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जिसे बताया था नकली डीजल, वह था मिनरल ऑयल, प्रशासन की है स्वीकृति
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भूना। गांव बुवान में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की ओर से मारे छापा में नकली डीजल का कारोबार बताकर गोदाम सील करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। तेल कारोबारी ने तेल बेचने की मंजूरी से लेकर हजारों लीटर मिनरल तेल के पक्के बिल सहित दस्तावेज मीडिया के सामने रखे। तेल कारोबारी ने अवैध तरीके से तेल का कारोबार करने के आरोपों को भी गलत बताया है। तेल कारोबारी अरहंत कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की मौजूदगी में अधिकारियों की टीम ने जो मौके पर मिले तेल को नकली डीजल बताया था, वह मिनरल तेल है। जो सरकारी नियमों के अनुसार ही पिछले तीन वर्षों से उसके पास सप्लाई हो रहा है। मिनरल तेल कारोबार में सरकार को लाखों रुपये का जीएसटी टैक्स भी भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो तेल का कारोबार पिछले कई सालों से चल रहा है, उसका पूरा रिकॉर्ड कंपनी व सरकारी अधिकारियों से लिया जा सकता है।
कारोबारी बोले- छापे से डर गया था, इसलिए कागजात नहीं दिखा पाया
गुरमेहर नेशनल ट्रेडर्स बुवान के संचालक अरहंत कुमार का कहना है कि 15 दिसंबर की रात को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ अधिकारियों की टीम ने अचानक छापा मारा। इससे वह बुरी तरह डर गया। इसलिए मिनरल तेल कारोबार की मंजूरी व तेल के स्टॉक का विवरण नहीं दिखा पाया। उन्होंने कोई भी गैरकानूनी काम नहीं किया है। गौरतलब है कि इस मामले में 17 दिसंबर की सुबह तेल कारोबारी अरहंत कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस भी दर्ज किया गया। उसी दिन देर रात्रि को सीएम फ्लाइंग एवं अधिकारियों द्वारा सील करने के बाद तेल चोरी करने के आरोप में चोरी का केस भी दर्ज किया जा चुका है। इस मामले में हेड कांस्टेबल निर्मल सिंह को सस्पेंड भी कर दिया गया था।
इन्होंने दी हुई है मंजूरी
तेल कारोबारी अरहंत कुमार ने जो मंजूरी पत्र दिखाया है, उसमें दमकल विभाग, लोक निर्माण विभाग, कंट्री एंड टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट एवं एमओएसटी, डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर की एनओसी के बाद 16 जुलाई 2018 को सुपर केरोसिन ऑयल वितरण के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट फतेहाबाद के ऑर्डर दिए हुए हैं। तेल कारोबार स्थल का पूरा नक्शा भी साथ संलग्न किया हुआ है।
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कोट
तेल कारोबारी अरहंत कुमार ने अभी तक पुलिस के समक्ष कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है। अगर दस्तावेज सही है तो उनकी जांच प्रक्रिया के बाद उच्च अधिकारियों की राय ली जाएगी।
कपिल सिहाग, प्रभारी, भूना थाना पुलिस
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कारोबारी बोले- छापे से डर गया था, इसलिए कागजात नहीं दिखा पाया
गुरमेहर नेशनल ट्रेडर्स बुवान के संचालक अरहंत कुमार का कहना है कि 15 दिसंबर की रात को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के साथ अधिकारियों की टीम ने अचानक छापा मारा। इससे वह बुरी तरह डर गया। इसलिए मिनरल तेल कारोबार की मंजूरी व तेल के स्टॉक का विवरण नहीं दिखा पाया। उन्होंने कोई भी गैरकानूनी काम नहीं किया है। गौरतलब है कि इस मामले में 17 दिसंबर की सुबह तेल कारोबारी अरहंत कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस भी दर्ज किया गया। उसी दिन देर रात्रि को सीएम फ्लाइंग एवं अधिकारियों द्वारा सील करने के बाद तेल चोरी करने के आरोप में चोरी का केस भी दर्ज किया जा चुका है। इस मामले में हेड कांस्टेबल निर्मल सिंह को सस्पेंड भी कर दिया गया था।
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इन्होंने दी हुई है मंजूरी
तेल कारोबारी अरहंत कुमार ने जो मंजूरी पत्र दिखाया है, उसमें दमकल विभाग, लोक निर्माण विभाग, कंट्री एंड टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट एवं एमओएसटी, डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लानर की एनओसी के बाद 16 जुलाई 2018 को सुपर केरोसिन ऑयल वितरण के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट फतेहाबाद के ऑर्डर दिए हुए हैं। तेल कारोबार स्थल का पूरा नक्शा भी साथ संलग्न किया हुआ है।
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कोट
तेल कारोबारी अरहंत कुमार ने अभी तक पुलिस के समक्ष कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है। अगर दस्तावेज सही है तो उनकी जांच प्रक्रिया के बाद उच्च अधिकारियों की राय ली जाएगी।
कपिल सिहाग, प्रभारी, भूना थाना पुलिस