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Haryana: साइबर ठगों ने एयरफोर्स जवान को बनाया निशाना, निवेश के नाम पर लगाई लाखों की चपत
Sat, 25 Apr 2026 10:00 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 25 Apr 2026 10:00 PM IST
सार
हरियाणा के जींद में साइबर ठगों ने एयरफोर्स जवान से लाखों रुपये की ठगी की है। जवान को निवेश का झांसा देकर ठग 16.40 लाख रुपये की चपत लगा गए।
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साइबर क्राइम
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
साइबर ठगों ने एयरफोर्स जवान को निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर 16.40 लाख रुपये ठग लिए। साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। दनौदा खुर्द निवासी सुमित ने एफआईआर में बताया कि वह एयरफोर्स में है। 27 नवंबर को इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा। इसके बाद उसको एक व्हाट्सअप ग्रुप में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके बाद लिंक के माध्यम से दूसरे ग्रुप से जोड़ा गया। उसके एडमिन सुभाष अग्रवाल थे जो ग्रुप में हर रोज स्टॉक की जानकारी शेयर करते थे। साथ ही दावा करते थे कि हर रोज शेयरों का दस से बीस प्रतिशत रिटर्न मिल रहा है। इसके बाद उसने निवेश के लिए वेबसाइट पर पंजीकरण करवाया। 12 मार्च को उसने पचास हजार का निवेश किया। उसे 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसकी आईडी वॉलेट में मुनाफा भी अच्छा दिया गया। नौ फरवरी तक वह 16.40 लाख रुपये निवेश राशि जमा करवा चुका था।
जब उस राशि को निकालने की कोशिश की तो राशि नहीं निकली। इसके बाद ग्रुप के मैसेज बंद हो गए। प्ले स्टोर से उस एप को भी हटा दिया गया। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इसके बाद लिंक के माध्यम से दूसरे ग्रुप से जोड़ा गया। उसके एडमिन सुभाष अग्रवाल थे जो ग्रुप में हर रोज स्टॉक की जानकारी शेयर करते थे। साथ ही दावा करते थे कि हर रोज शेयरों का दस से बीस प्रतिशत रिटर्न मिल रहा है। इसके बाद उसने निवेश के लिए वेबसाइट पर पंजीकरण करवाया। 12 मार्च को उसने पचास हजार का निवेश किया। उसे 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसकी आईडी वॉलेट में मुनाफा भी अच्छा दिया गया। नौ फरवरी तक वह 16.40 लाख रुपये निवेश राशि जमा करवा चुका था।
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जब उस राशि को निकालने की कोशिश की तो राशि नहीं निकली। इसके बाद ग्रुप के मैसेज बंद हो गए। प्ले स्टोर से उस एप को भी हटा दिया गया। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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