्होंने ऐसी खबर सुनी तो खुशी के मारे अपने पास खड़े बेटे को गले लगा लिया। उनकी पहली प्रतिक्रिया थी, ‘ऐसे व्यक्ति को जेल में नहीं, होटल ताज में सूली पर चढ़ाना चाहिए, ताकि फिर कोई पाकिस्तानी ऐसा दुस्साहस न कर सके। उन्हें लगता है कि कसाब को फांसी दिए जाने से शहीदाें को सच्ची श्रद्धांजलि मिली है।
मुंबई हमले में तीन गोलियां खाने के बावजूद आतंकियाें को ढेर करने वाले पटौदी के सफेदा में रहने वाले सुनील यादव के हौसले आज भी बुलंद हैं। वे इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए हैं। सुनील के पुत्र कार्तिक यादव व पुत्री साक्षी यादव ने भी कसाब की फांसी पर खुशी जाहिर की है। सुनील यादव की पत्नी रेखा यादव से जब यह बात बताई गई तो वह अपनी खुशी छुपा नहीं पाईं।
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल सहित कई ठिकानों पर कब्जा करके लोगों को बंधक बना लिया था। इस दौरान ऑपरेशन में शामिल सुनील यादव ने बंधक बनाए गए लगभग 200 युवकों को छुड़वाया था। इस दौरान आतंकियों की तीन गोलियां भी खाई थीं।
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सुनील यादव 11 पैरा रेजिमेंट में नायक पद पर तैनात हैं। 13 साल पहले आर्मी में भर्ती हुए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें तत्कालीन गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने बेस्ट कमांडो का खिताब दिया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद घायल अवस्था में उन्हें उनके पैतृक गांव लाया गया था। स्वस्थ होने के बाद उनका तबादला उधमपुर हो गया। उसके बाद आगरा में पोस्ंिटग हुई। फिलहाल वे शिलांग में ड्यूटी पर तैनात हैं और डेढ़ माह की छुट्टी पर आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहादुरी पर महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें 50 हजार रुपये का चेक दिया था और प्रधानमंत्री कोटे से एक लाख रुपये मिले थे।
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मुंबई हमले में तीन गोलियां खाने के बावजूद आतंकियाें को ढेर करने वाले पटौदी के सफेदा में रहने वाले सुनील यादव के हौसले आज भी बुलंद हैं। वे इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए हैं। सुनील के पुत्र कार्तिक यादव व पुत्री साक्षी यादव ने भी कसाब की फांसी पर खुशी जाहिर की है। सुनील यादव की पत्नी रेखा यादव से जब यह बात बताई गई तो वह अपनी खुशी छुपा नहीं पाईं।
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उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल सहित कई ठिकानों पर कब्जा करके लोगों को बंधक बना लिया था। इस दौरान ऑपरेशन में शामिल सुनील यादव ने बंधक बनाए गए लगभग 200 युवकों को छुड़वाया था। इस दौरान आतंकियों की तीन गोलियां भी खाई थीं।
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सुनील यादव 11 पैरा रेजिमेंट में नायक पद पर तैनात हैं। 13 साल पहले आर्मी में भर्ती हुए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें तत्कालीन गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने बेस्ट कमांडो का खिताब दिया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद घायल अवस्था में उन्हें उनके पैतृक गांव लाया गया था। स्वस्थ होने के बाद उनका तबादला उधमपुर हो गया। उसके बाद आगरा में पोस्ंिटग हुई। फिलहाल वे शिलांग में ड्यूटी पर तैनात हैं और डेढ़ माह की छुट्टी पर आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहादुरी पर महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें 50 हजार रुपये का चेक दिया था और प्रधानमंत्री कोटे से एक लाख रुपये मिले थे।