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Fatehabad News: नशा मुक्ति केंद्र में महिला वार्ड बंद, मनोरोगियों में लिए दवा नहीं

Mon, 16 Feb 2026 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 16 Feb 2026 11:44 PM IST
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Women's ward closed in de-addiction center, no medicine for mentally ill patients
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बंद पडे महिला वार्ड में बेड पर चढ़ी धूल संवाद
फतेहाबाद। नशा मुक्ति केंद्र और मनोचिकित्सक ओपीडी में इन दिनों मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र में बेड कम हैं और मनोरोगियों को नियमित दवाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रहीं। इससे इलाज प्रभावित हो रहा है और मरीजों की प्रतीक्षा सूची बढ़ती जा रही है।
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जिला मुख्यालय स्थित यह केंद्र ही एकमात्र स्थान है जहां भर्ती की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां सिर्फ 10 बेड हैं। नशा छोड़ने की इच्छा लेकर आने वाले चार से पांच मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना महामारी से पहले केंद्र में 30 बेड थे, जिन्हें घटाकर 10 कर दिया गया। इससे केंद्र पर दबाव लगातार बढ़ा है।
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महिला वार्ड करीब दो माह से बंद है। लोक निर्माण विभाग ने शौचालय मरम्मत का काम शुरू किया था, लेकिन इसे भी अधूरा छोड़ दिया। परिणामस्वरूप नशा छोड़ने आई महिला मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा। संख्या भले कम रहती हो, फिर भी नियमों के अनुसार महिला और नाबालिगों के लिए अलग वार्ड अनिवार्य है। नशा मुक्ति उपचार में कम से कम 15 दिन भर्ती रहना आवश्यक होता है।
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टोहाना एटीएफ की भर्ती अटकी
नशा छोड़ने के लिए आने वाले मरीजों के लिए टोहाना में वर्ष 2024 में एम्स के तहत एटीएफ (एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) की शुरुआत हुई थी। लेकिन यहां पर मेडिकल ऑफिसर, काउंसलर, नर्सिंग ऑफिसर और डाटा मैनेजर की भर्ती करीब डेढ़ साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। सिविल सर्जन कार्यालय दो बार आवेदन ले चुका है लेकिन भर्ती सिरे नहीं चढ़ी है। भर्ती की प्रक्रिया तक पूरी हो चुकी है लेकिन परिणाम जारी नहीं हो रहा है।
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बाहर मेडिकल पर भी नहीं मिल रही दवा
नागरिक अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मनोरोगियों की ओपीडी रहती है लेकिन हालात यह है कि उन्हें दवा नहीं मिल रही है। अस्पताल में मनोरोगियों से संबंधित दवाइयां खत्म हो चुकी है। मरीजों को बाहर मेडिकल पर आसानी से दवा नहीं मिल रही है। हालात यह है कि वेंडर दवा सप्लाई में आनाकानी कर रहे हैं लेकिन अधिकारी नोटिस देकर खानापूर्ति पूरी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मनोरोग में जो दवा मरीज की पहले से चल रही होती है और अगर उसमें बदलाव किया जाता है तो दिक्कत रहती है।
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नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में दाखिल मरीजों की स्थिति

वर्ष ओपीडी दाखिल हुए मरीज
2018 2315 2157
2019 7104 456
2020 4105 161
2021 1622 106
2022 2768 419
2023 2452 251
2024 2231 244
2025 3274 228
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मरम्मत कार्य के चलते महिला वार्ड को फिलहाल बंद किया गया था। काफी समय तक काम बंद रहा है लेकिन अब मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। काम पूरा होने के बाद वार्ड फिर शुरू हो जाएगा।

-डॉ. गिरीश, इंचार्ज, नशा मुक्ति केंद्र
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मनोरोगियों को दवा न मिलने का मामला संज्ञान में है। दवाइयों के लिए ऑर्डर किए हुए हैं लेकिन वेंडर से सप्लाई नहीं आ रही है। इस बारे में तीन नोटिस संबंधित वेंडर को दिए जा चुके हैं। दोबारा नोटिस दिया जाएगा, अगर फिर भी सप्लाई नहीं तो ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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