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डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग से महिला की मौत, परिजनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:55 PM IST
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मौके पर पहुंची अस्पताल चौकी पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद रविवार दोपहर परिजन बिना कार्रवाई शव को पोस्टमार्टम गृह से ले गए। इस मामले से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि, डिलीवरी के बाद पैदा हुआ लड़का स्वस्थ है। महिला को शादी के सात साल बाद बच्चा हुआ था।
खैराती रोड स्थित ऑफिसर कॉलोनी निवासी राजन की पत्नी अंजू को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे शनिवार सुबह सिविल अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में दाखिल करवाया।
परिजनों के अनुसार, अंजू ने नॉर्मल डिलीवरी से रात साढ़े 12 बजे लड़के को जन्म दिया। इसके बाद महिला को वार्ड में दाखिल कर दिया गया। थोड़ी देर बाद ही महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई।
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इससे वार्ड में मौजूद स्टाफ में हड़कंप मच गया और तुरंत महिला चिकित्सक डॉ. रेणु को बुलाया गया। डॉक्टर रेणु ने इमरजेंसी के डॉक्टर व अन्य डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी।
रक्तस्त्राव ज्यादा होने के कारण महिला ने अलसुबह साढ़े तीन बजे दम तोड़ दिया। जैसे ही अंजू की मौत का पता बाहर खड़े परिवार के लोगों को लगा तो उन्होंने वार्ड में ही हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलनेेे पर अस्पताल चौकी इंचार्ज साधुराम मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिवार के लोगों को शांत करवाते हुए घर भेज दिया। रविवार सुबह 10 बजे मृतक के पति राजन के साथ परिवार के अन्य लोग पहुंचे।
इस दौरान डॉक्टर रेणु भी अस्पताल पहुंची और परिजनों से बातचीत की। इसके बाद परिवार के लोग बिना कार्रवाई किए अस्पताल से महिला के शव को ले गए।
सात साल बाद हुआ बच्चा
अंजू की शादी को सात साल हो गए थे, लेकिन बच्चा नहीं हुआ था। बीच में एक बार अंजू गर्भवती हुई, लेकिन वह दो-तीन महीने बाद खराब हो गया।
मृतक महिला का पति दिल्ली की एक कंपनी में काम करता था और दो दिन पहले ही घर से वापस दिल्ली गया था। मौत की सूचना के बाद रविवार सुबह वह अस्पताल में पहुंचा।
परिजन बोले, डॉक्टरों से तीन घंटे में नहीं संभला केस
डिलीवरी के बाद से ही अंजू का बीपी बढ़ गया और उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। डाक्टर आए और उन्होंने रोकने का प्रयास किया, लेकिन ब्लीडिंग नहीं थमी।
डॉक्टरों से तीन घंटे तक केस नहीं संभला और उन्होंने बताया भी नहीं। हमें बता देते तो हम कहीं और ले जाते।
पिंकी, मृतक की भाभी
ब्लड लॉस से हुई महिला की मौत
डिलीवरी के बाद महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई। दवाईयां दी गईं, लेकिन वह भी काम नहीं कर रही थी। हमने दूसरे डॉक्टरों को भी बुलाया और अपनी तरफ से कोशिश की।
रेफर करने की तैयारियां कर ली गईं थी, लेकिन महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे रेफर किया जा सके। महिला का पहले से ही ब्लड कम था। फिर ब्लड लॉस होने से उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर रेणु, महिला चिकित्सक सिविल अस्पताल
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हालांकि, डिलीवरी के बाद पैदा हुआ लड़का स्वस्थ है। महिला को शादी के सात साल बाद बच्चा हुआ था।
खैराती रोड स्थित ऑफिसर कॉलोनी निवासी राजन की पत्नी अंजू को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे शनिवार सुबह सिविल अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में दाखिल करवाया।
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परिजनों के अनुसार, अंजू ने नॉर्मल डिलीवरी से रात साढ़े 12 बजे लड़के को जन्म दिया। इसके बाद महिला को वार्ड में दाखिल कर दिया गया। थोड़ी देर बाद ही महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई।
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इससे वार्ड में मौजूद स्टाफ में हड़कंप मच गया और तुरंत महिला चिकित्सक डॉ. रेणु को बुलाया गया। डॉक्टर रेणु ने इमरजेंसी के डॉक्टर व अन्य डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन महिला की ब्लीडिंग नहीं रुकी।
रक्तस्त्राव ज्यादा होने के कारण महिला ने अलसुबह साढ़े तीन बजे दम तोड़ दिया। जैसे ही अंजू की मौत का पता बाहर खड़े परिवार के लोगों को लगा तो उन्होंने वार्ड में ही हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलनेेे पर अस्पताल चौकी इंचार्ज साधुराम मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिवार के लोगों को शांत करवाते हुए घर भेज दिया। रविवार सुबह 10 बजे मृतक के पति राजन के साथ परिवार के अन्य लोग पहुंचे।
इस दौरान डॉक्टर रेणु भी अस्पताल पहुंची और परिजनों से बातचीत की। इसके बाद परिवार के लोग बिना कार्रवाई किए अस्पताल से महिला के शव को ले गए।
सात साल बाद हुआ बच्चा
अंजू की शादी को सात साल हो गए थे, लेकिन बच्चा नहीं हुआ था। बीच में एक बार अंजू गर्भवती हुई, लेकिन वह दो-तीन महीने बाद खराब हो गया।
मृतक महिला का पति दिल्ली की एक कंपनी में काम करता था और दो दिन पहले ही घर से वापस दिल्ली गया था। मौत की सूचना के बाद रविवार सुबह वह अस्पताल में पहुंचा।
परिजन बोले, डॉक्टरों से तीन घंटे में नहीं संभला केस
डिलीवरी के बाद से ही अंजू का बीपी बढ़ गया और उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। डाक्टर आए और उन्होंने रोकने का प्रयास किया, लेकिन ब्लीडिंग नहीं थमी।
डॉक्टरों से तीन घंटे तक केस नहीं संभला और उन्होंने बताया भी नहीं। हमें बता देते तो हम कहीं और ले जाते।
पिंकी, मृतक की भाभी
ब्लड लॉस से हुई महिला की मौत
डिलीवरी के बाद महिला को ब्लीडिंग शुरू हो गई। दवाईयां दी गईं, लेकिन वह भी काम नहीं कर रही थी। हमने दूसरे डॉक्टरों को भी बुलाया और अपनी तरफ से कोशिश की।
रेफर करने की तैयारियां कर ली गईं थी, लेकिन महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे रेफर किया जा सके। महिला का पहले से ही ब्लड कम था। फिर ब्लड लॉस होने से उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर रेणु, महिला चिकित्सक सिविल अस्पताल