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रथयात्रा में नगाड़ों की थाप पर झूमे भक्त
Gurgaon
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। साइबर सिटी में रविवार का दिन जैन समाज के लिए खास रहा। शहर के सेक्टर-15 पार्ट-1 स्थित मुनिसुव्रत नाथ श्मोवशरण मंदिर से तीर्र्थंकर मुनिसुव्रत नाथ भगवान की प्रतिमा को रथ पर विराजमान किया गया। इस मौके पर जैन समाज के सैकड़ाें श्रद्धालु नगाड़ों की थाप पर रथ के साथ-साथ झूमते दिखे। मार्ग में जगह-जगह रथ को रोककर भक्त मुनिसुव्रत नाथ भगवान की प्रतिमा की आरती कर रहे थे। मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा कीर्ति नगर, सेक्टर-15 पार्ट-1 मुख्य रोड, झाडसा रोड के रिलायंस फ्रेश के सामने से वापस मंदिर में समाप्त हुई।
रथयात्रा शुरू होने से पहले आचार्य धर्मसेन जी महाराज संसघ के सान्निध्य में पूजा-पाठ का आयोजन हुआ। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान के रथ का सारथी बनने का सौभाग्य उसी व्यक्ति को मिलेगा जो आजीवन प्रतिदिन भगवान का अभिषेक और पूजन करने का नियम ले। जयकुमार जैन ने आचार्य श्री के नियमों को स्वीकार करते प्रक्रिया का निर्वहन किया। उन्हें रथ का सारथी बनाया गया। रथ पर भगवान की प्रतिमा को लेकर बैठने का सौभाग्य आशीष जैन को और रत्नो की वर्षा करने के लिए कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य सचिन जैन को मिला। उसके बाद धूमधाम से रथयात्रा शुरू हुई।
रथयात्रा में भगवान के रथ के साथ-साथ इंद्र-इंद्राणी और लोकांतिक देव भी रथ पर विराजमान थे। दिल्ली के जिया बैंड सहित तीनों बैंडों ने शानदार प्रस्तुति से से रथयात्रा को यादगार बना दिया। जैन समाज की ओर से जैन रत्न का खिताब प्राप्त करने वाले कंवर सेन जैन ने बताया कि हर साल मंदिर में रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस बार स्यादवाद सेवा संगठन की ओर से 13 जनवरी को झाड़सा जैन धर्मशाला में आंखों की मुफ्त चिकित्सा का कैंप लगाया जाएगा।
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रथयात्रा शुरू होने से पहले आचार्य धर्मसेन जी महाराज संसघ के सान्निध्य में पूजा-पाठ का आयोजन हुआ। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान के रथ का सारथी बनने का सौभाग्य उसी व्यक्ति को मिलेगा जो आजीवन प्रतिदिन भगवान का अभिषेक और पूजन करने का नियम ले। जयकुमार जैन ने आचार्य श्री के नियमों को स्वीकार करते प्रक्रिया का निर्वहन किया। उन्हें रथ का सारथी बनाया गया। रथ पर भगवान की प्रतिमा को लेकर बैठने का सौभाग्य आशीष जैन को और रत्नो की वर्षा करने के लिए कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य सचिन जैन को मिला। उसके बाद धूमधाम से रथयात्रा शुरू हुई।
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रथयात्रा में भगवान के रथ के साथ-साथ इंद्र-इंद्राणी और लोकांतिक देव भी रथ पर विराजमान थे। दिल्ली के जिया बैंड सहित तीनों बैंडों ने शानदार प्रस्तुति से से रथयात्रा को यादगार बना दिया। जैन समाज की ओर से जैन रत्न का खिताब प्राप्त करने वाले कंवर सेन जैन ने बताया कि हर साल मंदिर में रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस बार स्यादवाद सेवा संगठन की ओर से 13 जनवरी को झाड़सा जैन धर्मशाला में आंखों की मुफ्त चिकित्सा का कैंप लगाया जाएगा।
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