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NIT कुरुक्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पूर्व निदेशक डॉ. रेड्डी का इस्तीफा मंजूर, जॉइंट रजिस्ट्रार सस्पेंड
Sun, 26 Apr 2026 01:21 PM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sun, 26 Apr 2026 01:21 PM IST
सार
एनआईटी संस्थान में दो दिन तक रुकी तीन सदस्यीय टीम ने पूर्व निदेशक प्रो. बी.वी. रमना रेड्डी की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों व सामने आए मामलों की समीक्षा की थी। जांच टीम ने इस बार सभी फाइलों को दोबारा खुलवाया और कुछ कागजात अपने साथ लेकर गई।
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एनआईटी संस्थान
- फोटो : संवाद
विस्तार
पूर्व निदेशक डॉ. बी.वी. रमना रेड्डी का इस्तीफा मंजूर हो गया है। उन्होंने जांच के दौरान अपना इस्तीफा दिया था, जिसे देर रात स्वीकार कर लिया गया। उनकी जगह अब प्रो. ब्रह्मजीत कार्यवाहक निदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। बता दें कि देर शाम जॉइंट रजिस्ट्रार (जीए) ज्ञान रंजन सामंतराय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इस संबंध में संस्थान द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया था। वहीं अब पूर्व निदेशक का इस मामले में इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया है।
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इससे पहले 15 मार्च को डॉ. ज्ञान रंजन सामंतराय को रजिस्ट्रार के पद से हटाकर प्रो. ब्रह्मजीत को यह जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद जांच के दौरान बी.वी. रमना रेड्डी ने जैसे ही इस्तीफे की पेशकश की, तुरंत बाद 30 मार्च को विनोद मित्तल को रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त किया गया और प्रो. ब्रह्मजीत को कार्यवाहक निदेशक के रूप में तैनात किया गया। अब शनिवार देर रात बी.वी. रमना रेड्डी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
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एनआईटी संस्थान में दो दिन तक रुकी तीन सदस्यीय टीम ने पूर्व निदेशक प्रो. बी.वी. रमना रेड्डी की भूमिका और उनके कार्यकाल के दौरान हुए कार्यों व सामने आए मामलों की समीक्षा की थी। जांच टीम ने इस बार सभी फाइलों को दोबारा खुलवाया और कुछ कागजात अपने साथ लेकर गई। वहीं, इस टीम का पिछला दौरा 7 अप्रैल को हुआ था, जिसमें टीम ने कुछ फाइलें मंगवाकर उनकी गहन जांच की थी।
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एनआईटी में जांच के लिए आई टीम में राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के अध्यक्ष और एआईसीटीई के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, वीएनआईटी नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एम. मदन गोपाल (सेवानिवृत्त आईएएस) और एमएएनआईटी भोपाल के निदेशक प्रो. के.के. शुक्ला शामिल थे।