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Fatehabad News: भोडा होशनाक में वन्यजीव ने किया कुत्तों पर हमला, ग्रामीणाें में दहशत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Feb 2024 10:07 PM IST
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Wildlife attacks dogs in Bhoda Hoshanak, panic among villagers
भोडा होशनाक के पास लकड़बग्घे द्वारा नोचा गया कुत्ते का बच्चा।
फतेहाबाद। हिसार रोड पर नेशनल हाईवे से सटे गांव भोडा होशनाक में एक होटल के पास सोमवार रात को जानवर ने कुत्तों के चार पिल्लों को नोच खाया। पिल्लों के सिर व गर्दन पर चोटें आई हैं। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर होटल कर्मचारी बाहर आए तो यह पिल्ले घायल अवस्था में थे। एकबारगी गांव में यह अफवाह फैल गई कि गांव में तेंदुआ घुस आया है, लेकिन वन्य प्राणी विभाग के अनुसार मौके पर पांवों के जो निशान मिले हैं, वह लकड़बग्घे के हैं।
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जानकारी के अनुसार, हिसार के गांव कुलेरी में भी किसी खतरनाक जानवर के मिलने की सूचना आई थी। यहां पर भी जानवर ने मवेशियों पर हमला किया था। कुलेरी गांव फतेहाबाद के गांव भोडा होशनाक से 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। सोमवार देर रात को भोडा होशनाक के पास स्थित होटल के पास कुत्ते के पिल्लाें के चिल्लाने की आवाज आई तो होटल में सोए कर्मचारी जाग गए। जब वह बाहर आए तो कुत्तों के चार पिल्लों को किसी जानवर ने बुरी तरह से नोच खाया था। पहले तो यह अनुमान लगाया जा रहा था कि किसी तेंदुए ने इन पर हमला किया है, जिससे ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल पैदा हो गया। सुबह मामले की जानकारी वन्य प्राणी विभाग को दी गई। सूचना पाकर वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलूराम मौके पर पहुंचे और जानवर के पैरों के निशान देखे। उन्होंने बताया कि यह तेंदुए के पांव के निशान न होकर किसी लकड़बग्घे के हैं। तेंदुए के पांवों के निशान चौड़े होते हैं और बीच में जगह होती है। यह निशान छोटे हैं और किसी लकड़बग्घे के हैं।
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झुंड में रहते हैं लकड़बग्घे
वन्य प्राणी विभाग के अनुसार, फतेहाबाद क्षेत्र में लकड़बग्घे के झुंड हैं। यह जानवर नहर किनारे या फिर जंगलात क्षेत्र में रहता है। यह मानवों के संपर्क में आना कम ही पसंद करता है। रोशनी वाले क्षेत्र में भी यह नहीं आता है। यह मवेशियों के बाड़ाें में घुस जाता है और उन पर हमला कर देता है। यह शिकार कम करता है, लेकिन मवेशियों को घायल अधिक करता है।
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कोट
गांव भोडा होशनाक में जानवर के पांवों के जो निशान मिले हैं, वह लकड़बग्घे के हैं। इस क्षेत्र में लकड़बग्घे देखे गए हैं। इनकी पहचान की जा रही है कि कहीं यह हिंसक तो नहीं हो गए हैं।
-ेलीलूराम, वन्य प्राणी निरीक्षक, फतेहाबाद
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